Elon Musk ने जिसे नकारा, उसी Anthropic से की $40 Billion की डील, AI वर्ल्ड में बड़ी हलचल

Elon Musk
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ANI
Ankit Jaiswal । Jul 10 2026 7:40PM

स्पेसएक्स के साथ एंथ्रोपिक की अरबों डॉलर की डील ने एआई प्रतिस्पर्धा के नियमों को फिर से परिभाषित किया है, जिससे हितों के टकराव और डेटा सुरक्षा पर बहस छिड़ गई है। एलन मस्क के निष्पक्षता के आश्वासनों के बावजूद, यह साझेदारी एक प्रमुख एआई कंपनी के भविष्य को उसके सबसे बड़े प्रतिस्पर्धियों में से एक के हाथों में सौंपती है।

एआई की दुनिया में कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। ऐसे माहौल में जब एक बड़ी कंपनी अपने प्रतिद्वंद्वी के बुनियादी ढांचे पर निर्भर हो जाए, तो स्वाभाविक रूप से कई सवाल उठते हैं। इन दिनों ऐसी ही चर्चा एंथ्रोपिक और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को लेकर हो रही है। दोनों के बीच अरबों डॉलर की साझेदारी के बाद तकनीकी जगत में भरोसे, प्रतिस्पर्धा और डेटा सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, सोशल मंच एक्स पर कुछ यूजर्स ने आशंका जताई कि यदि भविष्य में एलन मस्क चाहें तो वह स्पेसएक्स के सर्वर से एंथ्रोपिक की सेवाएं बंद कर सकते हैं और इस तरह अपने एक प्रतिस्पर्धी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन चर्चाओं के बीच एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से एंथ्रोपिक की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसा करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा नहीं है।

एलन मस्क ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले एंथ्रोपिक की क्षमता को कम आंका था। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2025 में उन्होंने कहा था कि एंथ्रोपिक के लिए जीतना संभव नहीं होगा। हालांकि अब उनका कहना है कि वह उस आकलन में गलत साबित हुए। गौरतलब है कि उस समय भी एंथ्रोपिक को बड़ी कंपनियों के बीच एआई समाधान देने वाली अग्रणी कंपनियों में गिना जा रहा था।

बता दें कि जुलाई 2026 तक एंथ्रोपिक, स्पेसएक्स के सबसे बड़े ग्राहकों में शामिल हो चुकी है। दोनों कंपनियों के बीच मई 2026 में एक बड़ा समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत एंथ्रोपिक ने 300 मेगावाट कंप्यूटिंग क्षमता खरीदने पर सहमति दी, जो एक्सएआई के कोलोसस-1 डेटा केंद्र की पूरी क्षमता के बराबर बताई जा रही है। यह डेटा केंद्र अमेरिका के टेनेसी राज्य के मेम्फिस शहर के पास स्थित है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत एंथ्रोपिक मई 2029 तक हर महीने लगभग 1.25 अरब डॉलर का भुगतान करेगी। तीन वर्षों की अवधि में यह सौदा करीब 40 अरब डॉलर के राजस्व का माना जा रहा है। इसी तरह गूगल ने भी जून 2029 तक स्पेसएक्स की अवसंरचना का उपयोग करने के लिए लगभग 92 करोड़ डॉलर प्रति माह के भुगतान वाला समझौता किया है।

एलन मस्क ने एंथ्रोपिक के एआई मॉडल की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि फिलहाल एंथ्रोपिक इस क्षेत्र में अग्रणी कंपनी है और उसका मिथोस/फेबल मॉडल बाजार के सबसे बेहतर मॉडलों में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कंपनी जल्द ही मिथोस-2 मॉडल भी पेश करेगी। मस्क ने स्पष्ट किया कि वह प्रतिस्पर्धा के बावजूद एंथ्रोपिक की सेवाएं बंद करके उसे नुकसान नहीं पहुंचाएंगे।

अपने दावे को मजबूत करने के लिए मस्क ने टेस्ला की पुरानी नीति का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि टेस्ला ने कई वर्ष पहले अपनी तकनीक से जुड़े पेटेंट का उपयोग करने वाले प्रतिस्पर्धियों पर मुकदमा न करने का फैसला किया था। इसके अलावा कंपनी ने अपने सुपरचार्जर नेटवर्क और चार्जिंग पोर्ट की तकनीक भी अन्य कंपनियों के लिए उपलब्ध कराई थी। मस्क का कहना है कि स्पेसएक्स भी प्रतिस्पर्धी उपग्रह कंपनियों को प्रक्षेपण सेवाएं बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराती है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बीच इतनी गहरी साझेदारी कई नए सवाल भी खड़े करती है। गौरतलब है कि एलन मस्क पहले ओपनएआई के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं। 

बता दें कि इसी वर्ष फरवरी में एंथ्रोपिक ने तीन चीनी एआई कंपनियों पर उसके क्लॉड मॉडल से जानकारी जुटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। ऐसे में कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेसएक्स के सर्वर का उपयोग करने से एंथ्रोपिक के कामकाज को लेकर अधिक तकनीकी जानकारी सामने आ सकती है। हालांकि माना जा रहा है कि एंथ्रोपिक और गूगल जैसी कंपनियों ने अपने डेटा और मॉडल की सुरक्षा के लिए पर्याप्त तकनीकी उपाय किए होंगे।

फिलहाल यह साझेदारी दोनों कंपनियों के लिए आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से फायदेमंद मानी जा रही है। एक ओर स्पेसएक्स को अरबों डॉलर का बड़ा कारोबार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके इंजीनियर बड़े पैमाने पर एआई अवसंरचना विकसित करने का अनुभव भी हासिल कर रहे हैं। हालांकि तकनीकी दुनिया में प्रतिस्पर्धा बहुत तेजी से बदलती रहती है। ऐसे में आने वाले वर्षों में यह साझेदारी किस दिशा में आगे बढ़ेगी और दोनों कंपनियों के बीच भरोसा कितना मजबूत बना रहेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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