UPI ने बहुत आसान बना दिया भुगतान करने या धन पाने का तौर-तरीका

UPI ने बहुत आसान बना दिया भुगतान करने या धन पाने का तौर-तरीका

यूपीआई की सेवा लेने के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है, जो बहुत ही आसान है। इसके बाद इसे आपको अपने बैंक खाता यानी अकाउंट से लिंक करना होता है। इस प्रकार यही वर्चुअल पेमेंट एड्रेस आपका वित्तीय पता बन जाता है।

एक जमाने में बैंकों में पैसा जमा करना या निकालना एक बहुत बड़ा काम होता था और लोग कहीं कहीं पर घण्टों लाइन में लगे रहने को विवश होते थे। लेकिन ऑटोमैटिक ट्रांसफर मशीन यानी एटीएम और यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई ने पैसों के लेनदेन को बहुत आसान बना दिया है।

खासकर यूपीआई के जरिए पैसों का लेनदेन इस वक्त सबसे ज्यादा प्रचलन में है। क्योंकि इसके सहारे ही किसी व्यक्ति के द्वारा मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म से किसी दूसरे व्यक्ति या अपने ही दूसरे बैंक अकाउंट में पैसे का ट्रांसफर सुनिश्चित करने के लिए इसे एक अत्यंत आसान विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। वाकई, यूपीआई एक ऐसा लाजवाब कॉन्सेप्ट है, जो कई बैंक खाता यानी अकाउंट को एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए ही पैसे ट्रांसफर करने की इजाजत देता है। आपको पता होना चाहिए कि इसे नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया यानी एनपीसीआई ने विकसित किया है। इसे रिजर्व बैंक और इंडियन बैंक एसोसियेशन ही नियंत्रित करते हैं। यूपीआई को अगस्त 2016 में लॉन्च किया गया था। तब से यह आम लोगों के बैंकिंग व्यवहार और कारोबारी जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है।

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जानिए कि यूपीआई कैसे काम करता है और क्या हैं इसकी विशेषताएं?

दरअसल, यूपीआई की सेवा लेने के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है, जो बहुत ही आसान है। इसके बाद इसे आपको अपने बैंक खाता यानी अकाउंट से लिंक करना होता है। इस प्रकार यही वर्चुअल पेमेंट एड्रेस आपका वित्तीय पता बन जाता है। इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या आईएफएससी कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती है। क्योंकि पेमेंट करने वाला व्यक्ति बस आपके मोबाइल नंबर के हिसाब से भुगतान आग्रह प्रक्रिया (पेमेंट रिक्वेस्ट प्रोसेस) शुरू करता है और देखते ही देखते वह पेमेंट आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है यानी कि दिखाई देने लगता है।  

इस प्रकार यदि आपके पास उसका यूपीआई आईडी यानी ई-मेल आईडी, मोबाइन नंबर या आधार नंबर आदि है तो आप अपने स्‍मार्टफोन के जरिए आसानी से किसी के भी बैंक खाते में पैसा भेज सकते हैं। वास्तव में, न सिर्फ पैसा बल्कि उपयोगिता बिल भुगतान (यूटिलिटी बिल पेमेंट), ऑनलाइन शॉपिंग, खरीददारी आदि के लिए नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड आदि की  भी जरूरत नहीं होगी। क्योंकि ये सभी काम आप यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई सिस्टम से आसानी पूर्वक कर सकते हैं। वाकई, अपनी अपनी दुनियादारी में व्यस्त लोगों के लिए यह यूपीआई की सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इससे समय और धन दोनों की बचत होती है और किसी अन्य व्यक्ति पर विश्वास करने की जरूरत भी नहीं पड़ती। क्योंकि सारी प्रक्रिया खुद के सामने ही सम्पन्न होती है और कंफेरमशन भी पलक झपकते ही मिल जाता है, जिससे कोई भी व्यक्ति आश्वस्त भी हो जाता है।

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अब जानिए यूपीआई से जुड़ी खास बातें, जो आपके लिए जानना बेहद है जरूरी

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई सिस्‍टम रियल टाइम फंड ट्रांसफर करता है। बस, किसी को भी पैसा भेजने के लिए आपको सिर्फ उसके यूपीआई आईडी यानी एक वर्चुअल आइडेंटिटि, जैसे- ई-मेल एड्रेस, मोबाइल नंबर, आधार नंबर आदि की जरूरत पड़ती है, जिसे कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आपको तुरंत उपलब्ध करवा देता है, ताकि उसकी वित्तीय आवश्यकता की पूर्ति आप कर सकें। खास बात यह कि सिर्फ यूपीआई आईडी उपलब्ध होने से आपको किसी फंड को ट्रांसफर करने के लिए लाभार्थी का नाम, उसका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम आदि की जानकारी लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सिर्फ आईएफएससी कोड और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके ही त्वरित गति से उपलब्ध और अपेक्षित रकम का ट्रांसफर होता है।

दरअसल, यूपीआई को आईएमपीएस के मॉडल पर डेवलप किया गया है। इसलिए इस ऐप से आप 24x7 बैंकिंग कर सकते हैं, जो आज के बदलते दौर की पहली जरूरत है। वहीं, यूपीआई से ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए भी आपको किसी ओटीपी, सीवीवी कोड, कार्ड नंबर, एक्‍सपायरी डेट आदि की जरूरत कभी नहीं होगी। ऐसा इसलिए कि सिर्फ एक मोबाइल एप्लीकेशन से ही कई बैंक अकाउंट से ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। यही वजह है कि पिछले 4 वर्षों में भुगतान के इस नए तौर तरीके ने बैंकिंग सुविधा से जुड़े लोगों के दिलों में एक खास जगह बना ली है और दिनों दिन लोकप्रियता हासिल करने की राह में बढ़ती जा रही है। अब हर स्मार्टफोन धारक इसका लाभ लेने को आतुर दिखाई दे रहा है।

-कमलेश पांडेय

(वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार)