25 प्रतिशत महिलाएं ही कराती है ब्रेस्ट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग: सर्वे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 31, 2019   18:13
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25 प्रतिशत महिलाएं ही कराती है ब्रेस्ट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग: सर्वे
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भारत में स्तन कैंसर होना दुर्लभ नहीं है। लगभग 86% भारतीय महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर क्या होता है, इस तथ्य से अच्छी तरह परिचित हैं। आश्चर्यजनक रूप से 49% भारतीय महिलाओं ने महसूस किया कि उन्हें स्तन कैंसर का खतरा है।

दिल्ली। भारत की सबसे तेज गति से बढ़ती बीमा कंपनी फ्यूचर जेनरली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी प्रा.लि. (एफजीआईएलआई) ने मॉमस्प्रेसो के साथ मिलकर राष्ट्रीय सर्वे के निष्कर्षों को सार्वजनिक किया है, जो यह समझने के लिए किया गया था कि भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरुकता कितनी है। भारतीय महिलाओं में होने वाला आम कैंसर है ब्रेस्ट कैंसर।

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हकीकत तो यह है कि भारत में महिलाओं में होने वाला हर चौथा कैंसर ब्रेस्ट कैंसर है। ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ (बीसीएएम) के परिप्रेक्ष्य में फ्यूचर जेनरली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस और भारत में महिलाओं के सबसे बड़े यूजर-जनरेटेड कंटेंट प्लेटफार्म मॉमस्प्रेसो ने महिलाओं के बीच इस मुद्दे पर बातचीत बढ़ाने और ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े लक्षणों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए एक सर्वेक्षण किया। यह आवश्यक है कि महिलाएं स्तन कैंसर से जुड़े आम लक्षणों को जानें, जैसे गांठ और स्तन की त्वचा की मोटाई बढ़ना, और यह समझें कि शीघ्र मूल्यांकन और जल्दी पता लगाने से परिणाम में सुधार होता है।

ब्रेस्ट कैंसर के बारे में उच्च-स्तरीय जागरुकता 

भारत में स्तन कैंसर होना दुर्लभ नहीं है। लगभग 86% भारतीय महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर क्या होता है, इस तथ्य से अच्छी तरह परिचित हैं। आश्चर्यजनक रूप से 49% भारतीय महिलाओं ने महसूस किया कि उन्हें स्तन कैंसर का खतरा है। हालांकि इतनी उच्च जागरूकता के बाद भी स्क्रीनिंग करवाने वाली महिलाओं की संख्या काफी कम है।

ब्रेस्ट स्क्रीनिंग को नहीं दिया जाता महत्व 

ब्रेस्ट कैंसर जागरुकता सर्वेक्षण के निष्कर्षों के अनुसार 33% उत्तरदाताओं को लगता है कि उन्हें स्क्रीनिंग की जरूरत नहीं है, जबकि 31% ने कहा कि स्तन कैंसर के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट कराने के बारे में उन्हें पता ही नहीं था। इसके अलावा, 14% महिलाओं ने यह भी बताया कि वह आलसी हैं और उन्हें लगता है कि इस तरह की स्क्रीनिंग कराने के लिए उनकी आयु काफी कम है।  

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ब्रेस्ट कैंसर की जांच और उपचार के बारे में जानकारी का अभाव 

देशभर में जिन महिलाओं के बीच सर्वेक्षण कराया गया, उनमें से आधे से अधिक को यह नहीं पता था कि इस बीमारी की नियमित स्क्रीनिंग या जांच किस उम्र में कराई जानी चाहिए। लगभग 80% को कैंसर के विभिन्न उपचारों के बारे में जानकारी नहीं थी। हकीकत तो यह है कि ज्यादातर महिलाओं को सिर्फ कीमोथेरेपी ही एकमात्र उपचार के तौर पर उन्हें याद थी।  

सर्वेक्षण से पता चला कि दक्षिण भारत में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जांच को लेकर सेल्फ-एग्जामिनेशन के बारे में बहुत कम जानकारी है। हकीकत तो यह है कि 33 प्रतिशत महिलाओं को ही पता था कि वे सेल्फ-एग्जामिनेशन के जरिये भी इस बीमारी का परीक्षण कर सकती है। इसके अलावा 35% महिलाओं को मैमोग्राफी के तौर पर उपचार के एक विकल्प की जानकारी थी, जबकि 60% को सिर्फ कीमोथेरेपी की ही जानकारी थी। 

अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिन लोगों के बीच सर्वेक्षण कराया गया उनमें लगभग 12% महिलाएं स्वयं पीड़ित है या ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित रही है। इन ब्रेस्ट कैंसर फाइटर्स में एक बड़े हिस्से ने ब्रेस्ट में दर्द, परेशानी और स्तन के आकार और प्रकार में होने वाले परिवर्तन और उसमें होने वाली गांठों को इस रोग के टॉप 3 लक्षणों के तौर पर बताया। 

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महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बात करने में असहज होती है 

ब्रेस्ट कैंसर और इसके उपचारों के बारे में जागरूकता की कमी की वजहों में से एक महत्वपूर्ण कारक को सामने लाते हुए सर्वेक्षण ने पाया कि भारत में 57% महिलाएं अपने दोस्तों और परिजनों के साथ ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बात करने में जरा-भी सहज नहीं हैं। हालांकि, भारत में केवल 43% महिलाएं ही इस बीमारी पर खुलकर बोल पाती हैं। यह इस तथ्य की ओर भी इशारा करता है कि महानगरों में ब्रेस्ट कैंसर पर संवाद शुरू करने और जागरुकता फैलाने के लिए महिलाएं अपेक्षाकृत ज्यादा खुली है।  







कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फार्मकार्ट कारोबार विस्तार के लिये जुटायेगी 90 करोड़ रुपये

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:57
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कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फार्मकार्ट कारोबार विस्तार के लिये जुटायेगी 90 करोड़ रुपये
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मध्य प्रदेश स्थित कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनी फार्मकार्ट की योजना देशभर में कारोबार का विस्तार करने के लिये वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

मुंबई। मध्य प्रदेश स्थित कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनी फार्मकार्ट की योजना देशभर में कारोबार का विस्तार करने के लिये वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। कंपनी के संस्थापक अतुल पाटीदार ने पीटीआई-से कहा, ‘‘अभी हम मध्य प्रदेश में 1,240 स्थानों पर परिचालन कर रहे हैं।

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हमने शुरुआत में इस उपक्रम में 15 करोड़ रुपये निवेश किया। अब हम वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘मन की बात’ के एक एपिसोड में किसानों को डिजिटल तरीके से जोड़ने के प्रयासों के लिये पाटीदार की सराहना की थी।







घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंचीं : खरोला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:53
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घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंचीं : खरोला
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नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि घरेलू स्तर पर विमान सेवाएं कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं और अब पर्यटन उद्योग को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है।

मुंबई। नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि घरेलू स्तर पर विमान सेवाएं कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं और अब पर्यटन उद्योग को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है। खरोला ने शनिवार को फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ इंडियन टूरिजम एंड हॉस्पिटैलिटी (फेथ) द्वारा आयोजित वेबिनार ‘विमानन और पर्यटन-आगे की राह’ को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान हवाई यात्रा परिवहन का सुरक्षित साधन होने की वजह से सबसे पसंदीदा विकल्प बन गई है।

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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को घरेलू उड़ानों से 2.50 लाख लोगों ने यात्रा की। महामारी से पहले प्रतिदिन घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या औसतन 3.70 से 3.75 लाख रहती थी। इस तरह घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि और कारोबारी गतिविधियां शुरू होने तथा कॉलेज आदि खुलने के बाद आगामी दो से तीन माह में यह 80-90 प्रतिशत या सामान्य स्तर पर पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी कारोबारी यात्रा को सामान्य होने में समय लगेगा।

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हालांकि, दोस्तों और संबंधियों से मिलने जाना यानी पीएफआर खंड की वजह से आगे विमानन क्षेत्र की मांग बढ़ेगी। अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानें शुरू होने के बारे में खरोला ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सिर्फ हमारे ऊपर नहीं, बल्कि दूसरे पक्ष पर भी निर्भर करती हैं।’’ उन्होंने कहा कि घरेलू विमानन क्षेत्र पटरी पर लौट रहा है, अब पर्यटन उद्योग को फिर खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र की स्थिति सामान्य हो रही है। इससे पर्यटन उद्योग की स्थिति को भी सामान्य करने में मदद मिलेगी।







पंजाब ने जीएसटी राजस्व की भरपाई को कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प को स्वीकार किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:45
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पंजाब ने जीएसटी राजस्व की भरपाई को कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प को स्वीकार किया
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कांग्रेस शासित पंजाब ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज लेने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत उसे विशेष माध्यम से 8,359 करोड़ रुपये मिलेंगे।

नयी दिल्ली। कांग्रेस शासित पंजाब ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज लेने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत उसे विशेष माध्यम से 8,359 करोड़ रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पंजाब सरकार ने जीएसटी के लागू होने से हुई राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए विकल्प-1 को स्वीकार करने की सूचना दी है। इस विकल्प को चुनने वाले राज्यों की संख्या 26 हो गई है। तीनों केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी) ने भी विकल्प-1 को चुना है।’’

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केंद्र ने पहले ही राज्यों की ओर से चार किस्तों में 24,000 करोड़ रुपये उधार लिए हैं और इसे 23 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को 23 अक्टूबर, दो नवंबर, नौ नवंबर और 23 नवंबर को दिया जा चुका है। उधारी के अगले चक्र से पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल को धनराशि मिलेगी। इस सप्ताह की शुरुआत में केरल और पश्चिम बंगाल ने भी जीएसटी की कमी को पूरा करने के लिए इस उधारी विकल्प को स्वीकार करने की सूचना केंद्र को दी थी।

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विकल्प-एक का चयन करने वाले राज्यों को जीएसटी के क्रियान्यन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कर्ज लेने की विशेष सुविधा दी जाएगी। साथ ही इस विकल्प को स्वीकार करने पर राज्यों को आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत राज्य सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 0.50 प्रतिशत की अंतिम किस्त का कर्ज बिना किसी शर्त के लेने की अनुमति होगी। इस मिशन के तहत राज्य जीएसडीपी का कुल दो प्रतिशत उधार ले सकते हैं।