अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने महामारी के प्रकोप को कम करने के लिए फंड बढ़ाया

International Monetary Fund

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रशासनिक निकाय ने कोरोना वायरस महामारी और आर्थिक मंदी से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर देशों की मदद करने के लिए दी जाने वाली मदद में 650 अरब अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रशासनिक निकाय ने कोरोना वायरस महामारी और आर्थिक मंदी से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर देशों की मदद करने के लिए दी जाने वाली मदद में 650 अरब अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। आईएमएफ ने सोमवार को कहा कि उसके प्रशासनिक बोर्ड ने विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) नामक अपने भंडार को बढ़ाने की मंजूरी दी है, जो संस्था के इतिहास में सबसे बड़ी वृद्धि है।

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आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा, ‘‘यह एक ऐतिहासिक निर्णय है... और अभूतपूर्व संकट के समय वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक उत्प्रेरक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह विशेष रूप से हमारे सबसे कमजोर देशों को कोविड-19 संकट के प्रकोप से निपटने में मदद करेगा।’’

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एसडीआर का सामान्य आवंटन 23 अगस्त से प्रभावी हो जाएगा। आईएमएफ ने कहा कि बढ़ा हुआ कोष उसके सदस्य देशों को उनके मौजूदा कोटा के अनुपात में जारी किया जाएगा। नए आवंटन में करीब 275 अरब डॉलर दुनिया के गरीब देशों को जाएगा। एजेंसी ने कहा कि वह यह भी देख रही है कि धनी देश स्वेच्छा से एसडीआर को गरीब देशों में कैसे भेज सकते हैं। आईएमएफ के संसाधनों में बड़ी बढ़ोतरी को ट्रंप प्रशासन ने खारिज कर दिया था, लेकिन जनवरी में राष्ट्रपति जो बाइडन के पदभार संभालने के बाद वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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