एसी एवं एलईडी उपकरणों के लिए पीएलआई में 1,548 करोड़ रुपये के आवेदन आए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 27, 2022   08:24
एसी एवं एलईडी उपकरणों के लिए पीएलआई में 1,548 करोड़ रुपये के आवेदन आए

सरकार ने एसी एवं एलईडी लाइट के क्षेत्र के लिए लाई गई पीएलआई योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को मार्च में दोबारा खोला था। ज्यादा कंपनियों को इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए यह मौका दिया गया था।

नयी दिल्ली| एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं विप्रो समेत 19 कंपनियों ने एयरकंडीशनर (एसी) एवं एलईडी लाइट जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपभोक्ता उत्पादों (व्हाइट गुड्स) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के दूसरे चरण में 1,548 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में इसकी जानकारी दी। इसके मुताबिक, आवेदन करने वाली 19 कंपनियों में से आठ एसी से जुड़े उपकरण बनाने से जुड़ी हैं जबकि 11 आवेदन एलईडी लाइट के लिए आए हैं।

सरकार ने एसी एवं एलईडी लाइट के क्षेत्र के लिए लाई गई पीएलआई योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को मार्च में दोबारा खोला था। ज्यादा कंपनियों को इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए यह मौका दिया गया था।

अंतिम रूप से आवेदकों का चयन जून के अंत तक कर लिया जाएगा। पीएलआई योजना के तहत आवेदन करने वाली 19 कंपनियों ने एसी एवं एलईडी उत्पादों से अगले पांच वर्षों में करीब 26,880 करोड़ रुपये का उत्पादन करने का अनुमान जताया है। इस दौरान 5,522 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, आवेदन करने वाली कंपनियों में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, मित्शुबिशी इलेक्ट्रिक, अडाणी कॉपर ट्यूब्स, जिंदल पॉली फिल्म्स, क्राम्पटन ग्रीव्ज, विप्रो, जेको एयरकॉन, स्टेरियन इंडिया और स्वामीनाथन एंटरप्राइजेज शामिल हैं।

इनके आवेदन में कहा गया है कि एयर कंडीशनर एवं एलईडी लाइट में इस्तेमाल होने वाले उन उपकरणों को बनाया जाएगा जिनका पर्याप्त उत्पादन फिलहाल घरेलू स्तर पर नहीं हो रहा है।

मंत्रालय के मुताबिक, कुल मिलाकर इस योजना के तहत एसी एवं एलईडी लाइट के उपकरणों के विनिर्माण में करीब 7,074 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और दो लाख प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

पीएलआई योजना से भारत में करीब 1,07,134 करोड़ रुपये मूल्य के एसी एवं एलईडी लाइट उपकरणों का कुल उत्पादन होने का अनुमान है।





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