Connaught Place और दिल्ली के बाजारों में बार-बार प्रदर्शन से कारोबार ठप, व्यापारियों ने PM से मांगी मदद

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राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने त्योहारों के दौरान बाजारों में हो रहे लगातार प्रदर्शनों पर गहरी चिंता जताई है। कारोबारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों की घोषणा से ग्राहक दुकानों तक नहीं आ रहे, जिससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लाजपत नगर और सदर बाजार के व्यापारी संघों ने इस मामले में दखल देने और प्रभावितों को मुआवजा देने का अनुरोध किया है।

राष्ट्रीय राजधानी में कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में बार-बार हो रहे प्रदर्शनों से त्योहारी मौसम में कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों और कारोबारी संगठनों ने ग्राहकों की आवाजाही घटने और बिक्री में गिरावट की शिकायत करते हुए अधिकारियों से व्यावसायिक गतिविधियां बाधित नहीं होने देने का अनुरोध किया है। भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (एनआरएआई) के कोषाध्यक्ष मनप्रीत सिंह ने कहा कि कनॉट प्लेस और आसपास बार-बार हो रहे प्रदर्शनों से कारोबार पर काफी असर पड़ा है।

कुछ दिन यहां की दुकानों और प्रतिष्ठानों में बिल्कुल भी बिक्री नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की घोषणा मात्र से लोग खरीदारी और खानपान के लोकप्रिय केंद्र कनॉट प्लेस आने से कतराने लगते हैं, भले ही उस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर कोई पाबंदी न हो। त्योहारों के दौरान इसका असर अधिक होता है, क्योंकि परिवार आम तौर पर खरीदारी, मनोरंजन और खानपान के लिए यहां आते हैं।

सिंह ने राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से व्यावसायिक क्षेत्रों के बजाय दूसरे स्थानों पर प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह मुद्दा ऐसे समय उठा है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शुक्रवार शाम को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘तिरंगा मार्च’ निकालने का आह्वान किया है।

इसके पहले भी जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन से कारोबारी गतिविधियां प्रभावित होती रही हैं। ‘फेडरेशन लाजपत नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन’ (एलएनटीए) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित नुकसान के लिए मुआवजा देने और त्योहारों के दौरान प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाने की मांग की है। एलएनटीए के महासचिव ने पत्र में कहा कि प्रदर्शन के आह्वान से आयोजन से पहले और बाद के चार-पांच दिनों तक बाजार में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ।

अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण महीने हैं, क्योंकि व्यापारी अपने सालाना खर्च पूरे करने के लिए त्योहारों की बिक्री पर निर्भर रहते हैं। ‘ऑटोमोटिव पार्ट्स मर्चेंट्स एसोसिएशन’ ने भी बार-बार होने वाले प्रदर्शनों से यातायात जाम और कामकाज बाधित होने का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री से समस्या का समाधान करने का आग्रह किया है। सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि दिवाली और अन्य त्योहारों से पहले बढ़ती कीमतें तथा यातायात संबंधी अवरोध व्यापारियों की चिंता बढ़ा रही हैं।

व्यापारी त्योहारों में मांग बढ़ने की उम्मीद में अतिरिक्त माल खरीदते हैं, लेकिन बिक्री प्रभावित होने से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की आवाजाही घटने के बावजूद दुकान का किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन और परिवहन जैसे खर्च जारी रहते हैं।

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