Nipah Virus Alert: West Bengal में 5 पॉजिटिव केस, चमगादड़ से फैल रही बीमारी के Symptoms ऐसे पहचानें

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के 5 मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य चिंताएं बढ़ गई हैं। यह जानवरों से फैलने वाला एक गंभीर संक्रमण है, जिसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द से लेकर दिमागी सूजन तक शामिल हैं, इसलिए सही जानकारी और बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है।
र्तमान में पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामले सामने आ रहे हैं, जिस वजह से लोगों की चिंता बढ़ गई है। अभी तक बंगाल में इसके 5 मामले सामने आ चुके हैं। जिसके बाद से एशिया के कई एयरपोर्ट्स पर भी सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है। आपको बता दें कि, निपाह जानवरों से फैलने वाली एक बीमारी है, दो संक्रमित चमगादड़ या शुअर से इंसानों में फैल जाती है। हालांकि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है। निपाह को सबसे संक्रामक बीमारियों में गिना जाता है। इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार इसके बारे में सही जानकारी होना। आइए आपको इस लेख में निपाह वायरस के लक्षण और बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं।
निपाह वायरस के लक्षण
इस वायरस के संक्रमण का दायरा बहुत ही बड़ा है। इसके लक्षण एक सामान्य सर्दी-जुकाम से लेकर जानलेवा स्थिति तक जा सकते हैं।
- शुरुआती लक्षण- इंफेक्शन की शुरुआत में व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और गले में खराश जैसी शिकायतें होती हैं।
- सांस संबंधी समस्याएं- कुछ मरीजों में यह वायरस एटिपिकल निमोनिया का कारण बन जाता है, इससे सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती हैं।
- दिमाग पर असर- जब इंफेक्शन बढ़ता है, मरीज को चक्कर आना, सुस्ती और मानसिक भ्रम महसूस होने लगता है। गंभीर मामलों में यह 'एक्यूट एन्सेफलाइटिस' यानी दिमाग में सूजन का रुप ले लेता है।
- अंतिम अवस्था- गंभीर स्थिति में मरीज को दौरे पड़ने लगते हैं और वह 24 से 48 घंटों के भीतर कोमा में जा सकता है।
- याद रखें- निपाह वायरस का 'इनक्यूबेशन पीरियड' यानी के इंफेक्शन से लक्षण दिखने तक का समय आमतौर पर 4 से 14 दिन का होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह 45 दिनों का देखा गया है।
बचाव के लिए क्या करें?
- नियमित तौर पर हाथों की सफाई बेहद जरुरी है। इसलिए साबुन और पानी से हाथ जरुर धोएं।
- जब भी आप फलों का सेवन करें तो अच्छे सो धोएं और छिला हो, तभी सेवन करें। जमीन पर गिरे हुए या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फलों को भूलकर भी न खाएं।
- यदि आपके एरिया में इन्फेक्शन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, तो संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें।
- भीड़भाड़ वाले इलाकों या अस्पताल जाते समय मास्क और दस्तानों का इस्तेमाल करें।
क्या न करें?
- ताड़ का कच्चा रस न पिएं क्योंकि इसमें अक्सर चमगादड़ अपनी लार छोड़ देते हैं।
- बीमारी के लक्षण दिखने पर खुद डॉक्टर न बनें, तुरंत नजदीकी अस्पताल में अपना इलाज कराएं।
- जो लोग निपाह वायरस से संक्रमित है उनके पास जाने से बचें।
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