Maruti Suzuki का गुजरात में बड़ा विस्तार: Hansalpur Plant शुरू होने से Production Capacity अब 29 लाख पार

e VITARA
प्रतिरूप फोटो
X @Maruti_Corp
Ankit Jaiswal । Jul 30 2026 8:18PM

मारुति सुजुकी द्वारा गुजरात में उत्पादन क्षमता का विस्तार देश के यात्री वाहन बाजार की बढ़ती मांग और इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति के प्रति कंपनी की तैयारी का एक ठोस प्रमाण है। हंसलपुर में चौथी प्रोडक्शन लाइन का शुभारंभ और वेरा द्वारा प्रमाणित कार्बन उत्सर्जन परियोजना कंपनी के व्यावसायिक विकास के साथ-साथ स्थिरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी वैश्विक मंच पर स्थापित करती है। यह रणनीतिक निवेश आने वाले वर्षों में मारुति सुजुकी को वैश्विक निर्यात बाजार और घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में एक अपराजेय बढ़त प्रदान कर सकता है।

देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने गुजरात के हंसलपुर स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग केंद्र में चौथे उत्पादन प्लांट से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। इस नए विस्तार के साथ कंपनी की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़कर 29 लाख वाहन हो गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह विस्तार घरेलू बाजार की बढ़ती मांग के साथ-साथ निर्यात को मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

बता दें कि नए संयंत्र की वार्षिक प्रोडक्शन क्षमता ढाई लाख वाहन है। इसके शुरू होने के बाद हंसलपुर केंद्र की कुल क्षमता 7.5 लाख से बढ़कर 10 लाख वाहन प्रति वर्ष हो गई है। इसके साथ ही यह केंद्र सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन का दुनिया का पहला ऐसा मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बन गया है, जहां एक ही स्थान पर हर साल 10 लाख वाहनों का उत्पादन किया जा सकेगा। साथ ही यह भारत का सबसे बड़ा एकल यात्री वाहन निर्माण केंद्र भी बन गया है।

कंपनी ने हंसलपुर परियोजना में अब तक कुल 25,288.7 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इनमें से लगभग 3,900 करोड़ रुपये केवल चौथे उत्पादन प्लांट के निर्माण पर खर्च किए गए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस नई प्रोडक्शन लाइन में शुरुआत में कंपनी की प्रमुख इलेक्ट्रिक कार ई विटारा का निर्माण किया जाएगा। यह मॉडल मारुति सुजुकी की इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणी में एक महत्वपूर्ण उत्पाद माना जा रहा है।

नए विस्तार के बाद कंपनी की उत्पादन क्षमता का वितरण भी काफी मजबूत हो गया है। हंसलपुर प्लांट की क्षमता अब 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष है। इसके अलावा मानेसर संयंत्र की क्षमता 9 लाख वाहन प्रतिवर्ष है, जबकि गुरुग्राम और खरखौदा स्थित दोनों प्लांटों की क्षमता पांच-पांच लाख वाहन प्रतिवर्ष है।

मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि नया उत्पादन प्लांट भारत और विदेशों में बढ़ती मांग को पूरा करने में कंपनी की क्षमता को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और गुजरात के हंसलपुर के साथ भविष्य में बनने वाला साणंद संयंत्र भी इस लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गौरतलब है कि कंपनी ने आने वाले वर्षों में भारत में सालाना 40 लाख वाहन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में गुजरात के दोनों विनिर्माण केंद्रों की बड़ी भूमिका रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

हंसलपुर प्लांट में फिलहाल बलेनो, फ्रॉन्क्स, स्विफ्ट और ई विटारा जैसे मॉडलों का निर्माण किया जाता है। यह केंद्र कंपनी का सबसे बड़ा निर्यात आधार भी है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कुल वाहन निर्यात का लगभग 47 प्रतिशत हिस्सा इसी संयंत्र से भेजा गया था।

कंपनी ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत किया है। प्रधानमंत्री गतिशक्ति कार्यक्रम के तहत हंसलपुर में देश की पहली प्लांट के भीतर स्थापित वाहन रेल साइडिंग विकसित की गई है। मार्च 2023 से अब तक इस सुविधा के जरिए साढ़े सात लाख से अधिक वाहनों को रेल मार्ग से देश के विभिन्न हिस्सों और बंदरगाहों तक भेजा जा चुका है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 में इस परियोजना को वैश्विक स्तर पर एक और बड़ी पहचान मिली। यह दुनिया की पहली परिवहन परियोजना बनी, जिसे वेरा के सत्यापित कार्बन मानक कार्यक्रम के तहत पंजीकृत किया गया। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में कंपनी के प्रयासों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। कुल मिलाकर, हंसलपुर में चौथे संयंत्र की शुरुआत मारुति सुजुकी के विस्तार, निर्यात और विद्युत वाहन निर्माण की रणनीति को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़