मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर सकते हैं मोर्गन

Eoin Morgan
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मोर्गन की विरासत को हालांकि साढ़े सात साल इंग्लैंड की उनकी कप्तानी के रूप में याद किया जाएगा जिस दौरान इंग्लैंड की टीम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 क्रिकेट दोनों में दुनिया की नंबर एक टीम बनी।

लंदन| इंग्लैंड की विश्व कप विजेता टीम के कप्तान रहे इयोन मोर्गन मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। मोर्गन ने 16 साल के अपने करियर के दौरान एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में मिलाकर 10 हजार से अधिक रन बनाए।

‘स्काई स्पोर्ट्स’ की खबर के अनुसार डबलिन में जन्मे 35 साल के मोर्गन आस्ट्रेलिया में इस साल होने वाले टी20 विश्व कप में इंग्लैंड की अगुआई करना चाहते थे लेकिन पिछले 18 महीने में फॉर्म और फिटनेस से जूझने के बाद उनका मन बदल गया।

मोर्गन ने इस महीने नीदरलैंड के खिलाफ शुरुआती दो एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इंग्लैंड की कप्तानी की लेकिन दोनों ही मौकों पर वह खाता खोलने में नाकाम रहे। वह ग्रोइन की चोट के कारण तीसरे मैच में नहीं खेले।

उप कप्तान जोस बटलर को उनकी जगह सीमित ओवरों के प्रारूप में इंग्लैंड का नया कप्तान बनाया जा सकता है और कप्तान के रूप में उनकी पहली श्रृंखला भारत के खिलाफ हो सकती है।

मोर्गन ने 2006 में आयरलैंड की ओर से पदार्पण किया लेकिन तीन साल बाद 2009 में इंग्लैंड की ओर से खेलने लगे। मध्य क्रम में खेलने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज मोर्गन ने 248 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 7,701 रन बनाए। मोर्गन ने 115 टी20 मुकाबलों में 2,458 रन बनाए।

उन्होंने इस प्रारूप में इंग्लैंड के लिए 2009 में नीदरलैंड के खिलाफ पदार्पण किया। मोर्गन ने 16 टेस्ट भी खेले लेकिन इनमें वह सिर्फ 700 रन बना पाए। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला।

मोर्गन की विरासत को हालांकि साढ़े सात साल इंग्लैंड की उनकी कप्तानी के रूप में याद किया जाएगा जिस दौरान इंग्लैंड की टीम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 क्रिकेट दोनों में दुनिया की नंबर एक टीम बनी।

उन्होंने 2015 में आस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप से पहले सर एलेस्टेयर कुक की जगह एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम की कमान संभाली और उस विश्व कप के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद टीम के क्रिकेट में आमूलचूल बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई।

मोर्गन और तत्कालीन कोच ट्रेवर बेलिस ने इंग्लैंड की टीम में नई जान फूंकी और खिलाड़ियों को निडर क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया।

टीम अंतत: 2019 में अपनी सरजमीं पर पहली बार एकदिवसीय विश्व कप जीतने में सफल रही। मोर्गन की अगुआई में इंग्लैंड की टीम 2016 टी20 विश्व कप के फाइनल और 2021 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंची।

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