ITAT में खाली पदों को समयबद्ध भरने की सिफारिश, संसदीय समिति ने जताई चिंता

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विधि एवं कार्मिक संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) में न्यायिक और सहायक कर्मचारियों के रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की सिफारिश की है। समिति ने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण मामलों की सुनवाई और निपटारे की गति पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके समाधान के लिए ग्रुप बी और सी स्तर के पदों हेतु रिजर्व पैनल या प्रतीक्षा सूची बनाने का भी सुझाव दिया गया है।

संसद की एक समिति ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) में न्यायिक, रजिस्ट्री और सहायक कर्मचारियों के रिक्त पदों को समयबद्ध और निरंतर आधार पर भरने की सिफारिश की है। समिति ने कहा है कि कर्मचारियों की कमी का प्रतिकूल असर मामलों की सुनवाई के कार्यक्रम और उनके निपटारे पर पड़ रहा है। विधि एवं कार्मिक संबंधी स्थायी समिति ने देश में न्यायाधिकरणों के कामकाज की समीक्षा से संबंधित अपनी रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 1941 में स्थापित आईटीएटी को अक्सर ‘मदर ट्रिब्यूनल’ के रूप में जाना जाता है।

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न्यायाधिकरण में अध्यक्ष और 10 क्षेत्रीय उपाध्यक्षों सहित सदस्यों के कुल 126 पद स्वीकृत हैं। हालांकि, एक मई, 2026 तक इनमें से केवल 98 सदस्य ही कार्यरत थे। इसके अलावा 16 अन्य उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

समिति ने कहा कि रजिस्ट्रार और अन्य सहायक कर्मचारियों सहित कई महत्वपूर्ण पदों के रिक्त होने से मामलों के प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यकुशलता पर भी असर पड़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया, “किसी न्यायिक संस्थान की कार्यकुशलता केवल सदस्यों की उपलब्धता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि रजिस्ट्री, प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या भी आवश्यक है।” समिति के अनुसार, विभिन्न स्तर पर रिक्तियां होने से सुनवाई का निर्धारण, रिकॉर्ड तैयार करना, न्यायिक कार्यवाही, प्रशासनिक निगरानी और मामलों के समग्र निपटारे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। समिति ने सिफारिश की कि न्यायाधिकरण में सदस्यों के सभी रिक्त पदों को ‘समयबद्ध और निरंतर’ तरीके से भरा जाए, ताकि आईटीएटी अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर सके।

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इसके साथ ही समिति ने विधि कार्य विभाग, आईटीएटी, कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और अन्य संबंधित एजेंसियों से रजिस्ट्री तथा सहायक स्तर के रिक्त पदों....जैसे रजिस्ट्रार, उप-रजिस्ट्रार, सहायक रजिस्ट्रार, वरिष्ठ निजी सचिव और निजी सचिव पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। समिति ने सरकारी संगठनों के सामने ग्रुप बी और सी के पदों पर चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति के बाद बनाए रखने की “बार-बार सामने आने वाली चुनौती” का भी उल्लेख किया। उसने सरकार को सुझाव दिया कि चयनित उम्मीदवारों का एक निश्चित अवधि के लिए रिजर्व पैनल या प्रतीक्षा सूची बनाए रखने की व्यवहार्यता पर विचार किया जाए, ताकि नियुक्ति स्वीकार न करने या शुरुआती अवधि में कर्मचारियों के हट जाने से उत्पन्न रिक्तियों को जल्द भरा जा सके।

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