Sun Pharma का India Business 17.3 फीसदी बढ़ा लेकिन शुद्ध मुनाफा 36.2 फीसदी घटा

Sun Pharma
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Ankit Jaiswal । Oct 30 2026 8:09PM

सन फार्मा का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 36.2 प्रतिशत घटकर 1,989 करोड़ रुपये रहा। ऑर्गनॉन अधिग्रहण और अमेरिका में कानूनी समझौते की लागत से मुनाफे पर असर पड़ा। हालांकि, कंपनी की कुल बिक्री 11.9 प्रतिशत बढ़कर 16,198 करोड़ रुपये रही और भारतीय कारोबार में 17.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

दवा बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में शामिल सन फार्मा के लिए सितंबर तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई, लेकिन कुछ खास खर्चों के कारण उसका शुद्ध मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 36.2 फीसदी घट गया। शुक्रवार को जारी नतीजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 1,989 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 3,116 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।

कंपनी के मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका की ऑर्गनॉन एंड कंपनी को खरीदने की प्रस्तावित योजना और एक अमेरिकी कानूनी मामले में हुए समझौते से जुड़े खर्च रहे। हालांकि, इन खास खर्चों को हटाकर देखें तो कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। इस आधार पर उसका समायोजित शुद्ध मुनाफा 1.4 फीसदी बढ़कर 3,162 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,118 करोड़ रुपये था।

जुलाई से सितंबर के बीच सन फार्मा की कुल परिचालन आय 11.9 फीसदी बढ़कर 16,198.7 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी को भारत और उभरते बाजारों में अच्छी बिक्री का फायदा मिला। वहीं, ब्याज, कर, मूल्यह्रास और कर्ज चुकाने से पहले की कमाई यानी एबिटा 4.8 फीसदी बढ़कर 4,743.9 करोड़ रुपये रही। इस दौरान कंपनी का एबिटा मार्जिन 29.3 फीसदी दर्ज किया गया। असाधारण खर्चों से पहले कर देने से पूर्व मुनाफा भी 6.3 फीसदी बढ़कर 4,428.2 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी के अलग-अलग बाजारों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो भारत में उसका कारोबार सबसे मजबूत रहा। घरेलू दवा कारोबार की बिक्री 17.3 फीसदी बढ़कर 5,552.3 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की कुल बिक्री में भारत की हिस्सेदारी 34.5 फीसदी रही। इसके उलट अमेरिका में दवाओं की बिक्री 8.2 फीसदी घटकर 455 मिलियन डॉलर रह गई। कुल बिक्री में अमेरिकी बाजार का योगदान करीब 27 फीसदी रहा।

उभरते बाजारों में कंपनी की बिक्री 7.6 फीसदी बढ़कर 350 मिलियन डॉलर रही। इससे कुल बिक्री में इन बाजारों की हिस्सेदारी 20.7 फीसदी हो गई। वहीं, कंपनी की नई और विशेष दवाओं से होने वाली वैश्विक बिक्री 6.9 फीसदी बढ़कर 356 मिलियन डॉलर पहुंच गई। इसका कुल बिक्री में योगदान 21.1 फीसदी रहा। कंपनी के प्रबंध निदेशक कीर्ति गणोरकर ने कहा कि भारत, उभरते बाजारों और दुनिया के दूसरे बाजारों में अच्छी मांग से तिमाही के प्रदर्शन को मजबूती मिली है।

मुनाफे पर असर डालने वाले खर्चों में ऑर्गनॉन को खरीदने की प्रक्रिया से जुड़े 346.16 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसमें कानूनी सलाह, जरूरी जांच, दस्तावेज जमा करने, वित्तीय प्रतिबद्धताओं और सौदे से जुड़े दूसरे खर्च शामिल हैं। कंपनी ने कहा है कि आने वाली तिमाहियों में भी इस खरीद से जुड़े कुछ और खर्च हो सकते हैं।

इसके अलावा, सन फार्मा की तीन सहायक कंपनियों ने अमेरिका में जेनेरिक दवाओं की कीमतों को लेकर चल रहे मुकदमे में एक पक्ष के साथ 10 सितंबर 2026 को समझौता किया। इस समझौते के तहत 922.67 करोड़ रुपये की रकम तय हुई, जिसमें कानूनी खर्च भी शामिल हैं। कंपनी ने इस मामले में 95.34 करोड़ रुपये का कर लाभ दर्ज किया है।

दवा के नए इस्तेमाल और कारोबार बढ़ाने के मोर्चे पर भी कंपनी को कुछ उपलब्धियां मिली हैं। उसकी दवा इलुम्या को अमेरिका में सक्रिय सोरियाटिक गठिया से पीड़ित वयस्कों के इलाज के लिए मंजूरी मिली है। वहीं, अनलोक्ससाइट को त्वचा के एक प्रकार के कैंसर के गंभीर मामलों के इलाज के लिए अमेरिकी कैंसर दिशानिर्देश संस्था से पसंदीदा दवा के रूप में सिफारिश मिली है।

कंपनी ने अमेरिका और चीन को छोड़कर दूसरे बाजारों में हृदय रोग से जुड़ी दवा लेरोडालसिबेप के अधिकार भी हासिल किए हैं। यूरोपीय संघ में इसकी बिक्री से पहले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दूसरी तिमाही में कंपनी ने शोध और नई दवाओं के विकास पर 778.4 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कुल बिक्री का 4.8 फीसदी है।

शेयर बाजार में कंपनी के नतीजों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। शुक्रवार दोपहर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सन फार्मा का शेयर 4.2 फीसदी बढ़कर 1,835 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस साल अब तक शेयर में 4.4 फीसदी की बढ़त रही है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 11.9 फीसदी की गिरावट आई है। कुल मिलाकर कंपनी की बिक्री और मुख्य कारोबार में बढ़ोतरी के बावजूद कानूनी समझौते और अधिग्रहण से जुड़े खर्चों ने तिमाही मुनाफे पर असर डाला है और निवेशकों की नजर अब आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं।

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