US Tariff की चिंता ने डुबोया बाजार, Sensex-Nifty में चार महीने की सबसे बड़ी गिरावट।

Sensex-Nifty
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Jan 8 2026 10:54PM

अमेरिकी टैरिफ को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में चार महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट में निफ्टी और सेंसेक्स लगभग एक फीसदी टूटे, जबकि सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।

कमजोरी के संकेतों के साथ बाजार खुले और देखते-ही-देखते दबाव गहराता चला गया। अमेरिकी टैरिफ को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बीते चार महीनों की सबसे बड़ी एक-दिनी गिरावट दर्ज की गई हैं। निफ्टी-50 करीब एक फीसदी टूटकर 25,876.85 के स्तर पर बंद हुआ है, जबकि सेंसेक्स 0.92 फीसदी गिरकर 84,180.96 पर आ गया हैं। बता दें कि पूरे हफ्ते में निफ्टी और सेंसेक्स क्रमशः 1.7 और 1.8 फीसदी तक फिसल चुके हैं।

गौरतलब है कि इस गिरावट की मार केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं, जबकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में लगभग 2 फीसदी की तेज गिरावट देखने को मिली हैं। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया हैं और जनवरी में अब तक करीब 90 करोड़ डॉलर की बिकवाली हो चुकी हैं।

इसी बीच, रुपये पर भी दबाव बना रहा हैं। टैरिफ को लेकर चिंताओं और पूंजी के लगातार बाहर जाने से रुपया कमजोर बंद हुआ हैं, हालांकि रिजर्व बैंक के अचानक हस्तक्षेप ने गिरावट को कुछ हद तक थामने की कोशिश की हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों, खासकर अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर सहज नहीं हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने के संकेत और भारत को उच्च शुल्क की चेतावनी ने चिंता और बढ़ा दी हैं। बता दें कि अमेरिका पहले ही भारत से आने वाले कई उत्पादों पर 50 फीसदी तक शुल्क लगा चुका हैं, जबकि भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अभी जारी हैं।

सेक्टोरल स्तर पर देखें तो निर्यात आधारित कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा हैं। परिधान और सीफूड निर्यातक शेयरों में 7 से 9 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई हैं। मेटल शेयरों में भी वैश्विक तेजी के कमजोर पड़ने से नौ महीनों की सबसे बड़ी एक-दिनी गिरावट आई हैं। तेल एवं गैस सेक्टर में भी बिकवाली हावी रही हैं, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज करीब 2 फीसदी फिसला हैं। आईटी शेयरों में हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली दिखी हैं, जबकि एलएंडटी और बीएचईएल जैसे कैपिटल गुड्स शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई हैं, जहां सरकारी नीतिगत बदलावों की अटकलों का असर साफ दिखा।

All the updates here:

अन्य न्यूज़