• DPIIT के सचिव महापात्र का कोविड-19 से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या से निधन

डीपीआईआईटी के सचिव महापात्र का कोविड-19 से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या से निधन हो गया है।महापात्र (59) को अप्रैल के मध्य में एम्स में भर्ती किया गया था। महापात्र भारत सरकार के पहले सेवारत सचिव हैं, जिनका कोविड-19 से निधन हुआ है।

नयी दिल्ली। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र का शनिवार को कोविड-19 से जुड़ी समस्या से निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान गोयल और कैबिनेट सचिव राजीव गौबा सहित रिजर्व बैंक के गवर्नर तथा उद्योग जगत के लोगों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। महापात्र (59) को अप्रैल के मध्य में एम्स में भर्ती किया गया था। महापात्र भारत सरकार के पहले सेवारत सचिव हैं, जिनका कोविड-19 से निधन हुआ है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ डीपीआईआईटी सचिव महापात्र के निधन पर दुखी हूं। मैंने गुजरात और केंद्र में व्यापक रूप से उनके साथ काम किया था। उन्हें प्रशासनिक मुद्दों की गहरी समझ थी और वह अपने नवोन्मेषी उत्साह के लिए जाने जाते थे। उनके परिवारजनों तथा मित्रों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति’।’’ गृह मंत्री शाह ने ट्वीट किया, ‘‘डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र एक काफी सक्षम और मेहनती अधिकारी थे। उनके आकस्मिक निधन से काफी दुख हुआ है। मैं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’’ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने भी ट्वीट कर महापात्र के निधन पर दुख जताया है। गोयल ने कहा, ‘‘डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र के निधन की खबर से मैं अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने देश की लंबे समय तक सेवा की। उनके परिजनों और मित्रों के प्रति मैं संवदेना जताता हूं।’’

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पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने कहा कि महापात्र के निधन से देश ने एक सक्षम प्रशासक को खो दिया है। कैबिनेट सचिवगौबा ने डीपीआईआईटी सचिव के असमय निधन पर शोक व्यक्त किया है। गौबा ने अपने शोक संदेश में कहा,‘डॉ. माहपात्रा एक प्रिय सहयोगी थे। वह असाधारण गुणों वाले एक उत्कृष्ट प्रशासनिक अधिकारी थे।’’ गौबा ने कहा कि वह एक अधिकार प्राप्त समूह के प्रमुख थे। कोविड-19 महामारी के खिलाफ वह पूरे समर्पण से लड़ाई लड़ रहे थे। कैबिनेट सचिव ने कहा कि पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी वह लगातार घंटों काम करते रहे और उन्होंने देश में ऑक्सीजन आपूर्ति की निगरानी की। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा कि महापात्र एक काफी योग्य और समक्ष अधिकारी थे।

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विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी ने महापात्र के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डीपीआईआईटी सचिव के निधन से मुझे काफी दुख हुआ है। उन्हें एक सक्षम, प्रतिबद्ध और जोश वाले अधिकारी के रूप में याद रखा जाएगा। उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने महापात्र के निधन पर दुख जताते हुए कहा है कि उन्हें उनके नवोन्मेषी विचारों के लिए याद किया जाएगा। सीआईआई ने विनिर्माण, एफडीआई, कारोबार सुगमता आदि क्षेत्रों में उनके योगदान की सराहना की। उद्योग मंडल ने कहा कि इन क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए कार्यों से उद्योग को काफी लाभ मिला। महापात्र को अप्रैल के मध्य एम्स में भर्ती कराया गया गया था। गुजरात कैडर के 1986 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी महापात्र अगस्त, 2019 में डीपीआईआईटी के सचिव बने थे। उससे पहले वह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के चेयरमैन थे। वह पहले वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव भी रहे थे। गुजरात सरकार में महापात्र सूरत के निगम आयुक्त भी रहे थे।