नाक टूट जाने के बाद श्रुति हासन ने करवायी थी पूरे चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी, डेब्यू से पहले दिखती थीं ऐसी एक्ट्रेस

Shruti Haasan
रेनू तिवारी । Jan 28, 2022 3:50PM
कमल हसन की बेटी श्रुति हासन अपने मन की बात कहने से कभी नहीं कतराती हैं, खासकर जब फिल्म उद्योग में बॉडी शेमिंग और सौंदर्य मानकों जैसे विषयों पर वह अकसर बात करती नजर आती है। खूबसरत के मामले में सबको फैल कर देने वाली एक्ट्रेस श्रुति हासन हमेशा से ही ऐसी नहीं दिखती थीं।

कमल हसन की बेटी श्रुति हासन अपने मन की बात कहने से कभी नहीं कतराती हैं, खासकर जब फिल्म उद्योग में बॉडी शेमिंग और सौंदर्य मानकों जैसे विषयों पर वह अकसर बात करती नजर आती है। खूबसरत के मामले में सबको फैल कर देने वाली एक्ट्रेस श्रुति हासन हमेशा से ही ऐसी नहीं दिखती थीं। उन्होंने विदेश में अपने चहरे की प्लास्टिक सर्जरी करवाने के बाद ही उन्होंने फिल्मों में डेब्यू किया था। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने अपनी प्लास्टिक सर्जरी पर खुल कर बात की थी। उन्होंने बताया कि आखिर अपने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करवाने के लिए वह कैसे प्रेरित हुईं।

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 श्रुति हासन प्लास्टिक सर्जरी करवाने के लिए कैसे प्रेरित हुई

जब अभिनेत्री श्रुति हासन से पूछा गया कि क्या उन पर किसी तरह का कोई दबाव का  कि उन्हें अपने लुक को बदलना ही है? तब उन्होंने कहा, शुरूआत में कुछ दबाव था लेकिन मैं दबाव को खुद पर हावी नहीं करती थी। जहां तक मेरी नाक की सर्जरी की बात है, यह है एक विकल्प मैंने चुना, मेरी पहली फिल्म के बाद मेरी नाक पर चोट आ गई थी। मुझे जिस तरह से महसूस हुआ वह मुझे पसंद नहीं आया। मुझे यह पसंद नहीं आया। यह एक व्यक्तिगत पसंद थी। किसी ने मुझे इसे ठीक करने के लिए नहीं कहा। श्रुति ने कहा कि वह लगातार "आपका चेहरा बहुत पश्चिमी है, यह बहुत तेज है, यह बहुत मर्दाना है" जैसी टिप्पणियों का सामना कर रही थी।

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 प्लास्टिक सर्जरी को बढ़ाना नहीं देती है श्रुति हासन 

श्रुति ने कहा कि वह "प्लास्टिक सर्जरी को बढ़ावा नहीं देती" और यह एक व्यक्तिगत पसंद थी। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "अगर कोई अभिनेत्रियां आपसे कह रही हैं कि उन्होंने ऐसा नहीं किया है, तो वे खुले तौर पर झूठ बोल रही हैं क्योंकि लोगों के चेहरे इतने नहीं बदलते हैं। लेकिन यह सिर्फ एक ऐसी चीज है जिसके बारे में मैं बात करना चाहती थी। मैं प्रचार नहीं करती। मैं जो कहने की कोशिश कर रहा हूं वह है... यह आपके बालों को रंगने से कुछ हो सकता है, जैसे कि भारतीय महिलाएं जो महसूस करती हैं कि उन्हें अपनी त्वचा को ब्लीच करने या अपने बालों को गोरा करने या नीले रंग के कॉन्टैक्ट लेंस पहनने की जरूरत है ... यह है वही बात, है ना?" श्रुति ने आगे कहा, "आपको किसी भी चीज़ में फिट होने की ज़रूरत नहीं है, आप वही करें जो आपको करना है। अगर 40 साल की एक महिला को लगता है कि वह बोटॉक्स चाहती है क्योंकि इससे उसे बेहतर महसूस होता है, यह उसकी पसंद है और अगर उसे लगता है कि यह नहीं है वह जो चाहती है, वह उसकी भी पसंद है। मुझे लगा कि मुझे अपनी यात्रा के बारे में ईमानदार होना चाहिए।" 

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