बचपन की यादों को एकबार फिर ताजा कर देगी फिल्म 'द लायन किंग'

By रेनू तिवारी | Publish Date: Jul 19 2019 6:05PM
बचपन की यादों को एकबार फिर ताजा कर देगी फिल्म 'द लायन किंग'
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फिल्म की शुरुआत होती है जंगल के खूबसूरत दृश्य के साथ। फिल्म में जंगल का राजा मुफासा होता है। मुफासा के राज में जंगल के सारे जानवर बहुत खुश होते हैं। लेकिन मुफासा का भाई स्कार बिल्कुल नहीं चाहता कि मुफासा जंगल का राजा बना रहे।

कभी- कभी लगता है कि आज बच्चे न जाने कैसे कार्टून देखते है। न कोई अच्छी स्टोरी होती है और न कि कुछ खास कॉनसेप्ट। कार्टून तो हम देखते थे बचपन में जंगल का राजा शेर। टार्जन, अलादीन, सिंड्रेला और रपुंजल तो हमारे फेवरेट हुआ करते थे। सिंड्रेला की कहानी वाली परी तो आज भी ख्यालों में आती है। बचपन में तो कभी जंगल नहीं देखा था लेकिन जंगल के बारे में सब पता चल गया था 'द लायन किंग' देखकर... मुफासा और सिंबा तो हमारे हीरो हुआ करते थे। डिज्नी ने क्या फिल्म बनाई थी द लायन किंग। ये फिल्म उस समय सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एनिमेटेड फिल्म थी। अब एक बार डिज्नी ने द लायन किंग बनाई है। आइये जानते हैं कैसी है फिल्म-

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फिल्म की कहानी

फिल्म की शुरुआत होती है जंगल के खूबसूरत दृश्य के साथ। फिल्म में जंगल का राजा मुफासा होता है। मुफासा के राज में जंगल के सारे जानवर बहुत खुश होते हैं। लेकिन मुफासा का भाई स्कार बिल्कुल नहीं चाहता कि मुफासा जंगल का राजा बना रहे। वह अपने भाई को मार देना चाहता है और खुद जंगल का राजा बनना चाहता है। स्कार को जंगल के जानवर ज्यादा पसंद नहीं करते थे। क्योंकि वह अत्याचारी होती है। स्कार जंगल की सत्ता को हथियाने के लिए राजनीति करता है, स्कार की चाले मुफासा के बेटे सिंबा के लिए काफी परेशानी खड़ी कर देती हैं। अब सिंबा इन मुसीबतों से कैसे निपटता हैं उसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।



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फिल्म रिव्यू

फिल्म की कहानी और विजुअल ग्राफिक्स काफी शानदार है। जंगल के सीन को देखकर मजा आ जाता है। वहीं सिंबा और मुफासा की बॉंडिंग काफी अच्छी दिखाई गई है। फिल्म की डबिंग ने फिल्म के किरदारों में जान डाल दी। मुफसा के लिए शाहरुख खान, सिंबा के लिए आर्यन खान, स्कार के लिए आशीष विद्यार्थी, जाजू के लिए असरानी, टीमोन के लिए श्रेयस तलपड़े और पुम्बा के लिए संजय मिश्रा ने अपनी आवाज दी है। 

अब बात करते हैं फिल्म की कमजोरियों के बारे में तो फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है फिल्म का म्यूजिक। फिल्म के गानें बहुत ज्यादा निराशाजनक हैं। 'हकूना मटाटा' ही एक ऐसा गाना है जो थोड़ा ठीक-ठाक है। साथ ही थोड़ी-थोड़ी देर में बजते गानें आपको इरिटेट भी करेंगे।  

 


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