Dragon ने फिर दिखाई अपनी ताकत, China की GDP Growth Rate Q1 में 5% पर पहुंची

चीन ने पहली तिमाही में 5% की जीडीपी वृद्धि के साथ मजबूत आर्थिक संकेत दिए हैं, जिसमें औद्योगिक उत्पादन और खुदरा बिक्री प्रमुख चालक रहे। उच्च-तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में 12.5% की प्रभावशाली वृद्धि चीन के तकनीकी फोकस को उजागर करती है, जबकि निवेश और व्यापार के मोर्चे पर भी सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है।
वैश्विक आर्थिक माहौल के बीच चीन की अर्थव्यवस्था ने साल की शुरुआत मजबूत संकेतों के साथ की है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो पिछले साल की तुलना में स्थिर और सकारात्मक मानी जा रही है।
बता दें कि राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में देश का सकल घरेलू उत्पाद करीब 33.42 ट्रिलियन युआन तक पहुंच गया। मौजूद जानकारी के अनुसार औद्योगिक उत्पादन में भी तेजी देखने को मिली है, जहां बड़े उद्योगों का उत्पादन 6.1 प्रतिशत बढ़ा है।
गौरतलब है कि विनिर्माण क्षेत्र में खास तौर पर उपकरण निर्माण और उच्च तकनीक से जुड़े उद्योगों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इन क्षेत्रों में 8.9 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि चीन अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ तकनीकी क्षेत्र पर भी तेजी से फोकस कर रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार उपभोक्ता मांग में भी सुधार देखा गया है। जनवरी से मार्च के बीच खुदरा बिक्री 2.4 प्रतिशत बढ़कर 12.77 ट्रिलियन युआन तक पहुंच गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में बेहतर मानी जा रही है। यह संकेत देता है कि घरेलू खपत धीरे-धीरे मजबूत हो रही है।
निवेश के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। स्थायी संपत्ति निवेश में 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसमें गिरावट देखी गई थी। इससे यह साफ होता है कि आर्थिक गतिविधियां फिर से रफ्तार पकड़ रही हैं।
विदेश व्यापार के क्षेत्र में भी चीन का प्रदर्शन मजबूत रहा है। आयात और निर्यात मिलाकर कुल व्यापार 11.84 ट्रिलियन युआन तक पहुंच गया, जिसमें 15 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह वैश्विक बाजार में चीन की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
बता दें कि रोजगार की स्थिति भी स्थिर बनी हुई है। शहरी बेरोजगारी दर औसतन 5.3 प्रतिशत पर बनी रही, जो पिछले साल के समान स्तर पर है। इससे यह संकेत मिलता है कि लेबर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और अनिश्चितता के बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था में उत्पादन, मांग और निवेश के मोर्चे पर सुधार देखने को मिल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि साल की शुरुआत में मिले ये संकेत आगे के महीनों के लिए सकारात्मक आधार तैयार कर रहे हैं।
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