Cleaning Tips: मटके में हाथ डालकर करते हैं सफाई? ये Cleaning Mistake पड़ेगा भारी, नहीं मिलेगा ठंडा पानी

अधिकतर लोग सफाई के चक्कर में मटके को रगड़-रगड़कर इसके कूलिंग पोर्स को बंद कर देते हैं। जिस कारण पानी ठंडा होना बंद हो जाता है। इसलिए आज हम आपको मटका क्लीन करने के सही तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।
गर्मियों की शुरूआत के साथ ही फ्रिज के अलावा मिट्टी का मटका ठंडे पानी के लिए हर किसी को चाहिए होता है। लेकिन लोगों को अक्सर यह शिकायत रहती है कि कुछ दिनों बाद नया मटका भी पानी ठंडा करना बंद कर देता है। जिसका सबसे बड़ा कारण मटका धोने का गलत तरीका है। क्योंकि मटका नया हो या पुराना, इसको साफ करने का एक ही तरीका होता है। जो मटके के कूलिंग पोर्स को सक्रिय रखता है। अधिकतर लोग सफाई के चक्कर में मटके को रगड़-रगड़कर इसके कूलिंग पोर्स को बंद कर देते हैं। जिस कारण पानी ठंडा होना बंद हो जाता है। इसलिए आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मटका क्लीन करने के सही तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।
नया-पुराना मटका कैसे करें साफ
अक्सर लोगों को लगता है कि नए और पुराने मटके को साफ करने का तरीका अलग होगा। लेकिन मटका नया हो या पुराना। इसको साफ करने का एक ही तरीका होता है। मटके की सफाई का उद्देश्य उन छोटे छिद्रों को खोलना है, जिससे पानी रिसकर बाहर आता है और वाष्पीकरण के जरिए पानी ठंडा होता है।
न करें ये गलती
हाथ डालकर मटके के अंदर सफाई करने की गलती नहीं करनी चाहिए। क्योंकि हमारे हाथों की चिकनाई और पसीना मटके के अंदरूनी छिद्रों को बंद कर सकता है। इसलिए हमेशा पानी भरकर हिलाकर मटके को साफ करना चाहिए। मटके के अंदरूनी हिस्से पर स्क्रबर या हाथ लगाकर सफाई नहीं करनी चाहिए।
24 घंटे करें इंतजार
नॉर्मल पानी से मटके को धोने के बाद पहले मटके को पूरा पानी से भर दें। अब 24 घंटे के लिए पानी से भरी बाल्टी में मटका रख दें। यह तरीका मटके की मिट्टी को सैटल करता है। वहीं पुराने मटके पर जमी गंदगी ढीली हो जाएगी। वहीं 24 घंटे पूरे होने के बाद इस पानी को फेंक दें।
नमक का यूज
अक्सर मटके के बाहरी हिस्से पर सफेद परत जम जाती है। जोकि ठंडक को रोकती है। इसलिए इसके बाहरी हिस्से पर सादा नमक डालें और इसको अच्छे से रगड़कर साफ कर लें। नमक एक नेचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। अंदर की सफाई के लिए भी थोड़ा सा नमक डालकर पानी के साथ खंगालें। लेकिन मटके के अंदर ब्रश या हाथ डालने की गलती न करें।
सूती कपड़े का इस्तेमाल
मटके को अच्छे से धोकर इसमें साफ पानी भरने के बाद इसके बाहरी हिस्से पर सूती कपड़ा लपेट दें। यह असरदार और पारंपरिक तरीका है। सूती कपड़ा मटके के बाहरी हिस्से पर नमी बनाए रखेगा। समय-समय पर कपड़े को गीला करते रहें। जब मटके पर लगा कपड़ा पानी सूखेगा, तो मटके के अंदर की गर्मी को बाहर खींचेगा। इससे मटके का पानी ठंडा रहेगा।
कहां रखें मटका
सफाई के साथ मटके को ऐसी जगह पर रखना चाहिए, जहां पर हवा का वेंटिलेशन अच्छा हो। खिड़की के पास या किसी खुली जगह पर रखने से वाष्पीकरण का प्रोसेस तेज होता है। लेकिन अगर आप मटके को बंद कोने में रखेंगी, तो यह कितना भी साफ क्यों न हो इसमें फ्रिज जैसा ठंडा पानी नहीं होगा।
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