मृत मिला भारतीय परिवार कैसे पहुंचा America-Canada सीमा के पास?

मृत मिला भारतीय परिवार कैसे पहुंचा America-Canada सीमा के पास?

मैनिटोबा की ‘रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस’ के मुख्य अधीक्षक रॉब हिल ने एक बयान में कहा कि पटेल परिवार 12 जनवरी 2022 को टोरंटो आया था। वहां से 18 जनवरी के आसपास इमर्सन के लिए निकला। इसके एक दिन बाद ही कड़ाके की ठंड की चपेट में आने से सीमा के पास उनकी मौत हुई थी।

अमेरिका-कनाडा सीमा के पास चार भारतीय नागरिकों के मौत का मामला फिलहाल बड़ा होता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर मृत्य मिला भारतीय परिवार अमेरिका-कनाडा सीमा के पास कैसे पहुंच गया? जाहिर सी बात है कि अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी चार भारतीय नागरिकों के मौत पर दुख जताया था तथा अमेरिका और कनाडा में भारतीय राजदूतों को निर्देश दिया था कि स्थिति पर तत्काल कदम उठाया जाए। बताया गया कि भारतीयों की मौत ठंड लगने से हुई है। 

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू ने कहा कि उनकी सरकार मानव तस्करी को रोकने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है और अमेरिका के साथ ‘बहुत करीब’ से इस दिशा में काम कर रही है। घटना को “दिल दहला देने वाली” त्रासदी करार देते हुए ट्रूडू ने कहा कि किसी परिवार को इस तरह से मरते देखना बेहद त्रासद है। यही कारण है कि हम लोगों को अनियमित या अवैध तरीके से सीमा पार करने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हम जानते हैं कि ऐसा करने में बड़े जोखिम हैं। दूसरी ओर मानव तस्करी के आरोप का सामना कर रहे फ्लोरिडा के एक व्यक्ति को अमेरिका की एक अदालत ने बिना बांड के जेल से रिहा कर दिया। यह व्यक्ति दो भारतीयों को अमेरिका में अवैध रूप से लाने और चार भारतीयों की कनाडा सीमा के पास भीषण ठंड से मौत होने के मामले का आरोपी है।

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बताया गया कि मृत मिले चार भारतीय नागरिकों के परिवार की पहचान हो गई है। कनाडा के अधिकारियों ने बताया कि परिवार कुछ समय से देश में था और उन्हें कोई सीमा पर ले गया था। मामला मानव तस्करी का प्रतीत होता है। मैनिटोबा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने कहा कि मृतकों की पहचान जगदीश बलदेवभाई पटेल (39), वैशालीबेन जगदीशकुमार पटेल (37), विहंगी जगदीशकुमार पटेल (11) और धार्मिक जगदीशकुमार पटेल (3) के तौर पर हुई है। यह परिवार भारत के गुजरात राज्य का रहने वाला था। अधिकारियों ने पहले बताया था कि परिवार में एक वयस्क पुरुष, एक वयस्क महिला, एक किशोर और एक शिशु शामिल हैं, लेकिन अब मृतकों में एक किशोर की जगह किशोरी के होने की बात सामने आई है।

मैनिटोबा की ‘रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस’ के मुख्य अधीक्षक रॉब हिल ने एक बयान में कहा कि पटेल परिवार 12 जनवरी 2022 को टोरंटो आया था। वहां से 18 जनवरी के आसपास इमर्सन के लिए निकला। इसके एक दिन बाद ही कड़ाके की ठंड की चपेट में आने से सीमा के पास उनकी मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि मौके से कोई वाहन बरामद नहीं हुआ है, जिससे प्रतीत होता है कि कोई परिवार को सीमा तक लाया था और फिर उन्हें वहीं छोड़कर चला गया। हिल ने कहा कि कनाडा में उनकी गतिविधियों और अमेरिका में जो गिरफ्तारी हुई है, उससे यह मामला मानव तस्करी का लगता है। उन्होंने कहा कि कनाडा की प्रमुख अपराध सेवाओं तथा संघीय पुलिस के अधिकारी उनकी यात्रा के हर पहलू पर गौर कर रहे हैं, जिसमें उनके 12 जनवरी को टोरंटो से 18 जनवरी के आसपास इमर्सन जाने तक का सफर शामिल है। हिल ने कहा कि यह एक ऐसा समय था, जिस दौरान कनाडा से अपरिचित एक परिवार देश भर में यात्रा कर रहा था। उन्होंने कहा कि जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस यात्रा का बंदोबस्त किसी व्यक्ति या किसी समूह ने तो नहीं किया था।

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आरसीएमपी ने इस बात का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है कि पटेल परिवार कैसे कनाडा आया और फिर इमर्सन कैसे पहुंचा। हिल ने कहा कि उनका विभाग आरसीएमपी सम्पर्क अधिकारियों के साथ भी मिलकर काम कर रहा है, जो नई दिल्ली और वाशिंगटन में तैनात हैं। वह अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा और होमलैंड सुरक्षा जांच से भी नियमित सम्पर्क में हैं।

- अंकित सिंह