आम बजट को लेकर रघुराम राजन ने दिया सुझाव, बोले- खर्च की प्राथमिकता तय करें, बुनियादी ढांचे को दें बढ़ावा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   20:52
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आम बजट को लेकर रघुराम राजन ने दिया सुझाव, बोले- खर्च की प्राथमिकता तय करें, बुनियादी ढांचे को दें बढ़ावा

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने कहा कि चूंकि राज्यों का ज्यादातर खर्च इसी तरह का है, इसलिए उन्हें अधिक धन मिलना चाहिए।

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि सरकार को भारतीय इक्विटी बाजारों के उच्चतम स्तर पर होने का लाभ उठाते हुए पीएसयू में हिस्सेदारी बेचना चाहिए और खर्च की प्राथमिकता इस तरह तय करनी चाहिए कि अर्थव्यवस्था फिर पटरी पर लौटे। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के बजट में ‘‘गरीब परिवारों और छोटे तथा मझोले उद्यमों को राहत देनी चाहिए’’ और इसके बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ध्यान देना चाहिए। 

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उन्होंने ईटी नाऊ को बताया, ‘‘सरकार को खर्च की प्राथमिकता तय करनी होगी, जैसे गरीब परिवारों और छोटे कारोबारियों को राहत पहुंचाई जाए।’’ उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने कहा कि चूंकि राज्यों का ज्यादातर खर्च इसी तरह का है, इसलिए उन्हें अधिक धन मिलना चाहिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश कर सकती हैं, जिसमें कोविड-19 महामारी के बाद आर्थिक वृद्धि की रफ्तार हासिल करने का खाका तैयार किया जाएगा। 

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राजन ने कहा कि खर्च बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधन सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) को बेचकर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि पीएसयू की संपत्ति को बेचकर आमदनी और खर्च के बीच अंतर को कम किया जा सकता है। अर्थव्यवस्था के हालात पर उन्होंने कहा कि हम देख रहे है कि यह फिर से उठ रही है पर साल है कि हमे जो नुकसान हुआ है उसको भरपायी के लिए हम क्या कर रहे हैं। विश्व बैंक का अनुमान है कि हमें 900 अरब डालर के सकल घरेलू उत्पाद का नुकसान हुआ है। मुझे नहीं पता कि ये अनुमान कितने सही हैं। पर एक तिहाई जीडीपी! हमें महामारी से पहले की जगह पर पहुंचने में कितना समय लगेगा। राजन ने यह भी कहा कि भारत महामारी के स्तर पर 2022 के आखीर तक शायद ही पहुंच सके। उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई के लिए हमें बहुत ऊंची वृद्धि दर हासिल करनी होगी।





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रिलायंस को पीछे छोड़ एक बार फिर सबसे मूल्यवान घरेलू कंपनी बनी TCS

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   15:02
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रिलायंस को पीछे छोड़ एक बार फिर सबसे मूल्यवान घरेलू कंपनी बनी TCS

टीसीएस एक बार फिर सबसे मूल्यवान घरेलू कंपनी बनी।टीसीएस ने पिछले साल मार्च में सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा खो दिया था, जिसे उसने सोमवार को दोबारा हासिल कर लिया। शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण हर दिन बदलता रहता है।

नयी दिल्ली। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को पीछे छोड़ते हुए बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। दोपहर के कारोबार के दौरान टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 12,45,341.44 करोड़ रुपये था, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का बाजार पूंजीकरण घटकर 12,42,593.78 करोड़ रुपये रह गया।

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आरआईएल के तिमाही नतीजे निवेशकों को खुश नहीं कर सके, जिसके चलते उसके शेयर बीएसई में 4.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,950.30 पर कारोबार कर रहे थे। इसके विपरीत टीसीएस के शेयर 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ एक साल के उच्चतम स्तर 3,345.25 रुपये पर आ गये। टीसीएस ने पिछले साल मार्च में सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा खो दिया था, जिसे उसने सोमवार को दोबारा हासिल कर लिया। शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण हर दिन बदलता रहता है।





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यस बैंक: प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई में बिल्डर समूह के परिसरों पर छापेमारी की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   14:34
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यस बैंक: प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई में बिल्डर समूह के परिसरों पर छापेमारी की

प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को मुंबई में रियल एस्टेट से जुड़े एक समूह के कम से कम 10 परिसरों में छापेमारी की। एजेंसी ने यह छापेमारी यस बैंक में कथित धोखाधड़ी के मामले में अपनी धन शोधन संबंधी जांच के सिलसिले में की।

नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को मुंबई में रियल एस्टेट से जुड़े एक समूह के कम से कम 10 परिसरों में छापेमारी की। एजेंसी ने यह छापेमारी यस बैंक में कथित धोखाधड़ी के मामले में अपनी धन शोधन संबंधी जांच के सिलसिले में की। अधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के मुंबई स्थित सात आवासीय और तीन कार्यालय परिसरों में छापेमारी की। ‘पीटीआई-भाषा’ ने रियल एस्टेट समूह को जानकारी के लिए ईमेल भेजे थे, लेकिन उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

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उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही है और छापेमारी का लक्ष्य इस मामले में और सबूत जमा करना है। उन्होंने बताया कि ओमकार ग्रुप के अध्यक्ष कमल किशोर गुप्ता और प्रबंध निदेशक बाबूलाल वर्मा इस समूह के प्रवर्तक हैं। सूत्रों ने बताया कि समूह पर आरोप है कि इसने झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) के तहत हासिल की गई कई अनुमतियों का गलत इस्तेमाल किया।

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वहीं समूह पर यह भी आरोप है कि इसने यस बैंक से ऋण के तौर पर लिए करीब 450 करोड़ रुपये की राशि को ‘किसी और मद में’ खर्च किया। यस बैंक के सह-प्रवर्तक राणा कपूर और डीएचएफएल के प्रवर्तक कपिल वधावन और धीरज वधावन को पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में गिरफ्तार कर चुका है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।





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कौन है जयंति घोष जिसे संयुक्त राष्ट्र ने उच्चस्तरीय सलाहकार समिति में किया नामित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   13:53
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कौन है जयंति घोष जिसे संयुक्त राष्ट्र ने उच्चस्तरीय सलाहकार समिति में किया नामित

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (यूएनडीईएसए) ने बताया कि आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में अपने बौद्धिक नेतृत्व के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध 20 प्रमुख हस्तियों को मिलाकर आर्थिक और सामाजिक मामलों पर दूसरे उच्च-स्तरीय सलाहकार बोर्ड (एचएलएबी) का गठन किया जाएगा।

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र ने भारत की विकास अर्थशास्त्री जयंति घोष को एक उच्चस्तरीय सलाहकार समिति में नामित किया है, जो कोविड-19 के बाद पैदा होने वाली प्रमुख सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों पर प्रतिक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव को सुझाव देगी।

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इस समिति में कुल 20 सदस्य हैं। घोष (65) यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं। उन्होंने लगभग 35 वर्षों तक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अर्थशास्त्र पढ़ाया है और कई किताबें लिखी हैं। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (यूएनडीईएसए) ने बताया कि आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में अपने बौद्धिक नेतृत्व के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध 20 प्रमुख हस्तियों को मिलाकर आर्थिक और सामाजिक मामलों पर दूसरे उच्च-स्तरीय सलाहकार बोर्ड (एचएलएबी) का गठन किया जाएगा। बोर्ड अलगे दो वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक और स्थानीय स्तर पर नीति निर्माण के लिए सलाह देगा।





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