Gautam Adani AGM 2026 | 'इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश देश-निर्माण के प्रति हमारा भरोसा' - गौतम अडानी

उन्होंने आगे कहा, 'हमारे लिए, यह सिर्फ़ एक फाइनेंशियल नंबर नहीं है। यह भरोसे का बयान है, और देश-निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का इससे बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता कि हम उस इंफ्रास्ट्रक्चर में किस स्तर पर निवेश कर रहे हैं जो भारत के अगले अध्याय को आगे बढ़ाएगा।'
अडानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी ने ग्रुप की सालाना आम बैठक (AGM 2026) को संबोधित करते हुए भारत के विकास और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। बुधवार को शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर में ग्रुप का रिकॉर्ड निवेश, देश-निर्माण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का सबसे बड़ा सबूत है। अडानी ने बताया कि यह निवेश केवल वित्तीय आंकड़े नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य को संवारने की दिशा में बढ़ाया गया एक मजबूत कदम है। इसे संदर्भ में देखें तो, यह उस साल भारत के कुल नए प्राइवेट-सेक्टर कैपिटल खर्च का 30 प्रतिशत से ज़्यादा था।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे लिए, यह सिर्फ़ एक फाइनेंशियल नंबर नहीं है। यह भरोसे का बयान है, और देश-निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का इससे बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता कि हम उस इंफ्रास्ट्रक्चर में किस स्तर पर निवेश कर रहे हैं जो भारत के अगले अध्याय को आगे बढ़ाएगा।"
ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर ₹72,000 करोड़ हुई
अलग-अलग बिज़नेस में हुई तरक्की पर बात करते हुए अडानी ने कहा, "अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में, हमारी ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर ₹72,000 करोड़ हो गई। हमने कई बड़े प्रोजेक्ट हासिल किए, जिनमें खावड़ा साउथ ओलपाड HVDC लाइन शामिल है, जिससे HVDC क्षमता वाली भारत की एकमात्र प्राइवेट सेक्टर कंपनी के तौर पर हमारी स्थिति और मज़बूत हुई है।"
अरबपति बिज़नेसमैन ने कहा कि अडानी पावर ₹2 लाख करोड़ से ज़्यादा का भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्राइवेट-सेक्टर पावर कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) प्रोग्राम लागू कर रही है, जिसका लक्ष्य अगले पांच सालों में 45 GW क्षमता तक पहुँचना है।
अडानी ने ग्रुप के अलग-अलग पोर्टफोलियो में बड़े प्रोजेक्ट्स के पूरा होने की जानकारी दी और क्लीन टेक, लॉजिस्टिक्स और नए एनर्जी क्षेत्रों में विस्तार पर ज़ोर दिया:
पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स
अडानी पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 26 में 500 मिलियन टन से ज़्यादा कार्गो संभाला, जिससे 2030 तक 1 बिलियन टन तक पहुँचने का रास्ता साफ़ हुआ। खास बात यह है कि विझिनजम पोर्ट ने अपने रिकॉर्ड पहले साल में ही 1 मिलियन TEU का आंकड़ा पार कर लिया, जो "ग्लोबल ट्रांसशिपमेंट मैप पर भारत के आगमन" का प्रतीक है।
एयरपोर्ट
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत हुई—जिसे "चार साल से कुछ ज़्यादा समय में, यानी वर्ल्ड-रिकॉर्ड समय में" बनाया गया—और गुवाहाटी एयरपोर्ट पर नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ।
डेटा सेंटर
2030 तक 3 GW का प्लेटफ़ॉर्म बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिसकी शुरुआत विशाखापत्तनम में Google के साथ गीगावाट-स्केल MoU से हुई है।
सीमेंट और माइनिंग
अडानी सीमेंट ने अपनी कुल क्षमता को बढ़ाकर 110 MMTPA कर लिया है, जिससे चेनाब रेलवे ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में योगदान मिला है। चार नए MDO एग्रीमेंट्स के ज़रिए माइनिंग सर्विसेज़ की क्षमता सालाना 145 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है।
डिफेंस और एयरोस्पेस
रीजनल एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम के लिए लियोनार्डो और एम्ब्रेयर के साथ पार्टनरशिप की। अडानी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, ग्रुप के "ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल और गोला-बारूद ने हमारी आर्म्ड फोर्सेज़ की तब मदद की जब उन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी।"
न्यूक्लियर पावर में एंट्री और गैस नेटवर्क का विस्तार
एक बड़ी नई पहल की घोषणा करते हुए, गौतम अडानी ने बताया कि ग्रुप 'अडानी एटॉमिक एनर्जी' के ज़रिए न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में कदम रख रहा है। कंपनी का लक्ष्य 2035 तक 10 गीगावाट (GW) न्यूक्लियर क्षमता हासिल करना है, जिसके लिए ज़मीन की पहचान पहले ही कर ली गई है। गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में, अडानी टोटल गैस ने 1.1 मिलियन PNG कनेक्शन का आँकड़ा पार कर लिया है और जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बावजूद इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेज़ी लाई है।
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