रोहित शर्मा का बड़ा खुलासा, कहा- जानता था टेस्ट में मेरा आखिरी मौका है!

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 5, 2021   13:27
रोहित शर्मा का बड़ा खुलासा, कहा-  जानता था टेस्ट में मेरा आखिरी मौका है!

भारत के सीनियर क्रिकेटर रोहित शर्मा ने कहा कि, जब 2019 में मुझे पारी का आगाज करने को कहा गया तो जानता था यह टेस्ट में मेरा अंतिम मौका था।रोहित ने कहा कि जब बल्लेबाजी का आगाज करने की पेशकश हुई तो वह इस चुनौती के लिये मानसिक रूप से तैयार थे।

लंदन। भारत के सीनियर क्रिकेटर रोहित शर्मा ने स्वीकार किया कि जब 2019 में उन्हें सलामी बल्लेबाज के तौर पर खेलने को कहा गया था तो यह उनके लिये अंतिम मौका था और उनका कहना है कि वह इस मौके का फायदा उठाकर खुश हैं। रोहित ने शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट के तीसरे दिन 127 रन की पारी खेलकर विदेशों में अपना पहला शतक जमाया। उन्होंने कहा कि बतौर क्रिकेटर उन्होंने जो फैसले किये हैं, उसमें पारी का आगाज करने की भूमिका स्वीकार करना सबसे बड़ा था। रोहित ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा, ‘‘आप ऐसा कह सकते हैं। ’’

इसे भी पढ़ें: रोहित शर्मा का शतक, भारत ने 171 रन की बढ़त हासिल की

अपने आठवें टेस्ट शतक और सलामी बल्लेबाज के तौर पर पांचवें सैकड़े के बाद उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता था कि बल्लेबाजी क्रम में एक और स्थान की कोशिश में यह मेरा अंतिम मौका था। ’’ रोहित ने कहा कि जब बल्लेबाजी का आगाज करने की पेशकश हुई तो वह इस चुनौती के लिये मानसिक रूप से तैयार थे और देखना चाहते थे कि वह बल्लेबाजी के ऊपरी क्रम में कैसा कर सकते थे। वह जानते थे कि ज्यादा मौके नहीं मिलेंगे क्योंकि मध्यक्रम बल्लेबाज के तौर पर वह इतना अच्छा नहीं कर सके थे। रोहित ने कहा, ‘‘मैंने पहले मध्यक्रम में बल्लेबाजी की थी और चीजें उस तरह नहीं हुई थी जैसा मैं चाहता था। मैं जानता था कि यह मेरे लिये अंतिम मौका था और मैं क्या करने की कोशिश कर रहा था, प्रबंधन भी ऐसा ही चाहता था। ’’ खेल चुनौतियों का सामना करने के बारे में ही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप एक खेल खेलते हो तो आप हमेशा इन मौकों और जोखिमों को देखते हो इसलिये मैं इसके लिये तैयार था और यह मेरे लिये हैरानी भरा नहीं था। ’’ रोहित ने कहा, ‘‘अगर मैं सफल नहीं होता तो यह मेरा अंतिम मौका होता। कुछ भी हो सकता था।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।