ओएनजीसी की तृष्णा गैस परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीवन बोर्ड से मंजूरी

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राज्य वन्यजीवन बोर्ड की सिफारिशों के बाद राष्ट्रीय वन्यजीवन बोर्ड ने बृहस्पतिवार को इस परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य बोर्ड ने इस संबंध में 17 सितंबर को ही अपनी मंजूरी दे दी थी। रॉय ने कहा कि कंपनी ने पाइपलाइन बिछाने का काम पहले ही पूरा कर लिया है और पूरी प्रक्रिया को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

अगरतला। सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी त्रिपुरा एसेट जल्द ही त्रिपुरा में तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य से प्राकृतिक गैस निकालना शुरू करेगी। कंपनी को इसके लिए राष्ट्रीय वन्यजीवन बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। यह प्राकृतिक गैस क्षेत्र गोमती जिले के बेलोनिया उपमंडल में पड़ता है। कंपनी के परिसंपत्ति प्रबंधक गौतम कुमार सिंह रॉय ने यहां शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि कंपनी ने बहुत पहले तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य में 10-12 गैस के कुंओं की पहचान की थी जिनमें गैस के भंडार होने का पता है। चूंकि यह गैस क्षेत्र अभयारण्य में आता है, हमें राष्ट्रीय वन्यजीवन बोर्ड से मंजूरी की जरूरत थी।

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उन्होंने कहा कि राज्य वन्यजीवन बोर्ड की सिफारिशों के बाद राष्ट्रीय वन्यजीवन बोर्ड ने बृहस्पतिवार को इस परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य बोर्ड ने इस संबंध में 17 सितंबर को ही अपनी मंजूरी दे दी थी। रॉय ने कहा कि कंपनी ने पाइपलाइन बिछाने का काम पहले ही पूरा कर लिया है और पूरी प्रक्रिया को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

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यहां से उत्खनन की जाने वाली गैस को पूर्वोत्तर विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (नीप्को) के मोनार्चक स्थित 100 मेगावाट क्षमता के गैस आधारित तापीय विद्युत परियोजना को भेजी जाएगी।

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