Dhanteras पर सोने-चांदी की बिक्री 30 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान, GJC ने दी जानकारी

Dhanteras पर सोने-चांदी की बिक्री 30 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान, GJC ने दी जानकारी
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आभूषण कारोबारियों के अनुसार धनतेरस पर सोने और चांदी की बिक्री मूल्य के लिहाज से 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। हालांकि मात्रा के आधार पर सोने की कुल बिक्री पिछले वर्ष के स्तर पर ही सीमित रहने के आसार हैं। हल्के गहनों और निवेश के विकल्पों के प्रति ग्राहकों की प्राथमिकता के चलते मांग में मजबूती देखी जा रही है।

नयी दिल्ली, पांच नवंबर आभूषण कारोबारियों को उम्मीद है कि जनवरी के उच्चतम स्तर से कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद शुक्रवार को धनतेरस पर सोने और चांदी की बिक्री मूल्य के लिहाज से 20-30 प्रतिशत बढ़ेगी। हालांकि, मात्रा के लिहाज से सोने की बिक्री पिछले साल के स्तर पर ही रहने की संभावना है। उपभोक्ता हल्के आभूषणों और कम कीमत वाली खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

हिंदू पंचांग में धनतेरस को कीमती धातुएं खरीदने के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने पीटीआई-भाषा से कहा, मूल्य के लिहाज से बिक्री में 20-30 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, मात्रा के लिहाज से बिक्री पिछले साल के समान रहने की उम्मीद है।

रोकड़े ने कहा कि इस साल महीने की शुरुआत में छह नवंबर को धनतेरस पड़ने से भी खरीदारी को बढ़ावा मिल सकता है, क्योंकि उस समय लोगों के पास वेतन की राशि उपलब्ध होगी। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति के कारण बढ़ती महंगाई उपभोक्ताओं की धारणा को प्रभावित कर सकती है। राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतें 19 प्रतिशत गिरकर 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट, कर सहित) रह गईं।

29 जनवरी, 2026 को सोने की कीमत रिकॉर्ड 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थी। हालांकि, कीमतें पिछले साल 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन दर्ज 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम से अब भी अधिक हैं। इसी तरह, चांदी की कीमतें भी 29 जनवरी के 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर से 52 प्रतिशत गिरकर 1,94,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई हैं।

हालांकि, यह पिछले साल धनतेरस पर दर्ज 1,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक है। रोकड़े ने कहा कि किफायती होने और डिजाइन की व्यापक उपलब्धता के कारण चांदी युवा उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रही है। उन्होंने चांदी की बिक्री की मात्रा पिछले साल के समान रहने, जबकि मूल्य के लिहाज से इसमें करीब 30 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई।

जीजेसी के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने चांदी की बिक्री को लेकर अधिक भरोसा जताते हुए कहा कि कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट के बाद उद्योग को मात्रा के लिहाज से सालाना आधार पर 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता शादी-विवाह और निवेश के लिए दोनों धातुएं खरीद रहे हैं। विवाह समारोह के लिए सोने को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि अन्य रस्मों के लिए चांदी के आभूषण और वस्तुएं खरीदी जा रही हैं।

गुप्ता ने सोने की बिक्री के मूल्य में 15-20 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया, जबकि मात्रा के लिहाज से इसके पिछले साल के स्तर पर रहने की उम्मीद है। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के क्षेत्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत) सचिन जैन ने कहा कि कीमतों में गिरावट से आभूषणों की मांग बढ़ी है। सेन्को गोल्ड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुवंकर सेन ने कहा कि कंपनी इस त्योहारी सीजन में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है।

खुदरा विक्रेता ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न रियायतें दे रहे हैं और योजनाएं भी पेश कर रहे हैं। भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और चीन के बाद इसके सबसे बड़े आयातकों में से एक है।

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