Reliance Jio का मेगा आईपीओ तोड़ेगा सारे रिकॉर्ड? शेयर बाज़ार में अब तक का सबसे बड़ा इश्यू लाने की तैयारी।

Reliance Jio
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Jan 9 2026 11:15PM

देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी, रिलायंस जियो, अपने विस्तार को गति देने के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग की योजना बना रही है, जिससे यह आईपीओ हुंडई के इश्यू को पीछे छोड़ते हुए भारत का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर बन सकता है।

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स इस साल शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं और मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी करीब 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी का आईपीओ लाने पर विचार कर रही हैं। बता दें कि अगर यह योजना साकार होती हैं तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता हैं, जिसकी अनुमानित राशि 4 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी जा रही हैं।

गौरतलब है कि मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस जियो, देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी हैं, जिसके यूजर बेस की संख्या 50 करोड़ से अधिक हैं। निवेश बैंक जेफरीज ने नवंबर में जियो का वैल्यूएशन करीब 180 अरब डॉलर बताया था, ऐसे में 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से लगभग 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं, जो 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ से भी बड़ा आंकड़ा हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, बीते छह वर्षों में जियो ने टेलीकॉम से आगे बढ़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल बिजनेस में भी विस्तार किया हैं और केकेआर, जनरल अटलांटिक, सिल्वर लेक तथा अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों से फंड जुटाए हैं। सूत्रों का कहना है कि कंपनी का इरादा फिलहाल सीमित हिस्सेदारी सूचीबद्ध करने का हैं, क्योंकि सेबी द्वारा बड़े आईपीओ के लिए न्यूनतम पब्लिक फ्लोट को 5 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को अभी वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलनी बाकी हैं।

जानकारों के मुताबिक, कम हिस्सेदारी की लिस्टिंग से शेयर की कीमत को लेकर बेहतर मांग बन सकती हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ हैं कि यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर-फॉर-सेल होगा या इसमें नए शेयर भी जारी किए जाएंगे। गौरतलब है कि जियो की सालाना आय का बड़ा हिस्सा, करीब 75 से 80 प्रतिशत, टेलीकॉम बिजनेस से आता हैं।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया हैं जब भारतीय आईपीओ बाजार लगातार मजबूत बना हुआ हैं और 2025 में भारत प्राइमरी मार्केट से फंड जुटाने के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर रहा हैं। रिलायंस समूह भविष्य में अपने रिटेल बिजनेस को भी सूचीबद्ध करने की योजना पर काम कर रहा हैं, हालांकि वह 2027 या 2028 से पहले संभव नहीं मानी जा रही हैं।

बताया जा रहा है कि जियो आईपीओ के दस्तावेज तैयार करने के लिए मॉर्गन स्टेनली और कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े बैंकर शुरुआती स्तर पर काम कर रहे हैं, जबकि अंतिम समय-सीमा बाजार की स्थिति और नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगी। माना जा रहा है कि आईपीओ के जरिए कई विदेशी निवेशक अपने निवेश से आंशिक या पूर्ण एग्जिट भी तलाश सकते हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़