नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत का शानदार आगाज, दूसरे दिन ही इंग्लैंड को 10 विकेट से हराया

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भारत ने दिन रात्रि तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन ही गुरुवार को यहां इंग्लैंड को 10 विकेट से हराकर चार मैचों की श्रृंखला में 2-1 से बढ़त बनायी। भारत के सामने जीत के लिये 49 रन का लक्ष्य था जो उसने बिना किसी नुकसान के हासिल कर दिया। चौथा टेस्ट इसी स्थान पर चार मार्च से खेला जाएगा।
अहमदाबाद। अक्षर पटेल और रविचंद्रन अश्विन ने पिच से मिल रही मदद का पूरा फायदा उठाकर विकेटों के पतझड़ का गवाह बने दिन रात्रि तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में भारत को गुरुवार को यहां दूसरे दिन ही इंग्लैंड पर 10 विकेट से बड़ी जीत दिलायी। अपना दूसरा टेस्ट मैच खेल रहे अक्षर ने घरेलू मैदान पर दूसरी पारी में 32 रन देकर पांच विकेट लिये और इस तरह से मैच में 70 रन देकर 11 विकेट हासिल किये। अश्विन ने 48 रन देकर चार विकेट लिये और 400 टेस्ट विकेट के विशिष्ट क्लब में शामिल हुए। इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में 81 रन पर ढेर हो गयी जो भारत के खिलाफ उसका न्यूनतम स्कोर है। भारत के सामने 49 रन का लक्ष्य था जो उसने दूसरे दिन तीसरे सत्र के पहले घंटे में ही बिना विकेट गंवाये हासिल कर दिया। रोहित शर्मा (नाबाद 25) ने विजयी छक्का लगाया जबकि शुभमन गिल 15 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने इस तरह से चार मैचों की श्रृंखला में 2-1 से बढ़त बनाकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाये। इंग्लैंड इस हार से फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है। भारत चार मार्च से होने वाले तीसरे टेस्ट मैच को ड्रा कराने पर भी जून में लार्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल खेलने का अधिकार हासिल कर लेगा। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की स्पिनरों की मददगार पिच पर पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी विकेटों का पतझड़ जारी रहा। दूसरे दिन कुल 17 विकेट गिरे। भारत ने सुबह अपनी पहली पारी तीन विकेट पर 99 रन से आगे बढ़ायी और 145 रन बनाकर 33 रन की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड पहली पारी में 112 रन ही बना पाया था। उसने दूसरी पारी में भारत के खिलाफ अपना न्यूनतम स्कोर बनाया। इससे पहले का रिकार्ड 101 रन था जो उसने 1971 में ओवल में बनाया था। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह 22वां अवसर है जबकि कोई टेस्ट मैच दो दिन के अंदर ही समाप्त हो गया। भारत में ऐसा दूसरी बार हुआ। इससे पहले 2018 में भारत ने अफगानिस्तान को बेंगलुरू में दो दिन में हरा दिया था। इस मैच में केवल 140.2 ओवर किये गये। किसी पूरे मैच में सबसे कम ओवर के रिकार्ड में यह आंकड़ा सातवें नंबर पर है। पिच के व्यवहार का आलम यह था कि इंग्लैंड की तरफ से पहली पारी में कामचलाऊ ऑफ स्पिनर जो रूट ने आठ रन देकर पांच और बायें हाथ के स्पिनर जैक लीच ने 54 रन देकर चार विकेट लिये। रूट ने दूसरी पारी में गेंदबाजी का आगाज किया। पहली पारी में छह विकेट लेने वाले अक्षर ने नयी गेंद संभाली और पहली गेंद पर जॉक क्राउली को बोल्ड करके उन्हें गलत लाइन पर खेलने सजा दी। वह पारी की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले दुनिया के चौथे और अश्विन के बाद भारत के दूसरे स्पिनर बने। उन्होंने तीसरी गेंद पर जॉनी बेयरस्टॉ को भी पवेलियन भेज दिया। अब दूसरे सलामी बल्लेबाज डॉम सिब्ली (सात) की बारी थी। अक्षर की टर्न लेती गेंद सिब्ली के बल्ले को चूमकर विकेटकीपर ऋषभ पंत के दस्तानों में समा गयी। बेन स्टोक्स (25) ने आक्रमण की रणनीति अपनायी और 34 गेंद की अपनी पारी में तीन चौके भी लगाये लेकिन अश्विन के सामने उनकी फिर से नहीं चली। भारतीय ऑफ स्पिनर ने 11वीं बार स्टोक्स को आउट किया। अक्षर ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने जो रूट (19) को पगबाधा आउट करके मैच में दस विकेट लेने का कारनामा किया। 

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रूट गेंद के टर्न को भांपने में नाकाम रहे थे। ओली पोप (12) को लगातार दूसरी पारी में समझ में नहीं आया कि अश्विन को कैसे खेलना है। अश्विन ने इसके बाद जोफ्रा आर्चर को आउट करके टेस्ट मैचों में अपना 400वां विकेट लिया। वह इस मुकाम पर पहुंचने वाले दुनिया के 16वें और भारत के चौथे गेंदबाज हैं। अश्विन यह उपलब्धि हासिल करने वाले छठे स्पिनर बने हैं। वाशिंगटन सुंदर ने केवल चार गेंदें की और एक विकेट अपने नाम लिखा। इससे पहले भारत ने भी अंतिम सात विकेट 31 रन के अंदर गंवाये। भारत के पांच बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे जिनमें रोहित ने सर्वाधिक 66 रन बनाये। रूट ने टेस्ट ही नहीं अपने प्रथम श्रेणी करियर में भी पहली बार पारी में पांच विकेट लिये। रोहित ने अपनी अच्छी फार्म दिखायी लेकिन उप कप्तान अंजिक्य रहाणे (एक) फिर से नहीं चल पाये। बायें हाथ के स्पिनरों के सामने अक्सर नाकाम रहने वाले रहाणे को लीच ने पगबाधा आउट किया जबकि रोहित लीच की गेंद स्वीप करने से चूक गये। इसके बाद रूट ने कहर बरपाया और मुंबई में 2004 में जो काम माइकल क्लार्क (नौ रन देकर छह विकेट) ने किया था वही किया। उन्होंने पंत (एक), सुंदर (शून्य) और अक्षर (शून्य) को आते ही पवेलियन भेज दिया। अश्विन (17) और अपना 100वां टेस्ट मैच खेल रहे इशांत शर्मा (नाबाद 10) ने आखिर में उपयोगी रन जोड़े।

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