Global Crisis के बीच MSME को सहारा, सरकार ने मंजूर की नई Credit Guarantee Scheme

वैश्विक अस्थिरता के बीच व्यापार को वित्तीय सहारा प्रदान करने हेतु सरकार ने यह योजना शुरू की है, जिसमें पात्र व्यवसायों को अतिरिक्त लोन पर सरकारी गारंटी और भुगतान के लिए 5 से 7 साल तक की विस्तारित अवधि का लाभ मिलेगा।
सरकार ने कारोबार जगत को राहत देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है, जिससे खासतौर पर छोटे और मध्यम उद्योगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। मौजूद जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने आपातकालीन क्रेडिट गारंटी योजना के पांचवें चरण को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य कारोबार में नकदी की कमी को दूर करना है।
बता दें कि यह योजना ऐसे समय लाई गई है जब पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के कारण व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ रहा है। सरकार का मानना है कि इस कदम से कंपनियों को वित्तीय दबाव से उबरने में मदद मिलेगी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा दिए जाने वाले एक्ट्रा क्रेडिट पर राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी न्यासी कंपनी लिमिटेड की ओर से गारंटी दी जाएगी। गौरतलब है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को इस योजना के तहत 100 प्रतिशत तक की गारंटी मिलेगी, जबकि अन्य बड़े कारोबार और विमानन क्षेत्र को 90 प्रतिशत तक की गारंटी प्रदान की जाएगी।
इस योजना का लाभ उन्हीं कंपनियों को मिलेगा, जिनके लोन खाते 31 मार्च 2026 तक मानक श्रेणी में थे और जिनके पास पहले से कार्यशील पूंजी की व्यवस्था है। इसमें नियमित यात्री सेवाएं देने वाली विमानन कंपनियां भी शामिल की गई हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत कंपनियां अपने पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में उपयोग की गई कार्यशील पूंजी के आधार पर अतिरिक्त 20 प्रतिशत तक लोन ले सकेंगी। हालांकि यह सीमा सामान्य कारोबार के लिए 100 करोड़ रुपये तक तय की गई है, जबकि विमानन कंपनियों के लिए यह सीमा बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपये तक रखी गई है।
गौरतलब है कि लोन चुकाने की अवधि भी कंपनियों को ध्यान में रखते हुए तय की गई है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों सहित अन्य व्यवसायों को पांच वर्ष की अवधि दी गई है, जिसमें एक वर्ष की मोहलत शामिल है। वहीं विमानन क्षेत्र के लिए सात वर्ष की अवधि रखी गई है, जिसमें दो वर्ष तक भुगतान में छूट मिलेगी।
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