West Asia में बढ़े तनाव का असर, Oil Price कंट्रोल करने के लिए 41 करोड़ बैरल तेल बाजार में आएगा

crude oil
प्रतिरूप फोटो
creative common
Ankit Jaiswal । Mar 15 2026 10:59PM

वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत सदस्य देश अपने आपात भंडार से 41 करोड़ बैरल तेल जारी करेंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों पर नियंत्रण पाना और ऊर्जा संकट की आशंका को टालना है।

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी से जुड़े देशों ने अपने आपात भंडार से बड़ी मात्रा में तेल जारी करने का फैसला किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार सदस्य देशों ने मिलकर लगभग इकतालीस करोड़ बैरल से अधिक तेल बाजार में उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।

बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित रखने और कीमतों में तेज उछाल को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने एक बयान में बताया है कि कुल घोषित मात्रा में से लगभग सत्ताईस करोड़ बैरल तेल सीधे सरकारी भंडार से जारी किया जाएगा। इसके अलावा करीब ग्यारह करोड़ साठ लाख बैरल तेल उद्योग से जुड़े अनिवार्य भंडार से उपलब्ध कराया जाएगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार लगभग दो करोड़ छत्तीस लाख बैरल तेल अन्य स्रोतों से बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। एजेंसी का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना और संभावित संकट की स्थिति से निपटना है।

गौरतलब है कि जारी किए जाने वाले कुल तेल में लगभग बहत्तर प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल का होगा जबकि अट्ठाइस प्रतिशत हिस्सा तैयार पेट्रोलियम उत्पादों का होगा। इससे उम्मीद की जा रही है कि बाजार में तुरंत आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर कुछ दबाव कम होगा।

एजेंसी के अनुसार एशिया और ओशिनिया क्षेत्र के देशों के भंडार से तेल तुरंत बाजार में उपलब्ध कराया जा सकेगा। वहीं यूरोप और अमेरिका क्षेत्र के भंडार से तेल मार्च महीने के अंत तक बाजार में आने की संभावना जताई जा रही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार ऊर्जा बाजार में पिछले कुछ समय से अनिश्चितता बनी हुई है और कई देशों को तेल आपूर्ति को लेकर चिंता है। ऐसे में आपात भंडार का उपयोग कर वैश्विक बाजार में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार में आपूर्ति बढ़ती है तो तेल की कीमतों में तेजी को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, हालांकि यह भी इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की स्थिति आगे किस दिशा में जाती है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़