विश्व कप 2019: क्या ऑस्ट्रेलिया उठाएगा छठवां खिताब ?

By दीपक मिश्रा | Publish Date: Jul 4 2019 12:25PM
विश्व कप 2019: क्या ऑस्ट्रेलिया उठाएगा छठवां खिताब ?
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गौरतलब है कि एक वर्ष पहले अगर किसी ने कहा होता कि 2019 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल क्वालीफाई करने वाली ऑस्ट्रेलिया पहली टीम होती तो आप उसे मजाक में टाल देते। लेकिन कंगारू टीम ने दिखा दिया कि आखिर उन्हें विश्व क्रिकेट का बॉस क्यों कहा जाता है।

वर्ल्ड कप 2019 का लीग मुकाबला अब आखिरी सप्ताह में पहुंच चुका है। इस दौरान कई टीमों ने निराश किया है वहीं कई टीमें अपने अच्छे प्रदर्शन से वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचती दिखाई दे रही है। इस वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया, भारत और न्यूजीलैंड ऐसी टीम है जिसने वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया है। मेजबान इंग्लैंड भी वर्ल्ड कप में कुछ खराब प्रदर्शन के बाद वापस ट्रैक पर लौट चुका है। लेकिन इस सब के बीच एक ऐसी टीम है जिसने नाम सिर्फ अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है बल्कि सबसे पहले सेमीफाइनल का टिकट भी कटाया है। इस कंगारू टीम ने भारत को छोड़कर लीग मैच में हर टीम को पटखनी दी है। कंगारू टीम की बल्लेबाजी जहां इस टूर्नामेंट में शानदार रही है। वहीं गेंदबाजी भी इस टीम की सबसे बड़ी जान है।


गौरतलब है कि एक वर्ष पहले अगर किसी ने कहा होता कि 2019 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल क्वालीफाई करने वाली ऑस्ट्रेलिया पहली टीम होती तो आप उसे मजाक में टाल देते। लेकिन कंगारू टीम ने दिखा दिया कि आखिर उन्हें विश्व क्रिकेट का बॉस क्यों कहा जाता है। आखिर क्यों ऑस्ट्रेलिया अबतक सबसे ज्यादा 5 बार वर्ल्ड कप जीत चुका है। कंगारू टीम हर मायने में खास है क्योंकि इस टीम के पास बल्लेबाजी में ऐसे शानदार ओपनर है। जो इस वर्ल्ड कप में धमाल मचा रहे है। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सबसे बड़ी तबाही डेविड वार्नर है। डेविड वार्नर ने अब तक वर्ल्ड कप में 8 मैच में 73.71 की औसत से 516 रन बनाएं है। जिसमें उनके नाम 2 शतक और 3 अर्धशतक भी शामिल है। इसके अलावा इस टीम के कप्तान आरोन फिंच भी जबरदस्त तरीके से रन बरसा रहे है। फिंच इस वर्ल्ड कप में अबतक 8 मैच में 63.00 की औसत से 504 रन बना चुके है। उनके नाम भी 2 शतक और 3 अर्धशतक शामिल है। पिछले एक साल में अगर टीम के प्रदर्शन में सबसे ज्यादा गिरावट आई तो उसकी सबसे बड़ी वजह डेविड वार्नर और स्टीव स्मिथ का टीम से जाना था। दोनों ही बल्लेबाज विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक थे। इनका मैदान में होना ही टीम की ताकत दुगनी कर देता था। लेकिन इनके जाने के बाद मानों ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट की तकदीर ही बदल गई। कंगारू टीम लगातार मैच हारती रही है। लेकिन वर्ल्ड कप में इन दोनों की टीम में वापसी हुई और नतीजा सबके सामने है। वार्नर के साथ स्मिथ भी इस टूर्नामेंट में जबरदस्त तरीके से बल्लेबाजी कर रहे है। स्मिथ इस वर्ल्ड कप में 8 मैच में 287 रन बना चुके है। साफ है ऑस्ट्रेलिया के लिए ये तीनों बल्लेबाज जीत की गारंटी है और इनकी ताकत को देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि कंगारू टीम इस वर्ल्ड कप को जीतने की सबसे बड़ी दावेदार है।
अब बात कंगारू टीम के गेंदबाजी की करें तो तूफान वहां भी है। मिचेल स्टार्क अपनी गेंदों से आग बरसा रहे है। वो इस वर्ल्ड कप के 8 मैचों में 24 विकेट ले चुके है। उनके अलावा पैट कमिंस 8 मैच में 12 विकेट अपने नाम कर चुके है। दोनों की गेंदबाजी धारदार है। उनके गेंदबाजी में ऐसा पैनापन है जो विरोधी टीम के बल्लेबाजों को धराशायी कर देता है। इसका मतलब बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ऑस्ट्रेलिया कमजोर नहीं है। जिसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मजबूत टीम दिखाई पड़ती है।


 
पिछले चैंपियन टीमों से क्यों अलग है इस बार की कंगारू टीम
अगर पिछले चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम पर नजर डाली जाएं तो यह स्टीव वॉ, रिकी पॉन्टिंग और माइकल क्लार्क के कप्तान रहते हुए 5 बार चैंपियन बन चुकी है। इन सभी कप्तानों की टीम अपने आप में एक तूफान थी जो विरोधी टीम को अपने प्रदर्शन से उड़ा कर रख देती थी। 1999, 2003 और 2007 में ऑस्ट्रेलिया टीम का कोई मुकाबला नहीं था। चाहें 2003 का फाइनल मुकाबला भारत के साथ हो या फिर 2007 का श्रीलंका के साथ ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में एकतरफा जीत हासिल की थी। उसके बाद 2015 वर्ल्ड कप कंगारू टीम के घर में था तो माइकल क्लार्क की कप्तानी वाली टीम ने कही गलती नहीं की और फाइनल में कीवी टीम को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। उस टीम में स्टीव स्मिथ, वार्नर और मिचेल स्टार्क जैसे खिलाड़ी मौजूद थे। जो इस बार भी वर्ल्ड कप में कंगारू टीम के लिए खेल रहे है।
 


अगर इस ऑस्ट्रेलियाई टीम पर नजर डाली जाएं तो इनका जूनून ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है। यह वर्ल्ड कप जीत दुनियां को दिखाना चाहते है कि ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम है। जो कभी खत्म नहीं हो सकती है। इस टीम के पास वो खिलाड़ी है जो अकेले दम पर मैच विनर बन सकते है। इसलिए कंगारू टीम के अंदर एक आग है जो सभी को साबित करना चाहती है कि ऑस्ट्रेलिया चाहे किसी भी हालत में हो उसे हल्के में लेने की जरूरत नहीं है। ऑस्ट्रेलिया से दूसरी टीमों को डरने की जरूरत है क्योंकि कंगारू टीम के लिए वर्ल्ड कप जीतना एक तरह के रोज का काम है और उन्हें इसे जीतने में महारथ हासिल है। 
 
- दीपक मिश्रा
 

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