दिल्ली में BS-4 वाहनों पर पाबंदी के बाद NCR में CNG kit लगवाने की मांग 50% बढ़ी

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राजधानी दिल्ली में बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-6 वाहनों के प्रवेश पर लगी पाबंदियों के कारण एनसीआर में सीएनजी रूपांतरण की मांग काफी बढ़ गई है। नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के केंद्रों में वाहनों में सीएनजी किट लगाने को लेकर पूछताछ और बुकिंग में 50 प्रतिशत तक का इजाफा देखा जा रहा है। कार मालिक नए वाहन खरीदने के बदले पुराने वाहनों को सीएनजी में तब्दील कराना अधिक किफायती मान रहे हैं।

(वर्षा सागी) नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली सरकार की ओर से राजधानी के बाहर पंजीकृत बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में सीएनजी किट लगाने वाले केंद्रों पर मांग में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। संचालकों के अनुसार, वाहनों में सीएनजी किट लगवाने वालों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। लोग नए वाहन खरीदने के बजाय अपनी मौजूदा कारों को सीएनजी में बदलवाना पसंद कर रहे हैं।

ये पाबंदियां एक नवंबर से लागू हुई हैं और 31 जनवरी, 2027 तक जारी रहेंगी। इनके तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे वाहनों को शहर में चलने की अनुमति नहीं है, जो बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं। ये पाबंदियां बीएस-4 और उससे पुराने पेट्रोल तथा डीजल वाहनों पर लागू हैं।

वहीं, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन के साथ-साथ कुछ विशेष आपात सेवा से जुड़े वाहनों को इससे छूट दी गई है। नोएडा के सेक्टर-122 में सीएनजी किट लगाने का कारोबार करने वाली एक इकाई से जुड़े कार विशेषज्ञ शक्ति सिंह ने कहा कि पाबंदियां लागू होने के बाद पिछले 15 दिन में मांग 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि किसी वाहन को सीएनजी में बदलवाने का खर्च करीब 35,000 रुपये से शुरू होता है।

यह मध्यमवर्गीय परिवारों, खासकर उन परिवारों के लिए किफायती विकल्प है, जिनके पास एक छोटी कार है। सिंह ने कहा कि पर्यावरण संबंधी चिंताएं और प्रदूषण कम करने के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी का एहसास भी कुछ ग्राहकों को इसके लिए प्रेरित कर रहा है। करनाल में सीएनजी किट लगाने वाले एक अन्य कारोबारी ने बताया कि पिछले कुछ दिन में किट लगाने के काम में 25-30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

पहले जानकारी लेने वाले ग्राहकों के दोबारा फोन करने की संख्या भी बढ़ी है। कारोबारी ने कहा कि प्रदूषण के महीनों में हर साल आमतौर पर कारोबार में मौसमी वृद्धि होती है, लेकिन इस बार यह बढ़ोतरी अधिक दिखाई दे रही है। नोएडा के सेक्टर-83 स्थित कार क्राफ्ट के यतिन बंसल ने कहा कि उनके यहां सीएनजी किट लगवाने के बारे में रोजाना आने वाले फोन और पूछताछ में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में केवल जानकारी लेने वाले कई ग्राहक अब समय लेने, पंजीकरण प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं के बारे में पूछने के लिए दोबारा आ रहे हैं। सीएनजी किट लगाने के कारोबार में 20 वर्षों से जुड़े आरबी ऑटो के देशराज ने कहा कि एक नवंबर से पाबंदियां लागू होने के बाद पूछताछ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के महीनों में हर साल कारोबार में मौसमी वृद्धि होती है, लेकिन इस बार यह बढ़ोतरी अधिक स्पष्ट है।

पिछले साल भी ऐसा ही रुझान देखने को मिला था, लेकिन इस साल अधिक वाहन मालिक किट लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालिया पाबंदियों ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं। दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंचने के बीच सर्दियों में प्रदूषण के मौसम में शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों पर फिर से जांच बढ़ गई है।

हाल में प्रदूषण बढ़ने के दौरान राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के स्तर को पार कर गया था।

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