Himachal Foundation Day: 79 साल का सफर, कैसे बना देश का 'Hill State Model

पहाड़ों की गोद में बसा हिमाचल प्रदेश आज यानी की 15 अप्रैल को अपना 79वां स्थापना दिवस मना रहा है। 15 अप्रैल 1948 को यह राज्य अस्तित्व में आया था और वह छोटा सा राज्य देश के अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए एक मॉडल बनकर उभरा है।
पहाड़ों की गोद में बसा हिमाचल प्रदेश आज यानी की 15 अप्रैल को अपना 79वां स्थापना दिवस मना रहा है। 15 अप्रैल 1948 को यह राज्य अस्तित्व में आया था और वह छोटा सा राज्य देश के अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए एक मॉडल बनकर उभरा है। 21वीं सदी की शुरूआत के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था ने जिस रफ्तार से उड़ान भरी थी, वह अपने आप में उल्लेखनीय है। हर साल स्थापना दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।
हिमाचल प्रदेश का गठन
पहाड़ों की गोद में बसी छोटी-छोटी रियासतों को मिलाकर हिमाचल प्रदेश का गठन 15 अप्रैल 1948 को हुआ था। 79 सालों का यह सफर संतुलन, संघर्ष और सतत विकास की कहानी कहता है। आर्थिक मोर्चे पर बढ़ती चुनौतियां राज्य को आत्मनिर्भरता की पटरी पर लाने की दिशा में गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आजादी के 30 सालों से ज्यादा रियासतों को मिलाकर बने हिमाचल प्रदेश ने सीमित संसाधनों के बाद स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे में उल्लेखनीय प्रगति की है।
तेज हुई विकास की रफ्तार
साल 1971 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद विकास की रफ्तार अधिक तेज हुई। राज्य को लंबे समय से हिल स्टेट मॉडल के तौर पर देखा जाता रहा है। साक्षरता दर, मानव विकास सूचकांक और स्वास्थ्य सेवाओं में हिमाचल प्रदेश ने कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बाद भी बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जाता है।
अन्य न्यूज़















