आईएलएंडएफएस (IL&FS) का बड़ा वित्तीय सुधार: जून 2026 तक लेनदारों को चुकाए 50,387 करोड़ रुपये, कुल ऋण समाधान लक्ष्य का 82.6% पूरा

गंभीर कर्ज संकट और वित्तीय अनियमितताओं से जूझ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) समूह ने ऋण समाधान की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
गंभीर कर्ज संकट और वित्तीय अनियमितताओं से जूझ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) समूह ने ऋण समाधान की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल की है। समूह द्वारा राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के समक्ष दाखिल ताजा स्थिति रिपोर्ट हलफनामे के अनुसार, जून 2026 तक अपने लेनदारों को कुल 50,387 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। समूह की तरफ से किया गया यह भुगतान सितंबर, 2025 में दाखिल पिछली रिपोर्ट के मुकाबले करीब चार प्रतिशत अधिक है।
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उस समय तक 48,463 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। आईएलएंडएफएस ने बताया कि 50,387 करोड़ रुपये के भुगतान के साथ ही उसका कुल ऋण समाधान 61,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य का करीब 82.6 प्रतिशत हो चुका है। यह राशि समूह के कुल बाहरी कर्ज 99,377 करोड़ रुपये का लगभग 61.38 प्रतिशत है।
ताजा हलफनामे के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों का बकाया चुकाने में समूह ने बेहतर प्रगति की है। इन संस्थानों के कुल 91,000 करोड़ रुपये के कर्ज में से लगभग 88.4 प्रतिशत यानी करीब 57,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। आईएलएंडएफएस समूह में सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। इनमें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया प्रमुख हैं।
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समूह अपनी परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण, अंतरिम वितरण तथा अन्य उपायों के जरिये कर्ज घटा रहा है। जून, 2026 तक कुल 50,387 करोड़ रुपये में से 26,027 करोड़ रुपये परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण, समाप्ति या इनविट यूनिट के हस्तांतरण के जरिये जुटाए गए हैं। इसके अलावा, समूह की लाभकारी इकाइयों में मूलधन भुगतान, स्वत: डेबिट और अनुषंगी कंपनियों द्वारा ली गई गैर-निधि आधारित सुविधाओं की समाप्ति के जरिये भी कर्ज का निपटान किया जा रहा है।
इन उपायों से 30 जून, 2026 तक लगभग 8,347 करोड़ रुपये के कर्ज का समाधान हुआ है। समूह ने अंतरिम वितरण के जरिये बाहरी लेनदारों को 16,013 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। एनसीएलएटी के 31 मई, 2022 के आदेश के तहत कुल 18,398 करोड़ रुपये वित्तीय लेनदारों को वितरित किए गए, जिसमें से 16,013 करोड़ रुपये बाहरी लेनदारों को दिए गए हैं। अक्टूबर, 2018 में संकट शुरू होने के समय आईएलएंडएफएस समूह में कुल 302 इकाइयां थीं, जिनमें 169 घरेलू और 133 विदेशी इकाइयां शामिल थीं।
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