Dehradun की लीची का बढ़ा जलवा, Italy Export से किसानों को मिला 25% ज़्यादा दाम

Litchi Export
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उत्तराखंड की प्रीमियम लीची ने यूरोपीय बाजार में दस्तक दी है, जिसके तहत देहरादून से एक टन की पहली खेप इटली भेजी गई है। एपीडा के सहयोग से हुए इस कृषि निर्यात ने न केवल भारतीय फलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, बल्कि किसानों को घरेलू दरों से 25% अधिक मूल्य भी सुनिश्चित किया है।

उत्तराखंड की प्रीमियम लीची ने यूरोपीय बाजार में दस्तक दे दी है। देहरादून से इटली के लिए ताजे फल की पहली निर्यात खेप रवाना की गयी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से एक टन लीची की पहली खेप बृहस्पतिवार को रवाना की गयी। एपीडा के अलावा, इसमें उत्तराखंड सरकार, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों, लॉजिस्टिक भागीदारों और अन्य हितधारकों के समन्वित प्रयासों का भी योगदान रहा।

अधिकारियों के मुताबिक, यह यूरोपीय बाजार में उत्तराखंड की प्रीमियम लीची के प्रवेश का प्रतीक है और भारत के उच्च गुणवत्ता वाले ताजे फलों को मिल रही अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को बताता है। देहरादून की लीची अपनी अनूठी मिठास, आकर्षक लाल रंग, सोंधी सुगंध और बेहतरीन गूदे के लिए जानी जाती है। यह क्षेत्र रोज़ सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना जैसी प्रसिद्ध किस्मों के लिए मशहूर है।

उत्तराखंड की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियां, विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों में, इस फल की बेहतर गुणवत्ता और बाजार आकर्षण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इस निर्यात पहल से उत्पादकों की आय में भी सुधार हुआ जिससे किसानों को मौजूदा घरेलू बाजार दरों की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त हुआ है।

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