Holi Health Alert: रंग और पानी बन सकते हैं मुसीबत, एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के Golden Tips

होली पर सिंथेटिक रंग, संक्रमित पानी और खानपान में लापरवाही आपकी सेहत के लिए मुसीबत बन सकती है, जिससे त्वचा संक्रमण और पेट की समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स ने त्वचा पर तेल लगाने, केवल प्रमाणित रंगों का उपयोग करने और आंखों के बचाव जैसे गोल्डन टिप्स दिए हैं।
होली का पर्व रंगों की बौछार, पसंदीदा पकवान और मस्ती अपार होती है, लेकिन इस दौरान हम सभी अपनी सेहत के बारे में तो भूल ही जाते हैं। संक्रमित पानी और असुरक्षित रंगों के साथ-साथ खानपान में लापरवाही से होली का रंग न हो जाए बदरंग। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि होली के दिन किन बातों का रखें ध्यान, किन चीजों से सावधानी बरतें।
स्वाद नहीं देखें रंग भी
होली पर्व पर बिस्किट, कुकीज, कोल्ड ड्रिंक्सबच्चों की गोलियां, चाकलेट जैसे तमाम खाने-पीने की चीजों में कृत्रिम रंगों का खूब प्रयोग होता है। जिसको सिंथेटिक फूड डाइ भी कहा जाता है। इनके प्रयोग से बचना जरुरी है। वरना पाचन या एलर्जी की समस्या हो सकती है। अत्यधिक चटर-पटर खाने से कब्ज, गैस या पेट दर्द भी हो सकता है।
पानी न बने मुसीबत
होली पर पानी से जरुर होली खेली जाती है। अगर आप होली वाले दिन संक्रमित या अस्वच्छ पानी से होली खेलेंगे, तो नुकसान हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट की माने तो अस्वच्छ या संक्रमित पानी कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है। विशेषकर डायरिया, त्वचा संक्रमण और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। होली के समय टंकियों, पाइपलाइन या खुले स्रोतों का पानी कई बार शुद्ध नहीं होता। यदि ऐसा पानी गलती से मुंह में चला जाए, तो उसमें मौजूद कीटाणु और विषाणु शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
स्किन एलर्जी का खतरा
अगर आप लंबे समय तक गीले कपड़ों में न रहें। गंदे पानी के संपर्क में आने से त्वचा को नुकसान हो सकता है। फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इससे आपको खुजली, लाल चकत्ते या रैशेज हो सकते हैं।
कृत्रिम रंगों के प्रयोग से पूर्व
- यदि किसी कारणवश कृत्रिम रंगों का उपयोग करना अनिवार्य हो, तो केवल एफएसएसएआई से प्रमाणित रंगों का ही चयन करें। इससे सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित रहती हैं।
- बाजार में मिलने वाले रंगों के पैकेट के ऊपर लेबल देखकर ही खरीदारी करें।
होली खेलने से पहले क्या करें
- सबसे पहले स्किन पर अच्छी मात्रा में नारियल तेल, बादाम तेल या एलोवेरा जेल लगाएं। इससे त्वचा पर एक नेचुरल लेयर बन जाएगी।
- इसके बाद चेहरे पर सनस्क्रीन लगाएं क्योंकि धूप व रंग मिलकर त्वचा का अधिक नुकसान नहीं होगा।
- होली खेलने के दौरान बार-बार चेहरा पानी से धोना या रगड़ना सही नहीं। ऐसा करने से रंग गहराई से भीतर चला जाता है।
ये सावधानियां बरतें
- रंग हटाने के लिए त्वचा को जोर-जोर से रगड़ना सही नहीं है। ऐसा करने से जलन और रैशेज की समस्या हो सकती है, साथ ही त्वचा में सूखापन भी बढ़ जाता है। बेहतर है कि रंग को धीरे-धीरे और सौम्य तरीके से साफ किया जाए।
- बालों पर रंगों के साइड-इफेक्ट न हो इसलिए तेल जरुर लगाएं और इन्हें ढंक लें।
- बालों का रंग निकालने के लिए हल्के शैंपू से हेयर्स धोएं। अधिक शैंपू के प्रयोग करने से बाल रुखे हो सकते हैं।
- गलती से आंखों में रंग चला गया है, तो मसलें नहीं। उसे ठंडे पानी से धोएं। अधिक जलन हो तो गुलाब जल की कुछ बूंदें डालें या चिकित्सक से सलाह लें।
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