World Asthma Day 2026: प्रदूषण से बढ़ती 'सांस की बीमारी' के खिलाफ जंग, जानें इस साल की Special Theme

हर साल मई के महीने के पहले मंगलवार को पूरे विश्व में विश्व अस्थमा डे मनाया जाता है। हर साल 05 मई को भारत सहित कई देशों में मनाया जा रहा है। देश में बढ़ते प्रदूषण की वजह से अस्थमा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
हर साल मई के महीने के पहले मंगलवार को पूरे विश्व में विश्व अस्थमा डे मनाया जाता है। हर साल 05 मई को भारत सहित कई देशों में मनाया जा रहा है। देश में बढ़ते प्रदूषण की वजह से अस्थमा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य सिर्फ लोगों को अस्थमा जैसी बीमारी के प्रति जागरुक करना है और इसके सही इलाज और बचाव के उपायों की जानकारी देना है। तो आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम के बारे में...
इतिहास
साल 1998 में विश्व अस्थमा दिवस का पहला आयोजन ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा द्वारा 35 से ज्यादा देशों के स्वास्थ्य सेवा समूहों और शिक्षाविदों के सहयोग से किया गया था। बता दें कि एक दिवसीय जागरूकता अभियान के रूप में शुरू हुआ यह दिन अब साल भर चलने वाले आंदोलन में बदल गया है। जिसमें हर साल अस्थमा प्रबंधन में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने के लिए विशेष विषय निर्धारित किए जाते हैं।
उद्देश्य
अस्थमा के बारे में जागरूकता फैलाना
निदान और इलाज में सुधार करना
अस्थमा से होने वाली मौतों को कम करना
जरूरी इनहेलरों तक पहुंच को बढ़ावा देना आदि शामिल है
थीम
हर साल वर्ल्ड अस्थमा दिवस पर एक खास थीम रखी जाती है। इस बार यानी की साल 2026 की थीम 'अस्थमा से पीड़ित सभी लोगों के लिए सूजनरोधी इनहेलर की उपलब्धता, अब भी एक अत्यावश्यक आवश्यकता है' रखी गई है।
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