ITC Investors के लिए खुशखबरी! Share में गिरावट के बीच कंपनी ने किया डिविडेंड का ऐलान

शेयर की कीमत में इस साल 17% की गिरावट के बावजूद, आईटीसी ने मार्च तिमाही में 5% मुनाफा वृद्धि दर्ज करते हुए 8 रुपये के अंतिम लाभांश का ऐलान किया है। कंपनी का मजबूत नकदी प्रवाह और लगातार लाभांश भुगतान इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाता है।
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं और डिविडेंड पाने की योजना बना रहे हैं, तो आईटीसी से जुड़ी यह खबर आपके काम की हो सकती हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर 8 रुपये के अंतिम डिविडेंड का ऐलान किया हैं। इसके लिए 27 मई, बुधवार को रिकॉर्ड तिथि तय की गई हैं। ऐसे में आज शेयर खरीदने वाले निवेशक ही इस लाभांश के पात्र माने जाएंगे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, आईटीसी ने इस महीने की शुरुआत में अपने नतीजों के साथ अंतिम लाभांश की घोषणा की थी। कंपनी ने बताया कि यह भुगतान शेयरधारकों की मंजूरी के बाद 24 जुलाई से 29 जुलाई के बीच किया जाएगा हैं। बता दें कि कंपनी की वार्षिक आम बैठक 23 जुलाई को प्रस्तावित है।
शेयर बाजार के नियमों के मुताबिक, जिन निवेशकों के डीमैट खाते में रिकॉर्ड तिथि तक कंपनी के शेयर मौजूद रहेंगे, वही लाभांश पाने के हकदार होंगे हैं। चूंकि अब शेयरों का निपटान टी प्लस वन प्रणाली के तहत होता हैं, इसलिए आज खरीदे गए शेयर कल तक निवेशकों के खाते में पहुंच सकते हैं। वहीं 27 मई या उसके बाद शेयर खरीदने वाले निवेशकों को इस डिविडेंड का फायदा नहीं मिलेगा।
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में कंपनी पहले ही 6.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दे चुकी हैं। ऐसे में पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कुल डिविडेंड भुगतान 14.50 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया हैं। यह पिछले करीब छह वर्षों में कंपनी का सबसे बड़ा डिविडेंड माना जा रहा हैं। इससे पहले वर्ष 2020 में कंपनी ने 10.15 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश दिया था।
आईटीसी लंबे समय से अपने निवेशकों को लगातार लाभांश देने वाली कंपनियों में गिनी जाती हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2001 से अब तक कंपनी 33 बार डिविडेंड घोषित कर चुकी हैं। मौजूदा शेयर मूल्य के आधार पर कंपनी का लाभांश प्रतिफल करीब 4.74 प्रतिशत बताया जा रहा हैं।
बता दें कि आईटीसी ने पहले भी अपने निवेशकों को बोनस शेयर का फायदा दिया हैं। कंपनी ने 2016 में एक के बदले दो और 2010 में एक के बदले एक बोनस शेयर जारी किए थे। इसके अलावा कंपनी ने अपने होटल कारोबार को अलग करते हुए बड़ा पुनर्गठन भी किया था, जिसके बाद आईटीसी होटल्स का शेयर बाजार में अलग सूचीबद्ध होना चर्चा में रहा हैं।
अगर कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों की बात करें तो मार्च तिमाही में आईटीसी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब पांच प्रतिशत बढ़कर 5113 करोड़ रुपये पहुंच गया हैं। वहीं परिचालन से आय 17 प्रतिशत बढ़कर 21695 करोड़ रुपये रही हैं। कंपनी के सिगरेट कारोबार ने सबसे ज्यादा कमाई में योगदान दिया हैं। इस खंड से आय 32 प्रतिशत बढ़कर 11066 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
हालांकि शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन इस साल कुछ दबाव में रहा हैं। आईटीसी के शेयरों में 2026 के दौरान अब तक करीब 17 प्रतिशत की गिरावट देखी गई हैं। वहीं पिछले एक साल में शेयर लगभग 30 प्रतिशत तक टूट चुके हैं। इसके बावजूद कंपनी का बाजार पूंजीकरण 3.8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बना हुआ हैं।
जानकारों का मानना है कि मजबूत नकदी प्रवाह और लगातार डिविडेंड भुगतान की वजह से आईटीसी अब भी लंबे समय के निवेशकों के बीच भरोसेमंद कंपनियों में शामिल बनी हुई हैं।
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