Unlock 2 के 29वें दिन कोरोना को हराने वालों की संख्या 10 लाख पार, अनलॉक-3 के दिशानिर्देश जारी

Coronavirus
कोविड-19 की जद में आने के केवल चार दिन पहले मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने महामारी के संक्रमण काल में उनके सघन दौरों को लेकर मीडिया के सवालों पर कहा था-‘‘अपने जीवन में डर नाम की कोई चीज नहीं है।

देश में कोविड-19 से ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या तेजी से 10 लाख के करीब पहुंच रही है, जबकि केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की समन्वित ”जांच, नजर रखने, उपचार करने” की समन्वित नीति से इस बीमारी से होने वाली मृत्यु दर में भी लगातार कमी आ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह बात कही। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत में कोविड-19 मृत्यु दर (सीएफआर) वैश्विक सीएफआर के मुकाबले कम है। सीएफआर 19 जून के 3.3 प्रतिशत के मुकाबले बुधवार को घटकर 2.23 प्रतिशत रह गई जो एक अप्रैल के बाद से सबसे कम है। इसमें कहा गया, “न सिर्फ सीएफआर नीचे रहा बल्कि प्रभावी निषिद्ध रणनीति, आक्रामक जांच और मानकीकृत नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकाल की वजह से छह दिनों से लगातार 30 हजार से ज्यादा कोविड-19 मरीज ठीक हो रहे हैं।” बुधवार को 24 घंटों के दौरान 35,286 मरीजों को छुट्टी मिलने के साथ ही इस बीमारी से ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 9,88,029 हो गई। कोविड-19 मरीजों के ठीक होने की दर भी बढ़कर 64.51 प्रतिशत हो गई है। मंत्रालय ने कहा, “स्वस्थ होने वालों में सतत बढ़ोतरी से ठीक हो चुके मरीजों और इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में अब फिलहाल 4,78,582 का अंतर है।” देश में उपचार करा रहे कोविड-19 मरीजों की संख्या फिलहाल 5,09,447 है। इसमें कहा गया कि मंगलवार को कुल 4,08,855 नमूनों की जांच की गई। प्रति 10 लाख आबादी पर अब 12,858 जांच हो रही हैं और देश में अब तक कुल जांच का आंकड़ा 1.77 करोड़ के पार पहुंच चुका है। देश में अब 1316 प्रयोगशालाओं के माध्यम से कोविड-19 जांच को अंजाम दिया जा रहा है। इनमें से 906 सरकारी क्षेत्र की हैं और 410 निजी क्षेत्र से। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 के 48,513 नए मामले आने के साथ देश में कुल मामले बढ़कर 15,31,669 हो गए हैं जबकि पिछले 24 घंटों में 768 और लोगों की मौत होने से देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 34,193 हो गई।

अनलॉक 3 गाइडलाइंस

सरकार ने देशभर में अनलॉक 3 के लिए बुधवार को दिशानिर्देश जारी कर दिये जिनमें निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर और अधिक गतिविधियों की अनुमति दी गयी है, लेकिन स्कूल, कॉलेज, मेट्रो रेल सेवाएं, सिनेमाघर और बार 31 अगस्त तक बंद रहेंगे। राजनीतिक और धार्मिक समागमों पर भी रोक जारी रहेगी। कोरोना वायरस के कारण 25 मार्च से लागू लॉकडाउन के बाद से सरकार ने पहली बार योग संस्थानों और जिम को पांच अगस्त से खुलने की अनुमति दी है जिसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय अलग से मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से गहन विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान 31 अगस्त तक बंद रहेंगे। हालांकि मंत्रालय के अनुसार, रात में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी (रात्रिकालीन कर्फ्यू) को हटा लिया गया है। ‘अनलॉक 3’ के दिशानिर्देश एक अगस्त से प्रभाव में आएंगे और निषिद्ध क्षेत्रों में 31 अगस्त तक लॉकडाउन कड़ाई से लागू रहेगा। प्रतिबंधित गतिविधियों में मेट्रो रेल सेवाएं, सिनेमाघर, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार और सभागारों का खुलना शामिल है। सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोह और अन्य समागम भी 31 अगस्त तक प्रतिबंधित रहेंगे। इनके अतिरिक्त निषिद्ध क्षेत्र के बाहर अन्य सभी गतिविधियों की इजाजत होगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि इन गतिविधियों को शुरू करने की तारीखें स्थिति का आकलन करने के बाद अलग से तय की जाएंगी। दिशानिर्देशों के अनुसार, सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित करने की अनुमति रहेगी जिसमें मास्क पहनने समेत अन्य स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना भी अनिवार्य होगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि वंदे भारत मिशन के तहत सीमित तरीके से अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा की अनुमति होगी। अन्य अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों की आवाजाही चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी।

रेलवे के पृथक-वास डिब्बों में 500 से अधिक रोगी भर्ती हुए

देश के तीन राज्यों में विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर कोविड-19 रोगियों के पृथक-वास के लिए लगाये गये रेलवे के डिब्बों में अब तक 500 से अधिक रोगियों को भर्ती किया जा चुका है जिनमें 12 लोगों को बुधवार को भर्ती किया गया। रेलवे के आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी। रेलवे ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में 36 स्टेशनों पर 813 कोच लगाये हैं जिनमें अब तक 508 रोगियों को भर्ती कराया जा चुका है। इनमें से 406 को छुट्टी भी दी जा चुकी है। बाकी 102 संक्रमित दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन पर पृथक-वास कोच में भर्ती हैं। इस समय दिल्ली में 10 रेलवे स्टेशनों पर 503 डिब्बे, उत्तर प्रदेश के 10 स्टेशनों पर 270 डिब्बे और बिहार के एक स्टेशन पर 40 कोच पृथक-वास के लिए खड़े हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार इन परिवर्तित रेलवे कोच का इस्तेमाल बहुत मामूली लक्षण वाले संक्रमितों के लिए किया जा सकता है। तीनों राज्यों में रेलवे के इन डिब्बों में कुल 12,472 बिस्तर हैं।

हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के 34 नए मामले

हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के 34 नए मामले आने के साथ ही बुधवार को राज्य में अभी तक कुल 2,365 लोग के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव निपुण जिंदल ने बताया कि राज्य में फिलहाल 1,012 लोग का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि आज आए नए मामलों में से कांगड़ा से 11, मंडी और कुल्लू से सात-सात, सिरमौर, हमीरपुर, किन्नौर और शिमला से दो-दो और सोलन से एक मामला सामने आया है। मंडी जिले के एक अधिकारी ने बताया कि सात नए मामलों में जोगिन्दर नगर तहसील की दो साल की एक बच्ची और एक महिला भी हैं। राज्य में वायरस से अभी तक 13 लोग की मौत हुई है। 1,323 लोग इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हुए हैं और 15 राज्य से बाहर चले गए हैं।

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महाराष्ट्र में कोविड-19 के 9,211 नये मरीज

महाराष्ट्र में बुधवार को 9,211 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होने के साथ प्रदेश में कोविड-19 मरीजों की संख्या चार लाख के पार यानी 4,00,651 हो गई। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि इस अवधि में जिन 298 लोगों ने अपनी जान संक्रमण की वजह से गंवाई उनमें से 60 अकेले मुंबई महानगर के हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 14,463 हो गई है। टोपे ने बताया कि इस अवधि में संक्रमण मुक्त हुए 7,478 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई जिन्हें मिलाकर ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 2,39,755 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 1,46,129 मरीज उपचाराधीन हैं। वहीं अबतक महाराष्ट्र में 20,16,234 नमूनों की जांच की गई है।

धूम्रपान से कोविड-19 संक्रमण का खतरा बढ़ता है

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि इस बात के प्रमाण सामने आ रहे हैं कि धूम्रपान से कोविड-19 के संक्रमण का खतरा बढ़ता है और संक्रमित व्यक्ति के लिए यह और खतरनाक हो सकता है। डॉ. हर्षवर्धन ने एक ई-पुस्तिका के विमोचन के अवसर पर कहा कि अल्कोहल के नशे से भी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने समेत अन्य प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य मादक पदार्थों को लेकर भी इसी तरह के अनुमान हैं। कोविड-19 के दौर में व्यसनों की चुनौतियों से निपटने के महत्व पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘विश्व मादक पदार्थ रिपोर्ट 2020’ सुझाती है कि कोविड-19 के अन्य उस तरह के नतीजे भी हो सकते हैं जैसे कि पहले के आर्थिक संकटों में सामने आये हैं। आर्थिक मंदी की वजह से गरीब और वंचित लोग मादक पदार्थों का इस्तेमाल करने लगते हैं और इसके दुष्परिणाम भुगतते हैं। डॉ. हर्षवर्धन ने इस विषय से निपटने के लिए लगातार जन-जागरुकता अभियान चलाते रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक सामाजिक मुद्दा है और चिकित्सा बिरादरी तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले लोगों और धार्मिक संगठनों को जागरुकता फैलाने में शामिल होना चाहिए। जागरूकता और समाज तथा चिकित्सा जगत के बीच तालमेल व्यसनों से लड़ने की कुंजी है जिससे नये भारत का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना साकार होने में मदद मिलेगी।''

कर्नाटक में कोविड-19 के 5,503 नए मामले

कर्नाटक में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 5,503 नए मामले आए हैं वहीं संक्रमण से 92 लोग की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राज्य में अभी तक कुल 1,12,504 लोग के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है वहीं संक्रमण से 2,147 लोग की मौत हुई है। दिन भर में कुल 2,397 लोग को अस्पतालों से छुट्टी मिली है। आज आए 5,503 नए मामलों में से 2,270 सिर्फ बेंगलुरु शहर से आए हैं। आज लगातार छठे दिन राज्य में 5,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं।

मध्य प्रदेश में 917 नए मामले सामने आये

मध्य प्रदेश में बुधवार को कोरोना वायरस के एक दिन में अब तक के सबसे अधिक 917 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की कुल संख्या बढ़कर 30,134 हो गयी। राज्य में पिछले 24 घंटे में इस बीमारी से 14 और व्यक्तियों की मौत हो गई जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 844 हो गयी है। मध्य प्रदेश के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से भोपाल में चार, इंदौर में दो और उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, बड़वानी, रतलाम, सीहोर, होशंगाबाद एवं उमरिया में एक-एक मरीज की मौत हुई है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 308 मौत इन्दौर में हुई है। भोपाल में 164, उज्जैन में 74, सागर में 32, जबलपुर में 27, बुरहानपुर में 23, खंडवा में 19 एवं खरगोन में 17 लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में बुधवार को कोविड—19 के सबसे अधिक 199 नये मामले भोपाल जिले में सामने आये हैं, जबकि बड़वानी में 101, इंदौर में 74, ग्वालियर में 79, जबलपुर में 41 और रीवा एवं राजगढ़ में 35-35 नये मामले आये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 30,134 संक्रमितों में से अब तक 20,934 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गये हैं और 8,356 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि बुधवार को 591 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 3,191 निषिद्ध क्षेत्र हैं।

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,035 नए मामले

दिल्ली में बुधवार को 1,035 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 1,33,310 हो गई। इसके अलावा 26 रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 3,907 तक पहुंच गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार सोमवार को कुल 613 मामले सामने आए थे, जो बीते दो महीने में सबसे कम थे। मंगलवार को 1,056 मामले सामने आए थे। बुलेटिन में कहा गया है कि दिल्ली में अब भी 10,770 लोग उपचाराधीन हैं। मंगलवार को रोगियों की संख्या 10,887 थी। दिल्ली में 23 जून को एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 3,947 मामले सामने आए थे।

संक्रमण के 3570 नए मामले

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 संक्रमित 33 और लोगों की मौत हो गई तथा संक्रमण के 3570 नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कोविड-19 से संक्रमित 33 और लोगों की मौत हो गई। लखनऊ और कानपुर नगर में सबसे ज्यादा पांच-पांच मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा झांसी में तीन बस्ती में दो जबकि गौतम बुद्ध नगर, बरेली, गोरखपुर, हापुड़, बाराबंकी, अयोध्या, सहारनपुर, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, सिद्धार्थ नगर, कन्नौज, बिजनौर, इटावा, रायबरेली, शामली, प्रतापगढ़, हमीरपुर और अंबेडकर नगर में एक एक मरीज की मृत्यु हो गई। इस प्रकार प्रदेश में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1530 हो गई है। बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोविड-19 के 3570 नए मरीजों के बारे में पता लगा है। इनमें लखनऊ में सबसे ज्यादा 262 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा कानपुर में 260, गोरखपुर में 177, बरेली में 162, प्रयागराज में 150, मुरादाबाद में 144, भदोही में 103 और बलिया में 100 नए मरीजों का पता लगा है। प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 1287 मरीज पूरी तरह ठीक होकर डिस्चार्ज हो गए। प्रदेश में अब तक 45807 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। राज्य में इस वक्त उपचाराधीन मामलों की कुल संख्या 29997 है। इसके पूर्व, राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि इस समय पृथक वार्ड में 30008 लोगों को रखकर उनका इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा फैसिलिटी क्वॉरेंटाइन में इस समय 3160 लोग हैं जिनके नमूने लेकर उनकी जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद जैसी स्थिति होगी उसके हिसाब से उनकी चिकित्सा की व्यवस्था की जाएगी। प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कल 87754 नमूने की जांच की गई इनमें से 52195 एंटीजन से और बाकी जांच ट्रूनेट तथा अन्य माध्यम से की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 2120843 नमूनों की जांच की जा चुकी है। जिलों के द्वारा प्रयोगशालाओं को लगातार नमूने भेजे जा रहे हैं और कल भी जिलों के जरिए प्रयोगशालाओं को 35163 नमूने भेजे गए थे।

मरीज को पांच लाख का बिल थमाया, मंत्री नाराज

बेंगलुरु में एक निजी अस्पताल द्वारा कोरोना वायरस के मरीज से कथित तौर पर पांच लाख रुपये की फीस लेने पर संज्ञान लेते हुए कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने बुधवार को कहा कि वह अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। राज्य में कोविड-19 प्रबंधन के प्रभारी डॉ. सुधाकर ने अपने टि्वटर हैंडल पर अपोलो अस्पतालों के बिल पोस्ट किए और कहा कि अस्पताल सरकार के दिशा निर्देशों और चेतावनियों की कथित तौर पर अवहेलना कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मालूम हुआ है कि अपोलो अस्पतालों में मरीजों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। मैंने कई बार इसे आगाह किया है।’’ सरकार ने निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले कोविड-19 मरीजों के लिए एक दिन में 5,000 रुपये से 15,000 रुपये का शुल्क तय किया है। अपोलो अस्पताल से संपर्क करने पर उसने कहा, ‘‘मंत्री के साथ संवाद में कुछ गलती हो गई है। हमारे प्रबंधन ने उन्हें जानकारी दे दी है।’’ अस्पताल के एक कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि बीमा शुल्क के अनुसार बिल बनाया गया। उन्होंने बताया कि 64 वर्षीय मरीज को तीन जुलाई को आईसीयू में भर्ती कराया गया और वह आईसीयू में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मरीज के परिवार को बिल से कोई दिक्कत नहीं है। बल्कि मरीज का बेटा भी चिकित्सा क्षेत्र में है और वह स्थिति को बहुत अच्छी तरह से समझता है।’’ जब मरीज के बेटे से संपर्क किया गया तो उसने कहा कि वह कोई टिप्पणी नहीं करेगा क्योंकि मरीज अब भी अस्पताल में है। मरीज के बेटे ने कहा, ‘‘हमारी प्राथमिकता पिता के पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद उन्हें अस्पताल से बाहर लाना है। इस समय मैं मामले पर टिप्पणी कर इसे और उलझाना नहीं चाहता।’’

आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के 10,093 नए मामले

आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 10,093 नए मामले आने के साथ ही राज्य में बुधवार तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 1.20 लाख के पार पहुंच गयी है। सरकार ने बताया कि राज्य में अभी तक 1,20,390 लोग के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। बयान के मुताबिक, सुबह नौ बजे तक पिछले 24 घंटे में राज्य में रिकॉर्ड 70,584 जांच हुई है। राज्य में इस अवधि कोविड-19 से 65 लोगकी मौत हुई है, राज्य में संक्रमण से अभी तक 1,213 लोग की मौत हुई है। राज्य में कोविड-19 के नए मामले आने की दर बढ़कर 6.61 प्रतिशत हो गयी है वहीं लोगों के संक्रमण मुक्त होने की दर 46.02 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्री एकेके श्रीनिवास का कहना है कि बड़ी संख्या में कोविड-19 की जांच होने के कारण नए मामले भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

बिहार में कोरोना वायरस से संक्रमण के 2,328 नए मामले

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान चार और व्यक्ति की मौत हो गयी जिन्हें मिलाकर अबतक प्रदेश में 273 लोग इस महामारी में अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं प्रदेश में इस अवधि में 2,328 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुयी है। इसके साथ बिहार में कोविड-19 की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 45,919 हो गयी है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान गया में दो तथा अररिया एवं पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की मौत हुयी है जिन्हें मिलाकर कुल मृतकों की संख्या 273 तक पहुंच गयी है। बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से अबतक जिन 273 लोगों की मौत हुई है उनमें से पटना में 41, भागलपुर में 26, गया में 19, नालंदा में 15, रोहतास में 13, मुंगेर एवं मुजफ्फरपुर में 11-11, दरभंगा, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण एवं समस्तीपुर में 10-10, पश्चिम चंपारण एवं सारण में नौ-नौ, भोजपुर एवं सिवान में सात-सात, नवादा में छह, अररिया, खगड़िया एवं वैशाली में पांच-पांच, औरंगाबाद, जहानाबाद, किशनगंज, पूर्णिया एवं सीतामढ़ी में चार-चार, कैमूर, कटिहार एवं लखीसराय में तीन-तीन, अरवल, बांका, बक्सर एवं मधुबनी में दो-दो तथा गोपालगंज, जमुई, मधेपुरा, सहरसा, शेखपुरा, शिवहर एवं सुपौल जिले में एक-एक मौत शामिल है। बिहार में मंगलवार अपराह्न चार बजे से बुधवार चार बजे तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 2,328 नए मामले प्रकाश में आए जिन्हें मिलाकर राज्य में कुल कोविड-19 मरीजों की संख्या 45,919 हो गये हैं। बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के अबतक जो 45,919 मामले प्रकाश में आए उनमें पटना जिला के 7,818, भागलपुर के 2,392, मुजफ्फरपुर के 1,977, गया के 1,891, नालंदा के 1,861, रोहतास के 1,820, बेगूसराय के 1,567, सारण के 1,446, भोजपुर के 1,413, सिवान के 1,394, पश्चिम चंपारण के 1,247, नवादा के 1,242, समस्तीपुर के 1,140, वैशाली के 1,107, पूर्णिया के 1,096, पूर्वी चंपारण 1,046, मुंगेर के 1,015, खगडिया के 992, कटिहार के 991, मधुबनी के 968, बक्सर के 890, गोपालगंज के 859, औरंगाबाद के 854, जहानाबाद के 829, सुपौल के 788, दरभंगा के 762, जमुई के 734, लखीसराय के 726, किशनगंज के 638, मधेपुरा के 630, सहरसा के 604, बांका के 546, अररिया के 524, शेखपुरा के 505, अरवल के 483, सीतामढी के 434 कैमूर के 422 तथा शिवहर जिले के 268 मामले शामिल हैं। बिहार में पिछले 24 घंटे के भीतर 17,794 नमूनों की जांच की गयी और कोरोना वायरस संक्रमित 1,284 मरीज ठीक हुए।

गुजरात में कोविड-19 की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बुधवार को कहा कि ठीक होने की दर 74 प्रतिशत और मृत्यु दर चार प्रतिशत के साथ गुजरात में कोरोना वायरस की स्थिति कई अन्य राज्यों से बेहतर है।  राज्य में मंगलवार को सामने आए कोविड-19 के 1100 से ज्यादा मामलों का हवाला देते हुए रूपाणी ने कहा कि संक्रमण के नए मामलों के हिसाब से गुजरात 12 वें स्थान पर है। अहमदाबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर राजकोट में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश में हर दिन कोविड-19 के करीब 50,000 मामले आ रहे हैं। मंगलवार को गुजरात में 1108 मामले आए, जबकि आंध्र प्रदेश में 7948, महाराष्ट्र में 7717, तमिलनाडु में 6972 और कर्नाटक में 5536 मामले आए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नए मामलों के हिसाब से गुजरात 12 वें स्थान पर है। एक समय हमारे यहां मृत्यु दर देश में सबसे ज्यादा सात प्रतिशत थी। अब यह चार प्रतिशत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे यहां ठीक होने की दर 74 प्रतिशत है। अन्य राज्यों की तुलना में गुजरात की स्थिति बेहतर है।’’ उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और मुख्य सचिव अनिल मुकिम के साथ रूपाणी ने राजकोट का दौरा किया। शहर और जिले के ग्रामीण इलाके में संक्रमण के बढ़ते मामलों की समीक्षा के लिए उन्होंने यहां का दौरा किया। राजकोट शहर से मंगलवार को 49 मामले आए और ग्रामीण इलाके से 30 मामले आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच बढ़ायी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर आगामी दिनों में राजकोट में अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढायी जाएगी। गुजरात में मंगलवार तक कोरोना वायरस के 57,982 मामले आए और 2372 लोगों की मौत हुई।

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तमिलनाडु में कोविड-19 के 6,426 नये मामले

तमिलनाडु में बुधवार को कोविड-19 के 6,426 नये मामले सामने आये, जिसे मिलाकर राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2,34,114 हो गई, जबकि संक्रमण के कारण 82 और मौतें होने के साथ राज्य में बीमारी से मरने वालों की संख्या 3,741 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन में कहा गया कि अस्पतालों से 5,927 लोगों को छुट्टी मिलने के बाद राज्य में ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,72,883 हो गई। राज्य में अब 57,490 मरीजों का इलाज चल रहा है। चेन्नई में आज 1,117 नए मामले सामने आये, जिससे महानगर में संक्रमितों की कुल संख्या 97,575 तक पहुंच गई।

सिक्किम में 17 और व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव

सिक्किम में बुधवार को 17 और व्यक्तियों की कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके साथ ही प्रदेश में कुल कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़कर 596 हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव सह महानिदेशक डॉक्टर पेम्पा टी भूटिया ने बताया कि सभी नये मामले पूर्वी सिक्किम जिले में सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि इस समय 397 उपचाराधीन मरीज हैं जबकि 198 कोविड-19 मरीज ठीक हो चुके हैं। डॉ. भूटिया ने बताया कि सिक्किम में मरीज की कोविड-19 की वजह से मौत हुई है। उन्होंने बताया कि पूर्वी सिक्किम जिले में कोविड-19 के सबसे अधिक 403 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा दक्षिण सिक्किम जिले में 139, पश्चिमी सिक्किम जिले में 41 और उत्तरी सिक्किम जिले में एक मामला सामने आया है।

केरल में कोविड-19 के 903 नये मरीज

केरल में बुधवार को 903 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई जिनमें से 30 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 21 हजार के पार यानी 21,797 हो गई है। राज्य में कोविड-19 से एक और मौत दर्ज होने के साथ केरल में इस महामारी से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 68 हो गई है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने एक विज्ञप्ति में बताया कि इस समय 10,351 मरीज उपचाराधीन हैं जबकि 11,369 मरीज ठीक हो चुके हैं जिनमें से 641 मरीजों को बुधवार को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को 1,167 नये मामले आने के बाद बुधवार को नये संक्रमितों की संख्या में आंशिक कमी आई। शैलजा ने बताया कि तिरुवनंतपुरम जिले में अब तक सबसे अधिक 3,023 कोविड-19 मरीज सामने आए हैं और बुधवार को भी यहां सबसे अधिक 213 नये मामले सामने आए जिनमें से 138 कोविड-19 मरीजों के संपर्क में आने की वजह से संक्रमित हुए। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि तिरुवनंतपुरम के अलावा मलाप्पुरम में 87, कोल्लम में 84, एर्नाकुलम में 83, कोझिकोड में 67, पथनमथिट्टा में 54, पलक्कड-कासरगोड में 49-49 नये मामले सामने आए। उन्होंने बताया कि मलाप्पुरम में 67 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत कोविड-19 की वजह से हुई है। इस प्रकारा राज्य में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 68 हो गई है। शैलजा ने बताया कि जिन लोगों के बुधवार को संक्रमित होने की पुष्टि हुई उनमें से 90 विदेश से लौटे थे जबकि 71 दूसरे राज्यों से केरल आए हैं। वहीं 706 लोग कोविड-19 मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। हालांकि, 35 लोगों के संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि इस समय राज्य में 1,47,132 लोगों को निगरानी में रखा गया है जिनमें से 1,37,075 गृह या संस्थागत पृथकवास में हैं जबकि 10,057 लोग अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से 1,475 को बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक केरल में दिन में 23,924 नमूनों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अबतक 7,33,413 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं जिनमें से 7,037 नमूनों के नतीजों का इंतजार है।

समान वितरण सुनिश्चित करने को कहा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को ‘रेमडेसिविर’ और ‘टोसिलिजुमैब’ दवा का समान वितरण सुनिश्चित करने को कहा है। इन दोनों दवाओं को देश के लिए तैयार कोविड-19 उपचार प्रोटोकॉल में ‘संभावित इलाज पद्धति’ के तौर पर शामिल किया गया है। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इसकी उपलब्धता विषम नहीं हो और यह दवा केवल महानगरों तक सीमित नहीं हो। मंत्रालय ने डीसीजीआई को लिखे पत्र में यह पता लगाने को कहा कि कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ये दवाएं उपलब्ध हैं और कहां अभी इनकी आपूर्ति और वितरण संबंधित कंपनियों द्वारा नहीं किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा, ‘‘मुझे निर्देश मिला है कि कोविड-19 चिकित्सकीय प्रबंधन नियमावली के तहत संभावित इलाज पद्धति में शामिल रेमडेसिविर और टोसिलिजुमैब की उपलब्धता के अलावा इसके भौगोलिक वितरण तथा पहुंच की निगरानी की जाए।’’ मंत्रालय द्वारा 27 जुलाई को लिखे पत्र में कहा गया, ‘‘मंत्रालय को इस बात से अवगत कराया जाए कि कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक यह दवा पहुंच रही है और क्या ऐसा कोई राज्य है जो कंपनियों द्वारा संबंधित दवा की आपूर्ति और वितरण से छूट गया है।’’ गौरतलब है कि मंत्रालय ने कोविड-19 चिकित्सकीय प्रबंधन में रेमडेसिविर (केवल आपात स्थिति में) और टोसिलजुमैब (मध्यम श्रेणी के लक्षण आने पर) के इस्तेमाल को संभावित इलाज पद्धति के रूप में शामिल करने की अनुमति दी है। संभावित इलाज पद्धति में उन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है जिनका इलाज में प्रभाव पुख्ता तौर पर प्रमाणित नहीं हुआ होता है।

दो कंपनियों के साथ समझौता किया

ब्रिटिश सरकार ने कोविड-19 के टीके के लिये औषधि विनिर्माता ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन (जीएसके) और सनोफी पास्चर के साथ एक समझौते की बुधवार को घोषणा की। इसके तहत करीब छह करोड़ टीके का प्रायोगिक परीक्षण किया जाएगा। ब्रिटिश औषधि विनिर्माता जीएसके और फ्रांस की सनोफी के साथ किये गये समझौते के तहत ब्रिटेन को सनोफी फ्लू टीका उत्पादित करने के लिये उपयोग में लाये जाने वाले मौजूदा डीएनए आधारित प्रौद्योगिकी पर छह करोड़ टीके की आपूर्ति की जाएगी। जब यह अनिश्चित है कि दुनिया में विकास के विभिन्न्न चरण के तहत कोविड-19 का क्या कोई टीका आखिरकार काम करेगा, ऐसे में बिटिश सरकार ने कहा है कि यह समझौता देश में टीका विकसित करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित करेगा। ब्रिटिश कारोबार मंत्री आलोक शर्मा ने कहा, ‘‘हमारे वैज्ञानिक और अनुसंधानकर्ता अब तक की सबसे तीव्र गति से एक सुरक्षित और कारगर टीका विकसित करने में जुटे हुए हैं। इस दिशा में प्रगति सचमुच में उल्लेखनीय है, लेकिन यह तथ्य भी बरकरार है कि इसमें सफलता मिलने की कोई गारंटी नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बीच, यह महत्वपूर्ण है कि टीका विकसित कर रही जीएसके और सनोफी जैसी कंपनियों के साथ समझौता कर लिया है, ताकि कारगर टीका की गुंजाइश बढ़ सके और हम लोगों की जान बचा सकें।’’ यदि जीएसके और सनोफी का टीका मानव पर किये जाने वाले अध्ययन में कारगर साबित होता है ब्रिटेन प्राथमिकता वाले समूहों का टीकाकरण करने में सक्षम हो जाएगा, जिनमें अग्रिम मोर्चे के स्वास्थ्यकर्मी और सामाजिक देखभाल कार्यकता शामिल हैं। यह 2021 की गर्मियों तक हो सकेगा। टीके का मानव पर क्लीनिकल अध्ययन सितंबर में शुरू होगा, जिसका तीसरे चरण का अध्ययन दिसंबर 2020 में होगा। सरकार ने ताजा घोषणा के साथ कहा है कि उसने चार अलग-अलग तरह के टीकाकरण और 25 करोड़ खुराक तक समय से पहले पहुंच कायम कर ली है। इससे ब्रिटेन के द्रुत गति से एक सुरक्षित एवं कारगर टीका प्राप्त करने की संभावना बढ़ गई है। सरकार के टीका कार्यबल की अध्यक्ष केट बिंघम ने कहा, ‘‘टीके की यह विविधता महत्वपूर्ण है क्योंकि हम नहीं जानते कि कौन सा टीका उत्पादित करना कोविड-19 के लिये सुरक्षित प्रतिक्रिया होगी।’’ इस महीने की शुरूआत में ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की थी कि उसने बायोनटेक/ फाइजर गठजोड़ और वालनेवा के साथ साझेदारी के तहत कोविड-19 टीके के नौ करोड़ खुराक की व्यवस्था की है।

-नीरज कुमार दुबे

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