David Miller के तूफान में उड़ी Team India, South Africa से हार के बाद Semifinal की राह बेहद मुश्किल

डेविड मिलर की 63 रनों की विस्फोटक पारी और भारतीय बल्लेबाजी की विफलता के कारण टीम इंडिया को टी20 विश्व कप में अपनी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 111 पर सिमटने से भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है, जिससे अब क्वालिफिकेशन की राह बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है।
अहमदाबाद में रविवार रात जो हुआ, उसने भारतीय टीम और प्रशंसकों को झटका दे दिया। साउथ अफ्रीका ने टी20 विश्व कप के सुपर 8 मुकाबले में भारत को 76 रन से हराकर टूर्नामेंट की तस्वीर बदल दी। 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पारी 111 रन पर सिमट गई, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में उसकी सबसे बड़ी हारों में गिनी जा रही है।
बता दें कि इस हार के साथ भारत का नेट रन रेट गिरकर -3.80 हो गया है, जिससे सेमीफाइनल की राह अब काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है। मैच से पहले सोशल मीडिया पर एक हल्का-फुल्का प्रमोशनल वीडियो चर्चा में था, जिसमें पिछले फाइनल का जिक्र करते हुए साउथ अफ्रीका के आईसीसी रिकॉर्ड पर मजाक किया गया था। लेकिन मैदान पर परिणाम उल्टा रहा और वही वीडियो अब प्रशंसकों के बीच चर्चा और तंज का विषय बन गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार मुकाबले की शुरुआत में साउथ अफ्रीका दबाव में दिख रहा था और पावरप्ले में 20 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। हालांकि इसके बाद डेविड मिलर ने पारी संभाली। उन्होंने 35 गेंदों पर 63 रन की तेज पारी खेली, जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल थे। उनके साथ डेवॉल्ड ब्रेविस ने अहम साझेदारी की और दोनों ने मिलकर 97 रन जोड़े, जिससे टीम 187 रन तक पहुंच सकी।
भारत की ओर से लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत ही खराब रही। एडेन मार्करम ने पहले ही ओवर में ईशान किशन को आउट कर दबाव बना दिया। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। शीर्ष क्रम आक्रामक जवाब नहीं दे सका और मध्यक्रम साझेदारी बनाने में नाकाम रहा। रन गति बढ़ती गई और मैच भारत के हाथ से निकल गया।
गौरतलब है कि अब भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अपने बाकी दोनों मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे। 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे और 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच अहम होंगे। अगर अन्य टीमों के परिणाम भारत के पक्ष में जाते हैं तो समीकरण बदल सकते हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति साफ है कि भारत को न सिर्फ जीत चाहिए बल्कि नेट रन रेट भी सुधारना होगा। टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों के सामने अब वापसी की बड़ी चुनौती खड़ी है।
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