शिफ्टों में काम करने के दुष्प्रभाव को कम कर सकता है व्यायाम: अध्ययन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Feb 20 2019 6:24PM
शिफ्टों में काम करने के दुष्प्रभाव को कम कर सकता है व्यायाम: अध्ययन
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‘द जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी’ में प्रकाशित अध्ययन में पता चला कि सुबह सात बजे या दिन में एक से चार बजे के बीच व्यायाम ‘बॉडी क्लॉक’ को थोड़ा पहले कर देता है जबकि शाम सात बजे से रात दस बजे के बीच व्यायाम ‘बॉडी क्लॉक’ को आगे बढ़ा देता है।

वाशिंगटन। अलग अलग पाली (शिफ्ट) में काम करने, ‘जेट लैग’ और बॉडी क्लॉक को बाधित करने वाले अन्य प्रकार के दुष्प्रभावों को कम करने में व्यायाम अहम भूमिका निभा सकता है। व्यायाम व्यस्त दिनचर्या से पैदा होने वाली थकान से निपटने में भी लोगों की मदद कर सकता है। ‘जेट लैग’ अलग अलग समय जोन में यात्रा करने पर व्यक्ति की नींद में आने वाली दिक्कत को कहते हैं। अमेरिका के कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो एवं एरिजोना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर अध्ययन के लिए करीब पांच दिन तक 101 प्रतिभागियों में व्यायाम के बाद शरीर की गतिविधियों का परीक्षण किया।

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‘द जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी’ में प्रकाशित अध्ययन में पता चला कि सुबह सात बजे या दिन में एक से चार बजे के बीच व्यायाम ‘बॉडी क्लॉक’ को थोड़ा पहले कर देता है जबकि शाम सात बजे से रात दस बजे के बीच व्यायाम ‘बॉडी क्लॉक’ को आगे बढ़ा देता है।

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एरिजोना विश्वविद्यालय के शॉन यंगस्टेट ने कहा कि ‘बॉडी क्लॉक’ पर व्यायाम के प्रभाव की तुलना करने वाला यह पहला अध्ययन है और यह अध्ययन ‘जेट लैग’ और अलग अलग पाली में काम करने के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद हेतु व्यायाम के इस्तेमाल की संभावना बता सकता है।

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