Ravi Shastri Birthday: एक चोट ने 31 की उम्र में खत्म कर दिया था तूफानी Career, जानें अनसुनी कहानी

पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी और कोच रवि शास्त्री आज यानी की 27 मई को अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने बतौर खिलाड़ी, कोच और कमेंटेटर के रूप में भारतीय क्रिकट में अपनी एक मजबूत छाप छोड़ी है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी और कोच रवि शास्त्री आज यानी की 27 मई को अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं। बता दें कि रवि शास्त्री उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने बतौर खिलाड़ी, कोच और कमेंटेटर के रूप में भारतीय क्रिकट में अपनी एक मजबूत छाप छोड़ी है। उन्होंने बतौर क्रिकेटर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को जीत दिलाई। फिर बाद में कोच और कमेंट्री की दुनिया में भी एक खास मुकाम हासिल किया है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर रवि शास्त्री के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
मुंबई में 27 मई 1962 को रवि शास्त्री का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम डॉ एम जयद्रथ शास्त्री था और मां का नाम लक्ष्मी शास्त्री है। वहीं 18 मार्च 1990 को रवि शास्त्री का ऋतु सिंह से विवाह हुआ था। वहीं शादी के करीब 22 सालों बाद आपसी मतभेद के कारण साल 2012 में दोनों का तलाक हो गया था।
क्रिकेट करियर
घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से खेलते हुए रवि शास्त्री ने अपनी पहचान बनाई थी। फिर साल 1981 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाद थे। रवि शास्त्री अपने समय के सबसे भरोसेमंद और ऑलराउंडर माने जाते थे। उन्होंने इंडिया के लिए 80 टेस्ट और 150 वनडे मुकाबले खेले थे। टेस्ट में रवि शास्त्री के नाम 3830 रन और 151 विकेट दर्ज हैं। वहीं वनडे में रवि शास्त्री ने 3108 रन और 129 विकेट हासिल किए। साल 1983 में विश्व विजेता टीम इंडिया का हिस्सा होना भी रवि शास्त्री के क्रिकेट करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
बनाए कई यादगार रिकॉर्ड
घरेलू क्रिकेट में रवि शास्त्री ने कई यादगार रिकॉर्ड बनाए थे। उन्होंने वानखेड़े स्टेडियम में 10 जनवरी 1985 को रणजी ट्रॉफी में बड़ौदा के खिलाफ एक ओवर की छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगाए थे। इस मुकाबले में रवि शास्त्री ने सिर्फ 113 मिनट में अपना दोहरा शतक जड़ दिया था। जोकि लंबे समय तक एक विश्व रिकॉर्ड रहा था।
ऐसे खत्म हुआ शानदार सफर
रवि शास्त्री का अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा चल सकता था, लेकिन घुटने में चोट के कारण उन्होंने सिर्फ 31 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। रवि शास्त्री ने अपने करियर में भारत के लिए सिर्फ एक टेस्ट मैच में कप्तानी की थी।
कोच के रूप में टीम इंडिया को बनाया निडर
बता दें कि साल 2014 से 2016 तक रवि शास्त्री भारतीय टीम के डायरेक्टर रहे। इसके बाद साल 2017 से लेकर 2021 तक वह भारतीय टीम के मुख्य कोच रहे। उन्होंने कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर विदेशों में टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाएं। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर लगातार दो बार टेस्ट सीरीज जीतना, टेस्ट क्रिकेट में भारत को लंबे समय तक दुनिया की नंबर 1 टीम बनाए रखना और खिलाड़ियों में जीतने की जिद पैदा करना आदि रवि शास्त्री के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियां हैं।
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