Women Health: लड़कियों में ADHD पर New Study का अलर्ट, जवानी में Heart Attack, Diabetes का बढ़ा खतरा

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लड़कियों में ADHD के लक्षण छिपे होते हैं। जिन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर कोई लड़की अच्छे से व्यवहार कर रही है तो यह समझा जाता है कि लड़की का व्यवहार सामान्य है।

अटेंशन-डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर यानी ADHD को अधिकतर लड़कों से जोड़कर देखा जाता है। इस कारण अगर लड़कियों में भी इसके लक्षण होते हैं, तो उनको अनदेखा कर दिया जाता है। क्योंकि लड़कियों में ADHD के लक्षण छिपे होते हैं। जिन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर कोई लड़की अच्छे से व्यवहार कर रही है तो यह समझा जाता है कि लड़की का व्यवहार सामान्य है। लेकिन इस समस्या पर एक स्टडी ने नया खुलासा किया है। जिसमें यह बताया गया है कि लड़कियों में ADHD के लक्षणों को अनदेखा करने के क्या नुकसान हो सकते हैं।

लड़कियों में ADHD के लक्षण

एक नई स्टडी में लड़कियों में ADHD डिसऑर्डर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों की जिन महिलाओं में ADHD ले लक्षण बचपन में दिखे। इन महिलाओं में युवावस्था तक आते-आते दिल के दौरे और डायबिटीज जैसी क्रॉनिक बीमारियों का खतरा ज्यादा देखा गया है।

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इस स्टडी में 18 से 32 साल की करीब 1,20,000 महिलाओं के रिकॉर्ड शामिल हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, खराब आर्थिक-सामाजिक स्थिति और ADHD स्थिति महिलाओं की बढ़ती उम्र में दो या फिर दो से ज्यादा फिजिकल और मेंटल बीमारियों की वजह बनीं। यह स्टडी बताती है कि ADHD सिर्फ बचपन से जुड़ा बिहेवरियल डिसऑर्डर नहीं है, बल्कि यह एक न्यूरोडेवलपमेंटल कंडीशन होती है, जिसका फिजिकल और मेंटल दोनों पर निगेटिव असर पड़ता है।

खराब आर्थिक-सामाजिक स्थिति और ADHD 

बता दें कि यह रिसर्च सेहत और कमजोर आर्थिक और सामाजिक स्थिति के बीच सीधा कनेक्शन बताती है। WHO के मुताबिक ऐसे बहुत से कारक हैं, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं। इसमें व्यक्ति की शिक्षा, आय, घर, नौकरी और सेहत की सुविधाओं तक पहुंच शामिल है। जो बच्चे एक ऐसे माहौल में पलते हैं, जहां पर मूलभूत सुविधाओं की कमी है, उसमें कुपोषण, तनाव और बचपन के ज्यादा खराब अनुभव देखे गए हैं। इस कारण उनमें ADHD डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है।

जानें क्या है ADHD

अटेंशन-डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर एक मानसिक बीमारी है। यह बीमारी दिमाग के काम करने के तरीके को प्रभावित करती है। ADHD के लक्षणों में एक जगह स्थिर न बैठ पाना, फोकस कम कर पाना, बिना सोचे-समझे काम करना और अटेंशन की कमी होना आदि शामिल है।

मेंटल हेल्थ की बीमारियों का खतरा 

बचपन में ADHD के लक्षणों के कारण महिलाओं में क्रोनिक बीमारियों के साथ ही मेंटल हेल्थ संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इनमें यह बीमारियां शामिल हैं।

बॉर्डर लाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर

पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर

एंग्जायटी डिसऑर्डर 

डिप्रेशन 

क्रोनिक बीमारियां जैसे- डायबिटीज, कैंसर, COPD और दिल की बीमारी।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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