Chai Par Sameeksha: Youth Congress Protest से बढ़ी कांग्रेस की टेंशन, Anti-India Party होने का आरोप

प्रभासाक्षी के संपादक नीरज दुबे ने कहा कि विदेश के जो प्रतिनिधि आए हुए थे, वह बिना किसी सिक्योरिटी के इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे थे। मामूली सिक्योरिटी के साथ तमाम हॉल में वह जा रहे थे। ऐसे में आप अगर इस तरह की चीज करते हैं तो यह हमारे देश की छवि के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
प्रभासाक्षी न्यूज़ नेटवर्क के खास साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के आयोजन स्थल भारत मंडपम में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी। प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने सवालों के जवाब दिये। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर पूछे गए सवालों के जवाब में नीरज कुमार दुबे ने कहा कि पार्टी के युवा मोर्चे के द्वारा जो कुछ भी किया गया, वह बिल्कुल शर्मनाक है। यह आयोजन मोदी का नहीं था, यह आयोजन भाजपा का नहीं था, यह आयोजन भारत की सरकार का था। इस देश के नागरिकों का था और कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन मोदी या फिर भाजपा के विरोध में नहीं, बल्कि यह देश के विरोध में किया गया। उन्होंने कहा कि जब देश दुनिया के लोग वहां जुटे हुए थे और आप वहां पहुंचकर इस तरीके का कृत्य करें, इसे बिल्कुल माफ नहीं किया जा सकता है।
नीरज दुबे ने दावा किया कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। टी-शर्ट कैसे छपे, पैसे इसके लिए कहां से आए। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा में कोई चूक नहीं था बल्कि यह प्लान किया हुआ था। इसका बहुत पहले से प्लान कर लिया गया था। तभी सम्मेलन के आखिरी दिन इसको अंजाम दिया गया, यह जानते हुए की आखिरी दिन वीवीआईपी मूवमेंट की कमी होगी और ऐसे में सुरक्षा को भेदना बहुत बड़ी बात नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के पहुंचने से पहले जो लोग वहां मौजूद थे, उन्होंने ही कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन का विरोध करना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस तरह की राजनीति सामान्य बात हो सकती है लेकिन विदेशी मेहमानों के लिए यह सामान्य नहीं है।
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नीरज दुबे ने कहा कि विदेश के जो प्रतिनिधि आए हुए थे, वह बिना किसी सिक्योरिटी के इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे थे। मामूली सिक्योरिटी के साथ तमाम हॉल में वह जा रहे थे। ऐसे में आप अगर इस तरह की चीज करते हैं तो यह हमारे देश की छवि के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। अगर आप इस तरीके का प्रदर्शन करेंगे तो भारत के लोग गुस्सा होंगे ही। ऐसा इसलिए है क्योंकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जो कुछ भी किया उसे देश की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। आपके देश की छवि खराब हो सकती है। अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है लेकिन राष्ट्र के विरोध की आजादी किसी को नहीं होनी चाहिए और कांग्रेस को भी अपने कार्यकर्ताओं को समझाना होगा।
नीरज दुबे ने कहा कि भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटा बना कर इस मुद्दे को पीछे नहीं करना होगा। इस मुद्दे की पूरी तरीके से जांच होनी चाहिए। 80 से ज्यादा देशों की इस सम्मेलन में प्रत्यक्ष भागीदारी हुई है। ऐसे में इस सम्मेलन की महता को हम सभी को समझना होगा। नीरज दुबे ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस जगह इस तरीके का प्रदर्शन किया जहां आधी दुनिया के लोग इकट्ठा थे। कांग्रेस बौखलाई हुई है। कांग्रेस को सत्ता नहीं मिल रही है। वह किसी भी कीमत पर सत्ता चाहती है। इसके लिए उसे देश का विरोध ही क्यों न करना पड़े, कांग्रेस इससे भी पीछे नहीं हो रही है।
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