1 सितंबर से नई कारों के लिए बंपर-टू-बंपर इंश्योरेंस अनिवार्य, जानें इसके बारे में

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अंकित सिंह । Aug 27, 2021 3:29PM
बंपर-टू-बंपर बीमा में वाहन के फाइबर, मेटल और रबड़ के हिस्सों पर 100% का कवर मिलता है। मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने यह आदेश सुनाया है।

अगर आप आने वाले दिनों में कोई भी वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद ही जरूरी है। दरअसल, मद्रास उच्च न्यायालय ने एक फैसले में कहा है कि अब जब भी कोई नया वाहन बेचा जाएगा तो उसके लिए बंपर-टू-बंपर बीमा अनिवार्य किया जाना चाहिए। इसके बाद अब 1 सितंबर से कोई भी नया वाहन बेचने पर उसका संपूर्ण बीमा यानी की बंपर टू बंपर देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि 5 साल तक के लिए ड्राइवर, यात्रियों, वाहन के मालिक के कवरेज से यह पूरी तरह से अलग होना चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि इस अवधि के खत्म हो जाने के बाद गाड़ी के मालिक को ड्राइवर, यात्री और किसी थर्ड पार्टी की सुरक्षा तथा खुद की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा। 

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बंपर-टू-बंपर बीमा में वाहन के फाइबर, मेटल और रबड़ के हिस्सों पर 100% का कवर मिलता है। मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने यह आदेश सुनाया है। उन्होंने यह अनुमति न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की एक रिट याचिका पर दी। कंपनी की ओर से विशेष जिला न्यायालय के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के 7 दिसंबर 2019 के आदेश को चुनौती दी गई थी। कंपनी ने यह भी कहा कि विचाराधीन बीमा पॉलिसी केवल थर्ड पार्टी द्वारा वाहन को पहुंचे नुकसान के लिए थी, ना कि वाहन में सवार लोगों के लिए। 

क्या है बंपर-टू-बंपर, कैसे करेगा काम

बंपर-टू-बंपर बीमा एक ऐसी बीमा है जो आपके वाहन को पूरा कवरेज देता है। जब भी आप किसी दुर्घटना का सामना करते हैं और नुकसान होता है और जिसे कवर करने की जरूरत होती है इसके लिए बीमाकर्ता कवरेज से डेप्रिसिएशन वैल्यू में कटौती नहीं करेगा। इसके साथ ही मोटर इंश्योरर की ओर से वाहन के बॉडी के कलपुर्जे को बदलने की पूरी लागत का भी भुगतान किया जाएगा। एक बात और है कि इस प्रकार की बीमा पॉलिसी में तेल रिसाव या गाड़ी में पानी चले जाने से होने वाले इंजन डैमेज को कवर नहीं किया जाता है। आपको यह भी बता दे कि नई कारों या 3 साल के अधिक के वाहनों के लिए यह पॉलिसी ज्यादा फायदेमंद है। 

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