लगातार दूसरे दिन बढ़ी डीजल-पेट्रोल की कीमत, जानें आपके शहर में कितनी हो गई कीमत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2020   17:15
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लगातार दूसरे दिन बढ़ी डीजल-पेट्रोल की कीमत, जानें आपके शहर में कितनी हो गई कीमत
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एक अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 81.23 रुपये से बढ़कर 81.38 रुपये प्रति लीटर हो गयी है। इसी तरह डीजल का दाम 70.68 रुपये से बढ़कर 70.88 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे पहले शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में क्रमश: 17 पैसे और 22 पैसे की वृद्ध्धि की गयी थी।

नयी दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी के बीच करीब दो महीने की स्थिरता के बाद शनिवार को डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार दूसरे दिन बढ़ायी गयीं। पेट्रोल के दाम में 15 पैसे और डीजल में 20 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गयी। पेट्रोल व डीजल जैसे ईंधनों का विपणन करने वाली कंपनियों की एक अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 81.23 रुपये से बढ़कर 81.38 रुपये प्रति लीटर हो गयी है। इसी तरह डीजल का दाम 70.68 रुपये से बढ़कर 70.88 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे पहले शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में क्रमश: 17 पैसे और 22 पैसे की वृद्ध्धि की गयी थी।

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यह पेट्रोल के दाम में 22 सितंबर के बाद और डीजल के दाम में दो अक्टूबर के बाद का पहला बदलाव था। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां ‘इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड’ अंतरराष्ट्रीय स्तर की मानक दर और विदेशी मुद्रा विनिमय दर के हिसाब से घरेलू बाजार में डीजल व पेट्रोल की खुदरा कीमतों में बदलाव करती हैं। हालांकि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए इन कंपनियों ने कुछ समय के लिये कीमतों में संशोधन टाल दिया था। पेट्रोल के दाम 58 दिन और डीजल के दाम 48 दिन के लिये स्थिर रहे थे। मुंबई में शुक्रवार को पेट्रोल 87.92 रुपये से बढ़ाकर 88.09 रुपये प्रति लीटर और डीजल 77.11 रुपये से बढ़ाकर 77.34 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था।







कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फार्मकार्ट कारोबार विस्तार के लिये जुटायेगी 90 करोड़ रुपये

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:57
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कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फार्मकार्ट कारोबार विस्तार के लिये जुटायेगी 90 करोड़ रुपये
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मध्य प्रदेश स्थित कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनी फार्मकार्ट की योजना देशभर में कारोबार का विस्तार करने के लिये वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

मुंबई। मध्य प्रदेश स्थित कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनी फार्मकार्ट की योजना देशभर में कारोबार का विस्तार करने के लिये वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। कंपनी के संस्थापक अतुल पाटीदार ने पीटीआई-से कहा, ‘‘अभी हम मध्य प्रदेश में 1,240 स्थानों पर परिचालन कर रहे हैं।

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हमने शुरुआत में इस उपक्रम में 15 करोड़ रुपये निवेश किया। अब हम वेंचर निवेशकों से 90 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘मन की बात’ के एक एपिसोड में किसानों को डिजिटल तरीके से जोड़ने के प्रयासों के लिये पाटीदार की सराहना की थी।







घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंचीं : खरोला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:53
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घरेलू उड़ानों में यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंचीं : खरोला
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नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि घरेलू स्तर पर विमान सेवाएं कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं और अब पर्यटन उद्योग को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है।

मुंबई। नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने कहा है कि घरेलू स्तर पर विमान सेवाएं कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं और अब पर्यटन उद्योग को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है। खरोला ने शनिवार को फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ इंडियन टूरिजम एंड हॉस्पिटैलिटी (फेथ) द्वारा आयोजित वेबिनार ‘विमानन और पर्यटन-आगे की राह’ को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान हवाई यात्रा परिवहन का सुरक्षित साधन होने की वजह से सबसे पसंदीदा विकल्प बन गई है।

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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को घरेलू उड़ानों से 2.50 लाख लोगों ने यात्रा की। महामारी से पहले प्रतिदिन घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या औसतन 3.70 से 3.75 लाख रहती थी। इस तरह घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या कोविड-19 पूर्व के 65 प्रतिशत पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि और कारोबारी गतिविधियां शुरू होने तथा कॉलेज आदि खुलने के बाद आगामी दो से तीन माह में यह 80-90 प्रतिशत या सामान्य स्तर पर पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी कारोबारी यात्रा को सामान्य होने में समय लगेगा।

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हालांकि, दोस्तों और संबंधियों से मिलने जाना यानी पीएफआर खंड की वजह से आगे विमानन क्षेत्र की मांग बढ़ेगी। अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानें शुरू होने के बारे में खरोला ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सिर्फ हमारे ऊपर नहीं, बल्कि दूसरे पक्ष पर भी निर्भर करती हैं।’’ उन्होंने कहा कि घरेलू विमानन क्षेत्र पटरी पर लौट रहा है, अब पर्यटन उद्योग को फिर खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र की स्थिति सामान्य हो रही है। इससे पर्यटन उद्योग की स्थिति को भी सामान्य करने में मदद मिलेगी।







पंजाब ने जीएसटी राजस्व की भरपाई को कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प को स्वीकार किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:45
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पंजाब ने जीएसटी राजस्व की भरपाई को कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प को स्वीकार किया
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कांग्रेस शासित पंजाब ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज लेने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत उसे विशेष माध्यम से 8,359 करोड़ रुपये मिलेंगे।

नयी दिल्ली। कांग्रेस शासित पंजाब ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज लेने के केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत उसे विशेष माध्यम से 8,359 करोड़ रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पंजाब सरकार ने जीएसटी के लागू होने से हुई राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए विकल्प-1 को स्वीकार करने की सूचना दी है। इस विकल्प को चुनने वाले राज्यों की संख्या 26 हो गई है। तीनों केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी) ने भी विकल्प-1 को चुना है।’’

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केंद्र ने पहले ही राज्यों की ओर से चार किस्तों में 24,000 करोड़ रुपये उधार लिए हैं और इसे 23 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को 23 अक्टूबर, दो नवंबर, नौ नवंबर और 23 नवंबर को दिया जा चुका है। उधारी के अगले चक्र से पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल को धनराशि मिलेगी। इस सप्ताह की शुरुआत में केरल और पश्चिम बंगाल ने भी जीएसटी की कमी को पूरा करने के लिए इस उधारी विकल्प को स्वीकार करने की सूचना केंद्र को दी थी।

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विकल्प-एक का चयन करने वाले राज्यों को जीएसटी के क्रियान्यन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कर्ज लेने की विशेष सुविधा दी जाएगी। साथ ही इस विकल्प को स्वीकार करने पर राज्यों को आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत राज्य सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 0.50 प्रतिशत की अंतिम किस्त का कर्ज बिना किसी शर्त के लेने की अनुमति होगी। इस मिशन के तहत राज्य जीएसडीपी का कुल दो प्रतिशत उधार ले सकते हैं।