DGCA और नागर विमानन मंत्रालय का जेट एयरवेज को स्लॉट पर आश्वासन देने से इनकार

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डीजीसीए, एमओसीए का जेट एयरवेज को स्लॉट पर आश्वासन देने से इनकार कर दिया है।एनसीएलटी की मुंबई पीठ के समक्ष हलफनामे में डीजीसीए और एमओसीए ने कहा कि कॉरपोरेट कर्जदार को आवंटित स्लॉट उसकी संपत्ति नहीं है।

मुंबई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) तथा नागर विमानन मंत्रालय (एमओसीए) ने जेट एयरवेज के ‘स्लॉट’ के मुद्दे पर किसी तरह का आश्वासन देने से इनकार किया है। दोनों ने इस बारे में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) को एक संयुक्त हलफनामा दिया है। एनसीएलटी की मुंबई पीठ के समक्ष हलफनामे में डीजीसीए और एमओसीए ने कहा कि कॉरपोरेट कर्जदार को आवंटित स्लॉट उसकी संपत्ति नहीं है।

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ऐसे में न्यायाधिकरण को अनिवार्य रूप से स्लॉट के आवंटन या पुन: आवंटन तथा उसके अनिवार्य अनुपालन के बारे में निर्देश नहीं देना चाहिए। हालांकि, इसके साथ ही हलफनामे में कहा गया है कि यदि जेट एयरवेज द्वारा स्लॉट के आवंटन के लिए कोई आग्रह किया जाता है, तो मौजूदा नीति और प्रक्रियाओं के तहत उसपर विचार किया जाएगा।

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