क्लाउड किचन बिजनेस क्या है? इसका भविष्य कैसा है? इसकी शुरुआत कैसे करें?

क्लाउड किचन बिजनेस क्या है? इसका भविष्य कैसा है? इसकी शुरुआत कैसे करें?
Prabhasakshi

आजकल ऐसे कई ऑनलाइन प्लेटफार्म भी मौजूद हैं जहाँ आप अपने बिज़नेस को ऑनलाइन खोल सकते हैं और कई कंपनियां ऐसी हैं जो ऑनलाइन बिज़नेस से अच्छा खासा इनकम कर रही है। वहीं, कई ऐसे भी ऑनलाइन बिज़नेस है जिनके बारे में बहुतेरे लोगों को पता भी नहीं है।

क्लाउड किचन बिज़नेस आजकल बेहद लोकप्रिय होता जा रहा है। अब सरकार भी इस ओर ध्यान दे रही है ताकि अधिक से अधिक लोग इस उभरते बिजनेस सेक्टर का लाभ उठा सकें। प्रायः यह महसूस किया जाता है कि जब कोई व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बनाता है और उस पर दृढ़तापूर्वक अमल करता है तो उसकी राह में कई समस्याएं अकस्मात मुंह बाये खड़ी हो जाती हैं। चाहे वह धन प्रबंध से जुड़ी हुई हों या फिर अपनों के सपोर्ट से, सहयोग कम और ताने ज्यादा मिलते हैं। 

वहीं, ऐसा व्यवसाय शुरू करने वाले ज्यादातर लोग अपने ऑफलाइन कस्टमर को ध्यान में रखकर ही अपनी जगह और उस क्षेत्र में किस चीज की मांग (डिमांड) है, उसका व्यवसाय शुरू करते हैं। हालांकि, अब बदलते दौर में जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी आ रही है, वैसे-वैसे लोग इससे अपडेट हो रहे हैं, जिसका असर बिज़नेस करने के तौर-तरीके पर भी  पड़ा रहा है।

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# ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के ग्राहक बढ़ाने पर दीजिये ध्यान

वैसे भी आजकल चाहे छोटा बिज़नेस हो या फिर बड़ा बिज़नेस, सभी ऑफलाइन ग्राहक के साथ-साथ ऑनलाइन ग्राहकों को ध्यान में रखकर ही अपनी व्यवसायिक रणनीति तय कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके। दरअसल, आज के दौर में यह जरुरी भी है, क्योंकि हर किसी के मोबाइल में असीमित डाटा है और उसके लिए उपयुक्त बजट भी। क्योंकि अब ज्यादातर काम भी ऑनलाइन ही हो रहे हैं। 

उदाहरण के तौर पर चाहे वो गेम खेलना हो, पढ़ाई करनी हो, मूवी देखना हो या फिर सामान ऑनलाइन अपने घर तक मंगवाना हो, आजकल सारे काम ऑनलाइन हो रहे हैं, क्योंकि इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि अन्य कई सुविधाएं व सहूलियतें भी लोगों को मिल रही है।

# ऐसे कई ऑनलाइन प्लेटफार्म मौजूद हैं जहाँ आप ऑनलाइन खोल सकते हैं अपने बिज़नेस को 

वहीं, आजकल ऐसे कई ऑनलाइन प्लेटफार्म भी मौजूद हैं जहाँ आप अपने बिज़नेस को ऑनलाइन खोल सकते हैं और कई कंपनियां ऐसी हैं जो ऑनलाइन बिज़नेस से अच्छा खासा इनकम कर रही है। वहीं, कई ऐसे भी ऑनलाइन बिज़नेस है जिनके बारे में बहुतेरे लोगों को पता भी नहीं है। वैसे तो ऑनलाइन तौर पर शुरू करने के लिए, कई बिज़नेस है, लेकिन यहां पर हम आपको बताएंगे सिर्फ क्लाउड किचन बिज़नेस के बारे में।

कहना न होगा कि कोरोना महामारी की वजह से पिछले दो वर्षों से कई बिजनेस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फूड इंडस्ट्री भी इनमें से एक है। यह बात अलग है कि बदलती जरूरतों और तकनीकी के संगम ने हमारे लिए कई नए विकल्प तैयार कर दिए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है 'क्लाउड किचन'। 

# क्लाउड किचन' एक ऐसा रेस्टोरेंट है जहां दिए जा सकते हैं सिर्फ टेक अवे ऑर्डर 

दरअसल, 'क्लाउड किचन' एक प्रकार का ऐसा रेस्टोरेंट होता है जहां सिर्फ टेक अवे ऑर्डर ही दिए जा सकते हैं। वहीं, इसे अपने घर के किचन से लेकर किसी प्रोफेशनल किचन तक में शुरू किया जा सकता है। बढ़ते प्रचलन के मुताबिक, इसमें स्विगी और जोमैटो जैसी फूड डिलीवरी एप से ज्यादातर ऑनलाइन ऑर्डर आते हैं।

हालांकि, आप यदि चाहें तो ऑफ लाइन बाजार भी खोल सकते हैं, जैसे कि किसी रेस्टोरेंट को रेगुलर सप्लाय करना, हॉस्टल और कार्पोरेट ऑफिसेस तक रोज लगने वाले टिफिन की जरूरत को पूरा करना, पार्टियों के कैटरिंग ऑर्डर लेना आदि। वहीं, त्योहारों के समय कुछ खास तरह के पकवानों के ऑर्डर ले सकते हैं, जैसे होली में मलपूवे और गुझिया के ऑर्डर लेना, दिवाली में लड्डू आदि का आर्डर लेना।

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अमूमन, क्लाउड किचन की शुरुआत करने से पहले आप अपने आसपास के क्षेत्र में सर्वे करें कि कौन से खाद्य पदार्थ सबसे ज्यादा बिकते हैं। या फिर यदि आप कोई प्रोडक्ट बहुत अच्छा बनाती हैं तो उसकी मांग होगी या नहीं होगी, यह भी पता कर लें। इसके साथ साथ कीमतों का भी अध्ययन करें। 

# क्लाउड किचन शुरू करने के लिए जरूरत होती है बहुत कम पूंजी की 

वहीं, इस बिज़नेस को कम पैसे में भी चालू कर सकते हैं। इसके लिए पूरे सेटअप पर ध्यान देना होगा। मतलब फ़ूड से रिलेटेड बर्तन, इक्विपमेंट, राशन, किचन के लिए जगह, फ्रीजर, बर्नर व अन्य में इन्वेस्ट करना होगा। ऐसे में ज्यादा बजट न होने की स्थिति में किराये पर भी उपकरण लेके अपना वर्क शुरू कर सकते हैं। व्यय चाहे कम हो या ज्यादा, यदि सर्विस अच्छी होगी तो ज्यादा से ज्यादा ग्राहक जुड़ेंगे। यूं तो यानी कि घर से यह काम शुरू करने के लिए सिर्फ 25,000 रुपयों के निवेश की जरूरत पड़ती है। वहीं, प्रोफेशनल स्तर पर शुरू करने पर इसमें चार-पांच लाख रुपए तक का खर्च आ सकता है।

# क्लाउड किचन में अहम किरदार निभाती है डिजिटल तकनीक 

क्लाउड किचन के एक्सपर्ट बताते हैं कि यह मोटा खर्च मुख्य रूप से जगह की किराया, बर्तन, किचन के उपकरण और कर्मचारियों के वेतन पर होता है। वहीं, क्लाउड किचन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे चलाने में डिजिटल तकनीक अहम किरदार निभाती है। इस तकनीक की सहायता से आप ऑर्डर लेने से लेकर ऑर्डर डिलीवर करने तक और बिल पेमेंट से लेकर पूरी स्टॉक एंट्री तक की सभी चीजों का आसानी से ध्यान रख सकते हैं।

# क्लाउड किचन के वास्ते जगह के चयन की भूमिका भी होती है महत्वपूर्ण

वहीं, क्लाउड किचन का काम स्टार्ट करने से पहले आप यह तय करें कि घर से काम करना है या बाहर जगह लेना है। क्योंकि यह काम घर से भी किया जा सकता है। आपको सिर्फ इस बात का खयाल रखना है कि आपका घर शहर के व्यवसायिक क्षेत्र में होना चाहिए। वहीं, बड़ी मात्रा में खाना बनाने के लिए आपको अलग-अलग बर्तनों और किचन के अन्य उपकरणों की भी जरूरत होगी। इसे आप अपनी जरूरत के अनुसार खरीद लें। वहीं, जरूरत महसूस हो तो आप कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर लें।

# क्लाउड किचन शुरू करने के लिए लेना होगा निम्नलिखित लाइसेंस

ऑनलाइन किचन बिज़नेस स्टार्ट करने के लिए जीएसटी का रजिस्ट्रेशन, एफएसएसएआई का फूड लाइसेंस, नगर निगम लाइसेंस, गुमास्ता तथा अन्य दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। फूड लाइसेंस ऑनलाइन और गुमास्ता प्रमाण पत्र नगर निगम कार्यालय से मिलता है।

इसके लिए आप किसी चार्टेड एकाउंटेंट से मदद ले सकते हैं। इन सब के रजिस्ट्रेशन के लिए कम से कम 10 हज़ार रूपये तक लग सकते हैं।

वहीं, अपने क्लाउड किचन को फूड डिलीवरी करने वाले ऐप जैसे स्विगी और जोमैटो पर रजिस्टर करना होगा। इसके अतिरिक्त आप ऑफ लाइन बाजार भी खोज सकते हैं। वहीं, इस कारोबार को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया मार्केटिंग की जरूरत पड़ती है। इसके लिए आप फ्रीलांसर सोशल मीडिया मैनेजर रख सकते हैं, जिसका खर्च 4-5 हजार रुपए महीना होता है। यदि आपका कारोबार सालाना 20 लाख रुपये से अधिक हो गया तो आपको जीएसटी नंबर भी लेना होगा।

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# क्लाउड किचन की मार्केटिंग कैसे करें आप?

अब जब पूरा सेटअप बैठ चुका है और आप आर्डर लेने और डिलीवर करने के लिए तैयार हैं तो बात आती है मार्केटिंग की। सवाल है कि मार्केटिंग क्यों? तो जवाब यह होगा कि मार्केटिंग इसलिए ताकि आप अपने प्रतिद्वंदियों को टक्कर दे सकें। आप अपने बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बता सकें। क्योंकि लोग जितना ज्यादा आपके बारे में जानेंगे, उतना ही आपका काम आसान होगा और उतने ज्यादा कस्टमर आपसे जुड़ेंगे।

क्लाउड किचन ऑनलाइन प्लेटफार्म है तो मार्केटिंग भी ऑनलाइन करिये। इसके लिए आप डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट रख सकते है या फिर किसी एजेंसी को हायर कर सकते हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर भी प्रमोशन कर सकते हैं। क्योंकि बहुत से यूजर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। ग्राहक आप से जुड़ें, उसके लिए ऑफर प्रमोट कर सकते हैं। ग्राहक की क्वेरी सॉल्व कर सकते हैं और भी ऐसी कई चीजें हैं जिनको करने से आप ऑनलाइन मार्केटिंग द्वारा ढेरों ग्राहक बना सकते हैं।

# खान-पान की दुनिया में क्लाउड किचन ही क्यों?

पिछले कुछ सालों में यह कांसेप्ट पूरे दुनिया में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हुआ है। इसका सबसे मुख्य कारण यह है कि बड़े रेस्टॉरेंट खोलने में जो पैसे इन्वेस्ट होते थे अब उतने नहीं होते। यहाँ केवल खाना बनता है और पैक होकर डिलीवर हो जाता है, जिससे ज्यादा एम्प्लोयी और साफ़-सफाई में भी कम मेहनत लगती है। ऐसे बहुत से एप्प हैं जो रेस्टॉरेंट्स, होटल, ढाबा और भोजनालय से संपर्क कर पार्टनरशिप कर रही हैं। जिससे लोगों को अलग-अलग शेफ द्वारा बनाये गए खाने का स्वाद मिल रहा है वो भी घर बैठे।

# क्या है क्लाउड किचन बिज़नेस?

यह एक ऐसा बिज़नेस है जिसमें रेस्टोरेंट और दुकान के बिना ही ग्राहक तक फ़ूड डिलीवर किया जाता है। पिछले कुछ समय से भारत में ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी ने मार्केट में अच्छी पकड़ बना ली है और यह 15 बिलियन डॉलर का मार्किट है। इसके सफल होने का एक सबसे बड़ा कारण ये है कि फ़ूड डिलीवरी अब फ़ास्ट हो चुकी है। आर्डर करने के तुरंत बाद या आधे घंटे के भीतर डिलीवरी हो रही है, जिससे लोग ज्यादा से ज्यादा आर्डर कर रहे हैं।

# जानिए, कैसे शुरू करें क्लाउड किचेन बिज़नेस ?

क्लाउड किचेन बिज़नेस शुरू करने से पहले आपको एक एप्प बिल्ड करना होगा, जहाँ से कस्टमर आपसे कांटेक्ट करेगा और आप उसे सर्विस दे सकेंगे। इसमें आर्डर, कस्टमर का फीडबैक, बिलिंग व अन्य शामिल हैं। कस्टमर और आपके बीच एक दूसरे को जोड़ने का काम यह एप्प ही करेगा। 

वहीं, जगह का चुनाव भी अति आवश्यक है, क्योंकि फ़ूड के मामले में ग्राहक फ़ास्ट सर्विस की अपेक्षा रखता है, ताकि वह गरमा गरम खाने का स्वाद ले सके। इसके लिए यदि सम्भव हो तो आप शहर के बीच में जगह ले सकते हैं या कुछ ऐसे क्षेत्र चुन सकते हैं जहाँ सबसे जल्दी डिलीवरी आप कर या करवा पाएं।

वहीं, बिज़नेस को बढ़ाने के लिए एक ही एप्प पर फोकस नहीं हो सकते, बल्कि कुछ अलग प्लेटफार्म भी साथ में देखने होंगे। या फिर आप खुद की अपने व्यवसाय के लिए एप्प या वेबसाइट बना सकते हैं। क्योंकि खुद का एप्प या वेबसाइट होने की स्थिति में आपको डायरेक्ट आर्डर मिलेंगे और बीच का कमीशन भी बचेगा। यानी कि प्रॉफिट भी दोगुना हो जायेगा।

# क्लाउड किचन में किन बातों का रखे ध्यान?

क्लाउड किचन एक ऐसा माध्यम है जिससे आप एक अच्छे हाउस एंटरप्रेन्योर भी बन सकते हैं। बशर्ते कि इसके लिए कुछ अच्छी व व्यवहारिक बातों का ध्यान रखें। पहला, जगह लेने में ज्यादा पैसे इन्वेस्ट नहीं करें। पहले ही निश्चय कर लें कि घर से काम करना है या बाहर जगह लेकर। बाहर लेने की स्थिति में छोटा सा स्पेस लें, जहाँ से आप अपना काम चालू कर सकते हैं। क्योंकि ग्राहक को आपके पास आना नहीं है। दूसरा, रेस्टोरेंट के बारे में पूरी जानकारी दें। होम डिलीवरी का ऑप्शन देना न भूलें। तीसरा, मल्टीप्ल पेमेंट का ऑप्शन दें ताकि ग्राहक को पेमेंट करने में कोई दिक्कत नहीं आये। चतुर्थ, फ़ूड की अच्छी हाई क्लास फोटो और साथ में उसका पूरा विवरण दें।

# जानिए कौन सा समय सही है क्लाउड किचेन बिजनेस शुरू करने का?

आमतौर पर बिज़नेस शुरू करने का कोई सही समय नहीं होता। बल्कि आप बिज़नेस कभी भी चालू कर सकते हैं। बस जरूरी होता है कि आपने उस पर कितना और कैसे समय दिया। यदि आपके हाथों में स्वाद है और भोजन पकाने की कला में आप दक्ष हैं तो कभी भी सही समय है आपके क्लाउड किचन बिज़नेस की शुरुआत के लिए।

# समझिए कैसे काम करता है क्लाउड किचन

आम तौर पर क्लाउड किचन को खाद्य विनिर्माण कारखाना माना जाता है, जहां भोजन का निर्माण किया जाता है और फिर उपभोक्ताओं को भेज दिया जाता है। खास बात यह कि निर्माता उपभोक्ता द्वारा उत्पाद का सेवन कैसे और कहां किया जाता है, इस बारे में चिंता किए बिना न्यूनतम लागत पर गुणवत्तापूर्ण सुसंगत आउटपुट प्रदान करने पर केंद्रित है।

# आखिर ज्यादातर रेस्तरां क्यों होते हैं फेल

रेस्तरां उद्योग में विफलता बहुत ज्यादा होती है। आम तौर पर शुरू होने के साथ 60 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो जाते हैं। इसके कई कारण है। इसमें जगह का चुनाव और अच्छी सर्विस न दे पाना मुख्य वजह होती है। इसलिए आप भी यदि इस बिजनेस में दाखिल हो रहे हैं तो उपर्युक्त बातों का ख्याल अवश्य रखिए।

# क्लाउड किचन के ये हैं फायदे और नुकसान

हर बिज़नेस का अपना फायदा और नुक्सान होता है। जहां तक क्लाउड किचन की बात है तो इसके फायदे निम्नलिखित हैं- पहला, कम इन्वेस्टमेंट में ज्यादा प्रॉफिट होता है। दूसरा, आप अपने शौक को बिज़नेस बना सकते हैं। तीसरा, आप अपना काम कहीं से भी शुरू कर सकते हैं। चौथा, इस काम में लॉन्ग टर्म प्रॉफिट बहुत अच्छा है, जिससे आप इस धंधे में स्थापित हो सकते हैं। वहीं, जहां तक नुक्सान की बात है तो वह निम्नलिखित है- पहला, रेस्टोरेंट्स, होटल में लगने वाली भीड़ कम हो रही है, जिससे उनके बिज़नेस पर सीधा असर हो रहा है। दूसरा, बिज़नेस कम होने की वजह से मैंटीनैंस का खर्चा नहीं निकल पा रहा है, जिससे उनका घाटा बढ़ रहा है। तीसरा, खाना बर्बाद  (वेस्ट) हो रहा है। चौथा, वेटर्स की जॉब ख़तम हो रही है।

बहरहाल, आधुनिक दौर में रोज विकसित हो रही नई-नई तकनीकों का असर कारोबार यानी व्यापार पर भी पड़ रहा है। जहां एक तरफ इनका अनुप्रयोग करने वाले लोग आशातीत लाभ उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसकी उपेक्षा करने वाले लोग ग्राहकों को अपनी ओर खींचने में विफल रहकर अपना जमा जमाया कारोबार भी गंवाने की स्थिति में पहुंच रहे हैं, जिससे उनका धंधा मंदा पड़ता जा रहा है।

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार