International Yoga Day 2026: क्यों 21 June को ही मनाया जाता है योग दिवस? जानिए Summer Solstice से इसका गहरा Connection

आज के समय में दुनिया भर में योग की लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ रही है और लाखों लोगों ने इसको अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है। हम आपको अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास, थीम और महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।
हर साल 21 जून को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन बनाने का एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है। आज के समय में दुनिया भर में योग की लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ रही है और लाखों लोगों ने इसको अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास, थीम और महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।
कैसे हुई शुरूआत
भारत की पहल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरूआत हुई थी। 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित करने का प्रस्ताव रखा। जिसके बाद 175 देशों का रिकॉर्ड समर्थन मिला और 11 नवंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र सभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। वहीं पहली बार 21 जून 2015 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था।
क्यों चुना गया ये दिन
बता दें कि साल का सबसे लंबा दिन 21 जून का होता है। जोकि ग्रीष्म संक्रांति का प्रतीक होता है। भारतीय परंपरा में इस दिन का विशेष महत्व होता है। योग के नजरिए से इसको प्राकृतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा एक अहम दिन माना जाता है।
थीम
हर साल इस दिन एक खास थीम रखी जाती है। साल 2026 की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' रखा गया है। इस थीम का उद्देश्य यह बताया है कि हर उम्र के लोगों के लिए योग फायदेमंद होता है। यह शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सेहत को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
महत्व
योग हमारे शरीर को मजबूत और संतुलित बनाने में सहायता करता है।
नियमित योगाभ्यास से चिंता और तनाव कम होता है।
योग मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है।
योग लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
योग भारत की प्राचीन संस्कृति और विरासत का वैश्विक प्रतीक बन गया है।
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