Amit Shah बोले- Dairy Sector ने बदली महिलाओं की जिंदगी, रोज खाते में आते हैं 200 करोड़ रुपये

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में कहा कि डेयरी क्षेत्र के विस्तार ने महिलाओं का जीवन बदल दिया है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। उन्होंने 'श्वेत क्रांति 2.0' के तहत दुग्ध उत्पादन को तीन गुना करने की सरकारी योजना पर प्रकाश डालते हुए इसे महिला सशक्तीकरण की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि डेयरी क्षेत्र के व्यापक विस्तार से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है और ‘श्वेत क्रांति 2.0’ से दुग्ध उत्पादकों की आय में और वृद्धि होगी। शाह गांधीनगर जिले के दशीला गांव में स्थित मधुर डेयरी के अत्याधुनिक दूध प्रसंस्करण और पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन करने के लिए यहां आए थे। यह डेयरी अमूल ब्रांड के तहत गुजरात सहकारी दुग्ध वितरण संघ (जीसीएमएमएफ) से संबद्ध है। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र की प्रगति का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिला है।
शाह ने कहा, “चार समितियों, 6,000 लीटर दूध और मात्र 7,000 रुपये के कारोबार से शुरू हुई यह यात्रा आज सात लाख करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच चुकी है। यह हमारी सहकारी व्यवस्था की सबसे बड़ी सफलता है।” उन्होंने कहा कि इस पहल से पशुपालकों की आय बढ़ी है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि महिलाओं का सशक्तीकरण है। शाह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र से महिलाओं के जीवन में गहरा बदलाव आया है और ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले 10 वर्षों में देश के दुग्ध उत्पादन को तीन गुना करने की रणनीति तैयार की है। उन्होंने कहा, “मैं यह कहना चाहूंगा कि अमूल और गुजरात के पूरे डेयरी उद्योग ने वैश्विक प्रौद्योगिकियों को सफलतापूर्वक अपनाकर पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही ऐसा मजबूत तंत्र विकसित किया है, जिससे यह लाभ सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच सके।”
शाह ने कहा कि अमूल और उससे जुड़ी डेयरियों ने विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है और इन प्रयासों का पूरा लाभ सीधे दुग्ध उत्पादकों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया, “गुजरात में इस क्षेत्र से 36 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं और प्रतिदिन तीन करोड़ लीटर दूध के उत्पादन के जरिये हर दिन 200 करोड़ रुपये सीधे इन महिलाओं के खातों में जमा किए जाते हैं।
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