Devendra Fadnavis बोले, Maharashtra में जमीन और संपत्ति रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए लाया जाएगा DELTA Act

महाराष्ट्र सरकार ब्लॉकचेन आधारित भूमि और अचल संपत्ति के डिजिटल रूपांतरण के लिए डेल्टा अधिनियम लाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में बताया कि प्रस्तावित कानून की व्यापक समीक्षा के लिए एक समिति गठित कर दी गई है।
(फाइल फोटो के साथ) मुंबई, नौ सितंबर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि राज्य भूमि तथा संपत्ति रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड तक आसान पहुंच और उनकी समीक्षा की सुविधा देना है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र डिजिटलीकरण एवं भूमि टोकन परिसंपत्ति विनिमय अधिनियम, राज्य सरकार का प्रस्तावित कानून है।
इसे ‘डेल्टा अधिनियम’ भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य ‘ब्लॉकचेन’ आधारित भूमि और अचल संपत्ति के डिजिटल रूपांतरण (टोकन में बदलने) के लिए भारत में पहला कानूनी ढांचा तैयार करना है। यहां ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ में पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि मुंबई देश की वित्तीय और साथ ही वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) राजधानी है, जबकि भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल लेनदेन बाजार के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय संस्थानों और ऋण देने वाली संस्थाओं तक आम आदमी की पहुंच आसान हुई है। लोगों को हर तरह की वित्तीय सेवाएं उपलब्ध हैं।’’ जेएफएफ (जियो फाइनेंस फोरम) में की गई अपनी घोषणा को दोहराते हुए फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र ने पहला ‘‘टोकन आधारित राज्य’’ बनने का लक्ष्य तय किया था और पिछले एक साल में इस दिशा में काफी प्रगति की है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने डेल्टा अधिनियम तैयार कर लिया है।
अब अधिनियम की पूरी समीक्षा करने के लिए एक समिति गठित की गई है।’’ फडणवीस ने कहा कि कानून बनने के बाद आम नागरिक भी अपनी जमीन तथा अन्य संपत्तियों का मूल्य हासिल कर सकेंगे और उनसे नकदी जुटा सकेंगे। उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकियां और ऑनलाइन भुगतान के विभिन्न माध्यम जिनमें एटीएम, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड शामिल हैं, डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ते बदलाव को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम इस पहल के जरिये महाराष्ट्र को अगले स्तर तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।
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