Bhaum Pradosh Vrat: 08 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि Yoga में भौम प्रदोष, जानें Puja Muhurat

Bhaum Pradosh Vrat
Creative Common License

इस बार 08 सितंबर 2026 को भौम प्रदोष व्रत किया जा रहा है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित होता है। इस दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।

हिंदू धर्म में हर एक तिथि का खास महत्व होता है। हर तिथि अलग-अलग देवी-देवता को समर्पित है। सिंतबर महीने का पहला प्रदोष व्रत मंगलवार को है। वहीं हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व होता है। वहीं जब प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ता है, तो इसको भौम प्रदोष के नाम से जाना जाता है। इस बार 08 सितंबर 2026 को भौम प्रदोष व्रत किया जा रहा है।

प्रदोष व्रत भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित होता है। इस दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। इस बार भौम प्रदोष व्रत के मौके पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। तो आइए जानते हैं भौम प्रदोष व्रत की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व आदि के बारे में...

तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के मुताबिक इस बार 08 सितंबर की दोपहर 02:42 मिनट से भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरूआत हो रही है। वहीं अगले दिन यानी की 09 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि के हिसाब से 08 सितंबर 2026 को भौम प्रदोष व्रत किया जा रहा है।

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करें और फिर साफ कपड़े पहनें। इसके बाद शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक करें और फिर शिवलिंग पर  बेलपत्र, धतूरा, सफेद, दूथ और अक्षत आदि अर्पित करें। अब दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और 'ऊँ नम: शिवाय' मंत्र का जाप करें। अंत में पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें।

महत्व

प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के हिसाब से जो भी जातक प्रदोष व्रत करता है, उसके जीवन से संकट और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। वहीं व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़