RBI Action: नियमों की अनदेखी पर Muthoot Finance समेत 6 कंपनियों पर भारी Penalty, जानें क्या है वजह

भारतीय रिजर्व बैंक ने मुथूट फाइनेंस समेत छह एनबीएफसी पर नियामक नियमों की अनदेखी के लिए जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई वित्तीय क्षेत्र में जोखिम प्रबंधन और समय-समय पर खातों की समीक्षा के महत्व को स्पष्ट करती है। केंद्रीय बैंक का यह कदम बैंकिंग प्रणाली की पारदर्शिता और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रेरित है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने नियामकीय नियमों का पालन न करने के लिए छह कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। इनमें गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मुथूट फाइनेंस भी शामिल है।
आरबीआई की अधिसूचना के अनुसार, सेंट्रल बैंक ने मुथूट फाइनेंस पर 5.80 लाख रुपये, सत्य माइक्रोकैपिटल और पैन एमामी कॉस्मेड पर 3.10-3.10 लाख रुपये, धनी लोन्स एंड सर्विसेज और मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस पर 2.70-2.70 लाख रुपये और अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि मुथूट फाइनेंस पर जुर्माना इसलिए लगाया गया क्योंकि वह खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने की व्यवस्था लागू करने में विफल रही और संदिग्ध लेनदेन की प्रभावी पहचान तथा सूचना के लिए मजबूत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं किया।
इसी प्रकार अलग अलग कारणों से अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज, पैन एमामी कॉस्मेड और सत्य माइक्रोकैपिटल तथा अन्य पर भी जुर्माना लगाया गया।
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